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भारत और अफ्रीकी संघ द्वारा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन III के रणनीतिक सहयोग ढांचे की मध्यावधि समीक्षा बैठक पर संयुक्त प्रेस वक्तव्य

सितम्बर 12, 2019

1. अफ्रीका-भारत फोरम शिखर सम्मेलन III के रणनीतिक सहयोग ढांचे की मध्यावधि समीक्षा बैठक 11 से 12 सितंबर, 2019 तक नई दिल्ली, भारत में हुई। बैठक में विदेश मंत्रालय, भारत, अदीस अबाबा, इथियोपिया में अफ्रीकी संघ से प्रतिनिधिमंडल और नई दिल्ली, भारत में IAFS समिति सहित अफ्रीकी राजनयिक कोर के प्रतिनिधि शामिल थे।

2. बैठक की अध्यक्षता श्री टीएस तिरुमूर्ति, सचिव (आर्थिक संबंध), विदेश मंत्रालय (एमईए), भारत और श्री फफरे केमरा, माली गणराज्य के राजदूत और अफ्रीकी संघ की स्थायी सहकारी समिति (पीआरसी) की बहुपक्षीय सहयोग (SCWMC) पर संपूर्ण उप समिति के अध्यक्ष ने की।

3. आईएएफएस III के दिल्ली घोषणा 2015 में दिए गए जनादेश के अनुसार, बैठक ने आईएएफएस III के निम्नलिखित सहयोग क्षेत्रों के कार्यान्वयन की स्थिति का जायजा लिया : आर्थिक, व्यापार और उद्योग, कृषि, ऊर्जा, समुद्री/ महासागर अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य, शांति और सुरक्षा, बहुपक्षीय मंचों और निगरानी तंत्र। बैठक में 2020 में होने वाली आईएएफएस IV की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने अगले आईएएफएस IV शिखर सम्मेलन की तैयारियों में शीघ्र जुड़ाव की आवश्यकता को रेखांकित किया।

4. दोनों पक्षों ने आईएएफएस -III के दौरान राजनेताओं द्वारा निर्धारित विभिन्न लक्ष्यों को प्राप्त करने में हुई प्रगति का मूल्यांकन किया। उन्होंने भारत और अफ्रीका के बीच समग्र जुड़ाव में जबरदस्त वृद्धि का स्वागत किया। विशेष रूप से, अफ्रीकी पक्ष ने भारत और अफ्रीका से पिछले पांच वर्षों में उच्चतम स्तर पर यात्राओं के काफी कदम उठाने का स्वागत किया और अफ्रीकी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक बढ़ाया गया।

5. अफ़्रीकी संघ प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय पक्ष द्वारा आईएएफएस -III के अंतर्गत क्रेडिट, अनुदान और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से किए गए विभिन्न प्रतिबद्धताओं के कार्यान्वयन की स्थिति पर की गई प्रस्तुति को स्वीकार किया। बैठक में भारतीय पक्ष द्वारा उल्लेखित कार्यान्वयन की स्थिति का स्वागत किया गया, विशेष रूप से भारतीय क्रेडिट लाइन के अंतर्गत 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कुल आईएएफएस -III प्रतिबद्धता में 6.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का भुगतान किया गया है, आईएएफएस -III में अनुदान सहायता के लिए निर्धारित 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता का लक्ष्य पार होकर अमेरिका डॉलर 700 मिलियन से अधिक की राशि पहले से ही अनुदान सहायता के रूप में प्रतिबद्ध / चल रही हैं जोकि आईएएफएस -III में निर्धारित 50,000 स्लॉट प्रशिक्षण की प्रतिबद्धता में से प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति और क्षमता निर्माण के लिए 40,000 से अधिक स्लॉट पूरे हो चुके हैं। कार्यसूची 2063 की महत्वाकांछी परियोजनाओं और अफ्रीकी संघ महाद्वीपीय ढांचे सहित साझेदारी के बहुपक्षीय घटक को सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।

6. दोनों पक्षों ने प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए शुरू की गई पहल की सराहना की, विशेष रूप से ऊर्जा में, जिसमें सौर ऊर्जा, व्यापार और निवेश, समुद्री अर्थव्यवस्था, क्षमता निर्माण, मानव संसाधन विकास, संस्कृति, स्वास्थ्य और शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण, रक्षा और सुरक्षा शामिल हैं। अफ्रीकी पक्ष ने भारत द्वारा अफ्रीका में अतिरिक्त मिशन खोलने की घोषणा पर ध्यान दिया। भारतीय पक्ष ने अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र में प्रवेश का स्वागत किया और इसके कार्यान्वयन का समर्थन करने के अवसरों की अफ्रीकी पक्ष के साथ संयुक्त रूप से जांच करेगा।

7. अफ़्रीकी संघ प्रतिनिधिमंडल ने जुलाई 2018 में अफ्रीका के साथ भारत की प्रतिबद्धता के प्रधानमंत्री मोदी के दस मार्गदर्शक सिद्धांतों का स्वागत किया। अफ्रीकी पक्ष ने अफ्रीका में भारत के योगदान की गहरी प्रशंसा व्यक्त की।

8. विचार-विमर्श के दौरान, दोनों पक्षों ने अफ़्रीकी संघ एजेंडा 2063 के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की जैसेकि महाद्वीपीय स्तर पर परियोजनाएं, स्वास्थ्य केंद्र में रोग नियंत्रण और रोकथाम जैसे स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग; अफ्रीका मेडिकल एजेंसी, शांति और सुरक्षा जिसमें 2020 तक साइलेंस द गन जैसी पहल, अफ्रीकी वैकल्पिक बल, समुद्री सुरक्षा, यूरोपीय शेल्फ का भूमापन, संयोजकता और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं। दोनों पक्ष उग्रवाद और आतंकवाद के विरुद्ध आम चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सांस्कृतिक सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए, दोनों पक्षों ने भारत में अफ्रीका के त्योहार मनाने, आईसीसीआर के विशिष्ट आगंतुक कार्यक्रम के अंतर्गत अफ़्रीकी संघ नामांकन और छात्रवृत्ति और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उपयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

9. दोनों पक्षों ने सौर ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पारंपरिक चिकित्सा आदि जैसे सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की। इस संदर्भ में भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के लिए अफ्रीकी देशों के समर्थन की सराहना की। उन्होंने दो अफ्रीकी देशों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किए गए प्रथम ई-आईटीईसी कार्यक्रम और ई-आईटीईसी में उच्च कोटि के भारतीय वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों की भागीदारी का उल्लेख किया। दोनों पक्षों ने टेली-मेडिसिन और टेली-शिक्षा कार्यक्रम ई-वीबीएबी के शुभारम्भ का स्वागत किया।

10. दोनों पक्ष स्थापित संयुक्त निगरानी तंत्रों के माध्यम से प्रगति की नियमित समीक्षा करते रहने पर सहमत हुए।

नई दिल्ली
12 सितंबर, 2019

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