मीडिया सेंटर मीडिया सेंटर

आइसलैण्ड के अपने दौरे पर राष्ट्रपति का प्रेस वक्तव्य

सितम्बर 10, 2019

1. मुझे आइसलैण्ड का शासकीय दौरा करने पर गर्व है। मैं गमजोशी से स्वागत करने तथा शानदार आतिथ्य के लिए राष्ट्रपति जोनेसन का धन्यवाद करता हूँ। मैं आइसलैण्ड तथा यहाँ की जनता की सौम्यता तथा गर्मजोशी से अभिभूत हूँ।

2. मेरी राष्ट्रपति के साथ हमारे सम्बन्ध के समस्त पहलुओं पर गहन परिचर्चा हुई। हम दोनों ने दोनों देशों के बीच राजनीतिक सम्बन्धों, आर्थिक साझेदारी तथा सांस्कृतिक समझ को दृढ़ करने के प्रति पारस्परिक प्रतिबद्धता दर्शाई। हमने अपनी वैश्विक साझेदारी का मूल्यांकन किया और इसमें और अधिक गति प्रदान करने के उपायों पर चर्चा की।

3. आइसलैण्ड और भारत के सम्बन्ध अत्यन्त मैत्रीपूर्ण हैं। लोकतन्त्र, स्वतन्त्रता, कानून के नियम तथा मानव अधिकारों का सम्मान के प्रति हमारे साझा मूल्य हम दोनों देशों को परस्पर निकट लाते हैं। आज हमने मत्स्य पालन में सहयोग, सांस्कृतिक सहयोग तथा राजनयिक एवं आधिकारिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा वेवर के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। मुझे यह घोषणा करते भी प्रसन्नता हो रही है कि आइसलैण्ड विश्वविद्यालय में भारत समर्थित हिन्दी पीठ के प्रारम्भ हेतु सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गयी हैं और शीघ्र ही हिन्दी भाषा का शिक्षण प्रारम्भ हो जायेगा। मुझे "हरित ग्रह हेतु भारत-आइसलैण्ड" विषय पर विश्वविद्यालय को सम्बोधित करने की मैं प्रतीक्षा कर रहा हूँ।

4. आर्थिक पक्ष में, आइसलैण्ड-भारत सहयोग को मजबूत करने के लिए पर्याप्त सम्भावनाएँ हैं। राष्ट्रपति जोनेसन और मैंने अपने व्यापार, निवेश, तकनीक तथा नवाचारी सहयोग में वृद्धि के उपायों पर चर्चा की। 2025 तक पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला देश बनना भारत का लक्ष्य है। भारत का रूपान्तरकारी विकास तथा आइसलैण्ड की तकनीक एवं जिज्ञासा से एक-दूसरे को पर्याप्त लाभ मिल सकता है। हम स्थायी मत्स्य पालन, सामुद्रिक अर्थव्यवस्था, जल-परिवहन, हरित विकास, ऊर्जा, निर्माण तथा कृषि क्षेत्रों में आइसलैण्ड की क्षमता में वृद्धि करने के उत्सुक हैं। हमारी ओर से भारतीय कम्पनियाँ फार्मा, उच्चस्तरीय आईटी सेवाएँ, बायोतकनीकी, आटोमोबाइल, नवाचार तथा स्टार्ट-अप के क्षेत्र में आइसलैण्ड के लिए अवसरों का प्रस्ताव कर रही हैं। हम दोनों ने आइसलैण्ड का पर्यटन करने वाले अनेक भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या पर सन्तोष जताया है। मैं कहना चाहता हूँ कि भारत भी आइसलैण्ड के पर्यटकों का भारत में स्वागत करने का उत्सुक है। इस दौरे पर मेरे साथ 30 भारतीय कम्पनियाँ आई हैं। मैं कल राष्ट्रपति जोनेसन के साथ भारत-आइसलैण्ड बिजिनेस फोरम को सम्बोधित करने की प्रतीक्षा कर रहा हूँ।

5. राष्ट्रपति जोनेसन और मैंने अपनी वैश्विक साझेदारी के विषय में व्यापक चर्चा की। मैंने आइसलैण्ड को आर्कटिक परिषद की अध्यक्षता ग्रहण करने पर उन्हें धन्यवाद दिया और इसके प्रयासों एवं प्रतिफलों के लिए भारत द्वारा सार्थक योगदान करने की इच्छा व्यक्त की। मैंने दीर्घकालीन समर्थन के लिए भारत की कृतज्ञता को दुहराया कि आइसलैण्ड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के अभ्यर्थित्व के लिए अपना समर्थन दिया है।

6. हम दोनों अपने-अपने देशों में जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध संघर्ष में किये गये उत्तम कार्यों का उल्लेख किया। मैंने पेरिस समझौते के प्रति भारत के सशक्त समर्थन का सन्देश दिया। भारत इसकी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में तत्पर है। मैंने आइसलैण्ड को विश्व स्तर पर सौर ऊर्जा के प्रोत्साहन के लिए भारत के नेतृत्व वाले अन्तर्राष्ट्रीय सौर संगठन में शामिल होने का निमन्त्रण दिया। अब 75 देश इसके सदस्य बन चुके हैं।

7. हम दोनों सहमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गम्भीर खतरा है और आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक संघर्ष को सशक्त करने के लिए हम साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत अनेक दशकों से सीमापार आतंकवाद से त्रस्त रहा है। मैंने भारत के पुलवामा में आतंकी हमले की निन्दा करने के लिए आइसलैण्ड के समर्थन तथा एकजुटता हेतु राष्ट्रपति जोनेसन का धन्यवाद किया। हमने चर्चा की कि आतंकवाद मौलिक मानव अधिकारों का सर्वाधिक निकृष्ट उल्लंघन है और यह चाहे जिस किसी भी रूप में हो हमें इसका जोरदार मुकाबला करना ही होगा। मैंने भारत की प्रमुख चिन्ताओं को समझने के लिए राष्ट्रपति जोनेसन का धन्यवाद किया।

8. भारत आइसलैण्ड के साथ अपने सम्बन्धों को महत्त्व देता है और वह इसे आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं अपने द्विपक्षीय सम्बन्धों को और अधिक ऊँचाई तक ले जाने के लिए राष्ट्रपति जोनेसन के साथ कार्य करने का सदैव उत्सुक हूँ।

टैकफिरिर!
धन्यवाद!

रेकजाविक
सितम्बर 10, 2019

टिप्पणियाँ

टिप्पणी पोस्ट करें

  • नाम *
    ई - मेल *
  • आपकी टिप्पणी लिखें *
  • सत्यापन कोड * Verification Code