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पासपोर्ट सेवा दिवस 2020 समारोह में विदेश मंत्री का मुख्य भाषण

जून 24, 2020

माननीय राज्य मंत्री श्री मुरलीधरन जी,
सचिव (सीपीवी और ओआईए) श्री संजय भट्टाचार्य जी,
अपर सचिव (पीएसपी) श्री अरुन चैटर्जी जी,
सहकर्मियों,
वर्चुअल मोड के ज़रिए जुड़ने वाले पासपोर्ट अधिकारियों,

देवियों और सज्जनों, शुभ अपरान्ह।


मैं यह कहते हुए अपना संबोधन शुरू करूँगा कि पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर आप सभी को संबोधित करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है जो पासपोर्ट अधिनियम के अधिनियमन को चिह्नित करता है। मैं इस अवसर पर भारत और विदेशों में हमारे सभी पासपोर्ट निर्गमन प्राधिकरणों को बधाई देना चाहूँगा, और मुझे यकीन है कि आप सभी इस बात से सहमत होंगे कि हम इस साल बहुत ही अनोखी परिस्थितियों में मिल रहे हैं और इसलिए मैं आप सभी की सराहना करूँगा क्योंकि आप सभी ने कोरोना वायरस के बीच बदलती सार्वजनिक जरूरतों के प्रति बहुत अच्छी प्रतिक्रिया दी है और आज हमने इन बहुत कठिन परिस्थितियों के तहत भी अपनी सेवाओं को जारी रखा है, इस बात का श्रेय आप सभी को जाता है। पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम हमारी सरकार का एक महत्वाकांक्षी मिशन मोड कार्यक्रम है, जिसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी के रूप में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना का हिस्सा है और हमने वास्तव में, खासकर पिछले छह वर्षों में पासपोर्ट वितरण सेवा में सम्पूर्ण परिवर्तन देखा है।

भारत और विदेश में हमारे पासपोर्ट निर्गमन प्राधिकरणों ने देश और विदेश में सेवा प्रदान करने के लिए एक कुशल और पारदर्शी पासपोर्ट वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए इस समय अवधि में बहुत मेहनत की है। किसी भी परियोजना की सफलता स्पष्ट रूप से सकारात्मक रवैये पर निर्भर करती है जो सहायक नीतियों द्वारा समर्थित हों, मंत्रालय में हम यही करने की कोशिश कर रहे हैं और आज पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर मैं कहना चाहूँगा कि हमें अपनी वितरण प्रणाली को आगे भी सुधारने के लिए प्रतिबद्ध बनना चाहिए।

मित्रों,

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, हम सबसे पहले आउटरीच प्रयासों को मजबूत बनाने पर ध्यान केन्द्रित करेंगे, क्योंकि हम अपने देश के प्रत्येक नागरिक के घर तक पासपोर्ट सेवा पहुँचाना चाहते हैं। आप सभी जानते हैं कि डाक विभाग के सहयोग से, हमने वास्तव में बहुत ही परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत की है जिससे हम पिछले तीन वर्षों में 424 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने में सक्षम हो सके हैं। वास्तव में, इनमें से 12 डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्रों का उद्घाटन सरकार के पहले सौ दिनों में हुआ था और मुरलीधरन जी की तरह, मुझे भी गुजरात के राजपीपला में एक पीओपीएसके का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।

अब, आप जानते हैं कि हम ऐसे प्रत्येक लोक सभा क्षेत्र में अपना पीओपीएसके खोलने का इरादा रखते हैं, जहाँ आज कोई पीएसके मौजूद नहीं है, और हम अब तक 488 लोक सभा क्षेत्रों में पीओपीएसके प्रदान करने में सक्षम रहे हैं। अब, जाहिर है कि हम जिस प्रक्रिया को महत्वकांक्षी ढंग से आगे बढ़ा रहे थे, वह कोविड-19 महामारी के कारण क्षण भर के लिए रुक गई है, लेकिन हमारे दोनों मंत्रालय उन पीओपीएसके के शीघ्र उद्घाटन की औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं जिनकी घोषणा पहले ही की जा चुकी है और मुझे यकीन है कि लॉकडाउन में राहत मिलने के साथ ही हम इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। और, हमारा एक अनुकरणीय भागीदार होने के नाते मैं डाक विभाग की भी सरहना करना चाहूँगा और मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे बीच जो भागीदारी बनी है, वह सरकार की अन्य कई प्रभागों के लिए भी एक उदाहरण बनेगा।

अब, जहां तक हमारे वैश्विक आउटरीच का सवाल है, हमने विदेशों में भारतीय मिशनों और पोस्टों को पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के साथ एकीकृत करने की बात कही है, मैं यहां पर बल देकर कहना चाहूँगा कि हमें इन सभी मिशनों और पोस्टों का उद्घाटन करने में एक निश्चित समय-सीमा तय करनी चाहिए, ताकि हमारे पास वास्तव में एक केंद्रीकृत पासपोर्ट निर्गमन प्रणाली हो और विदेशों में रहने वाले, विदेश यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को हमारे द्वारा संचालित एक निर्बाध प्रणाली से लाभ मिल सके।

अब, हमें पासपोर्ट और संबंधित सेवाओं के वितरण के लिए बड़े और बेहतर तरीके से प्रौद्योगिकी के उपयोग का लाभ उठाने की आवश्यकता है। हमें उन सभी साधनों का पूर्ण उपयोग करना चाहिए जो बहुत अधिक डिजिटल हैं, जो सरकार हमें मुहैया करवाने की इच्छा रखती है। "एमपासपोर्टसेवा” मोबाइल ऐप, "एमपासपोर्टपुलिस” मोबाइल ऐप और "अप्लाई फॉर पासपोर्ट फ्रॉम एनीवेयर” (कहीं से भी पासपोर्ट के लिए आवेदन करना) योजना वास्तव में हमें दिखाती है कि पासपोर्ट वितरण के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का उपयोग कितनी अच्छी तरह से किया जा सकता है। मुझे लगता है कि इसका अधिकांश हिस्सा, मेरा मतलब है, मुझे आपको ये बताने की ज़रूरत नहीं है, वो आप लोग ही हैं जो वास्तव में इसे साकार करते हैं, लेकिन आज यह आवश्यक है कि लोग "एमपासपोर्टसेवा” मोबाइल ऐप को अपनाएं, उदाहरण के लिए, लोग पासपोर्ट के लिए आवेदन, शुल्क भुगतान, अपॉइंटमेंट का समय तय करने के अर्थों में एक बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं, और हमने आवेदकों को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से अपॉइंटमेंट के बारे में जानकारी भेजना शुरू कर दिया है, और आप जानते हैं, मैं ऐसे कई लोगों से मिला हूँ जिन्होंने अपने पासपोर्ट आवेदन के फॉलो-अप में इसे कही अधिक सुविधाजनक पाया हैI इसके अलावा, आगमन पर इलेक्ट्रॉनिक टोकन और सेवा पूरी होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक निकास पत्र का निर्गमन, कागज रहित सेवा प्रदान करके और डिजिटल इंडिया को कार्यान्वित करके बेहद हरित तरीके से पर्यावरण की रक्षा करने का एक बेहतरीन उदाहरण है। निश्चित रूप से, ऐसी निर्बाध प्रक्रियाओं ने न केवल सेवा वितरण में मदद की है, बल्कि सार्वजनिक शिकायतों को कम भी किया है, और मैं राज्य मंत्री जी की बात से सहमत हूं कि जब लोक सेवाओं की बात आती है तो पहले भी शिकायतें आती रही हैं और हमेशा शिकायतें आती रहेंगी, लेकिन इसके प्रति अधिक कुशल ढंग से प्रतिक्रिया देना हमारी जिम्मेदारी है। मेरे विचार में, जनता को विशेष रूप से इस सरकार से यही अपेक्षा है।

"अप्लाई फॉर पासपोर्ट फ्रॉम एनीवेयर” (कहीं से भी पासपोर्ट के लिए आवेदन करना) योजना आवेदकों को स्पष्ट रूप से किसी भी पासपोर्ट सेवा केंद्र जाकर पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की अनुमति देता है, भले ही वह उस क्षेत्र में न हो और मुझे लगता है कि जनता ने इसकी भी बहुत सराहना की है। पासपोर्ट नियमों के सरलीकरण के लिए हमने पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण पहल किए हैं, और मुझे लगता है कि वास्तव में हमने जो सबसे उल्लेखनीय सुधार किया है, वो ये है कि ‘तत्काल योजना’ के तहत पासपोर्ट के लिए आवेदन करने हेतु एक राजपत्रित अधिकारी से सत्यापन प्रमाणपत्र जमा करने की आवश्यकता को समाप्त किया गया है, और निश्चित ही, स्व-प्रमाणित दस्तावेजों को स्वीकार किया जा रहा है। हमने दस्तावेजों की संख्या कम कर दी है और नाबालिगों, सिंगल पैरेंट वाले नाबालिगों के लिए और उन लोगों के लिए पासपोर्ट निर्गमन प्रक्रिया में राहत दी है जो अलग हो चुके हैं या तलाकशुदा हैं।

और मैं यहाँ इस बात पर बल देना चाहूँगा कि, सुधार एक बड़ा शब्द है लेकिन वास्तव में असली सुधार छोटी-छोटी चीजों से होता है, यह बारीकी के बारे में, यह एक अंतर पैदा करने के बारे में है, कभी-कभी ये कोई बहुत छोटी चीज हो सकती है, लेकिन आज मैं इस बात पर बल देना चाहता हूँ कि प्राप्तकर्ताओं के लिए इन सभी चीजों का बड़ा महत्व है। अब, हमने पासपोर्ट धारकों को उनका पासपोर्ट समाप्त होने से पहले एसएमएस भेजना शुरू किया है और यह एक नागरिक अनुकूल पहल और एक अग्र-सक्रिय सेवा वितरण उपाय है। ये पहल नागरिकों को लाभ पहुंचाने के लिए की गई हैं, मुझे लगता है कि नागरिक ये जानते हैं, वे इसकी सराहना करते हैं, और मेरे विचार में, हमारा ध्यान विशेष रूप से इस बात पर होना चाहिए कि हम कानूनी सुरक्षा चिंताओं के साथ समझौता किए बिना अपने नियमों और प्रक्रियाओं को किस प्रकार सरल बना सकते हैं, मैं चाहूँगा कि आप सभी इस बारे में सोचें, और मुझे लगता है कि हमें पासपोर्ट निर्गमन में और अधिक सुधार लाने की आवश्यकता है। अब, मुझे राज्य पुलिस अधिकारियों की उन भूमिकाओं के बारे में बताने की जरूरत नहीं जो वे पासपोर्ट का समय पर वितरण देने में निभाते हैं।

मैं, आज उन्हें फिर से धन्यवाद देना चाहूंगा क्योंकि उनकी भागीदारी के बिना यह प्रक्रिया उतनी कुशलतापूर्वक नहीं हो सकती थी जितना की आज है और मैं उन सभी को फिर से बधाई देना चाहूँगा और राज्य मंत्री जी की तरह मैं भी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हरियाणा जैसे राज्यों के पुलिस अधिकारियों को बधाई देना चाहूँगा जिन्होंने इस संबंध में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मैं विशेष रूप से इन राज्यों के पुलिस अधिकारियों को बधाई देता हूं, और हम पिछले साल के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे।

हमारी सरकार का ध्यान प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण के उपयोग को बढ़ाने पर केंद्रित है और यहां एक महत्वपूर्ण कदम चिप-सक्षम ई-पासपोर्ट की शुरुआत करना है, जो हमारे नागरिकों के लिए उन्नत सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करेगा। हम इस संबंध में भारतीय सुरक्षा प्रेस, नासिक के साथ और इस परियोजना को लागू करने के लिए एनआईसी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मुझे पूरा यकीन है कि ई-पासपोर्ट की शुरुआत के साथ हमारे यात्रा दस्तावेज अधिक सुरक्षित बनेंगे और मैं समझता हूं कि फ़िलहाल इसके उत्पादन के लिए खरीद प्रक्रिया चल रही है। और मैं इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने पर भी बल दूंगा। उस संदर्भ में, मैं भारत सुरक्षा प्रेस, नासिक की भी प्रशंसा करना चाहूंगा। उन्होंने हमारे पासपोर्ट बुकलेट की गुणवत्ता और सुरक्षा सुविधाओं में सुधार लाने के लिए लगातार नए कदम उठाए हैं और इसके अलावा हमें ई-पासपोर्ट को प्राथमिकता देते हुए इसका उत्पादन जल्द आरम्भ करने की आवश्यकता है। मैं केन्द्रीय पासपोर्ट संगठन के अधिकारियों, हमारे सभी पासपोर्ट अधिकारियों, विदेश में हमारे मिशनों और पोस्टों की भी प्रशंसा करना चाहूँगा क्योंकि उनके सहयोगात्मक प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में, वर्ष दर वर्ष 1 करोड़ से अधिक पासपोर्ट जारी करना संभव हो पाया है। और मैं ये बात जानता हूँ कि काम करते हुए आपकी अपनी कुछ चुनौतियां होती हैं, कभी-कभी निजी चुनौतियां होती हैं, कभी-कभी संसाधनों की चुनौतियां होती हैं, लेकिन मैं आपकी मेहनत, आपके समर्पण और लोक सेवा के प्रति आपकी प्रतिबद्धता का सम्मान और सराहना करता हूँ और मैं कहना चाहूँगा कि इन चुनौतियों के कई उदाहरण हैं जैसे कि कोरोनावायरस के बाद केन्द्रों को पुनः खोलना, लेकिन आपने इसके प्रति जो अच्छी प्रतिक्रिया दी है, वह वास्तव में दर्शाता है कि आप सभी ने एक-साथ मिलकर कितनी अच्छी तरह काम किया है।

मैं यह भी कहूँगा कि मैं पहले ही पुलिस अधिकारियों, डाक विभाग और सुरक्षा प्रेस, नासिक की प्रशंसा कर चुका हूँ, लेकिन मैं उस सहयोग को भी मान्यता देना और प्रशंसा करना चाहूँगा जो हमें हमारे सेवा प्रदाता, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज से मिली है। वे पासपोर्टों के निर्गमन में एक बड़ा बदलाव लेकर आए हैं और इसे सफल बनाया है।

इस संबंध में, मैं पासपोर्ट सेवा पुरस्कार के विजेताओं को बधाई देना चाहता हूं और आशा करता हूं कि उनका प्रदर्शन, उनका उदाहरण दूसरों में भी अधिक उत्साह और प्रतिबद्धता और प्रोत्साहन का कारण बने और मैं किसी दिन उन्हें अपने हाथों से पुरस्कार देना चाहता हूँ, आशा है कि ऐसा संभव हो सकेगा।

तो, अब मैं, सचिव (सीपीवी और ओआईए) की बातों को दोहराते हुए अपना संबोधन समाप्त करना चाहूँगा, आज देश में और सरकार में इस बात को व्यापक रूप से मान्यता दी जाती है कि पासपोर्ट वितरण कार्यक्रम सरकार की एक ऐसी सेवा है जिसमें बहुत अधिक सुधार आया है, और आज आम जनता जिसकी बहुत सराहना कर रही है। इसने कई तरह से एक आदर्श उदाहरण स्थापित किया है। तो, इसे संभव बनाने में आप सभी के प्रयासों के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूँ।

मैं आज इस संबंध में विदेश मंत्रालय की टीम और सीपीओ की टीम को बधाई देता हूं। मुझे यकीन है कि आप सभी अपना बेहतर प्रदर्शन करते रहेंगे ताकि हम जनता की अपेक्षाओं को पूरा कर सकें। और एक बार फिर, मैं आपको पासपोर्ट सेवा दिवस की बधाई देता हूं।

आपका बहुत बहुत धन्यवाद!

नई दिल्ली
जून 24, 2020

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