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पीएम की बांग्‍लादेश यात्रा से प्रगाढ़ हुए संबंध​

जून 08, 2015

संपादकीय / नयी दुनिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा में सबसे ज्यादा ध्यान दोनों देशों के बीच 162 बस्तियों की अदला-बदली की सहमति को कार्यरूप देने पर ही रहा, मगर इस दौरान ऐसे दूसरे करार भी हुए, जो बेशकीमती हैं। इनसे भारत को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रणनीतिक व आर्थिक लाभ होंगे।

मसलन, एक समझौते के तहत भारतीय मालवाहक जहाजों को बांग्लादेश के चटगांव और मोंगला बंदरगाहों के इस्तेमाल का अधिकार मिला है। चटगांव बंदरगाह को चीन ने विकसित किया। रणनीतिक हलकों में इसे भारत को घेरने की उसकी योजना हिस्सा माना जाता था। चीन बांग्लादेश के कोक्स बाजार तट के पास सोनडिहा द्वीप पर भी बंदरगाह बना रहा है। अब बांग्लादेशी बंदरगाहों पर भारतीय जहाजों का पहुंचना आर्थिक रूप से तो फायदेमंद होगा ही, साथ ही उससे चीन के पसरते पांवों पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी।

इससे बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय संबंधों में गुजरे वर्षों में बने संदेहों का समाधान होगा। इसके अलावा भारतीय कंपनियों द्वारा बांग्लादेश के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश तथा भारत से बांग्लादेश को अधिक बिजली की बिक्री के करार और दोनों देशों के बीच शुरू हुई बस सेवाओं से भी दोनों देशों की आर्थिक खुशहाली का रास्ता खुलेगा। प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश को दो अरब डॉलर का कर्ज देने की घोषणा की। यह रकम बुनियादी ढांचा विकास, बिजली, स्वास्थ्य एवं शिक्षा परियोजनाओं के लिए होगी। इन कार्यों में भारतीय कंपनियों को बड़े ठेके मिलने की आशाएं हैं। उद्योग जगत ने संभावना जताई है कि उनसे भारत में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे.........[और पढ़ें]

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