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तेहरान में होने वाले XVIवें एनएमए शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी

अगस्त 21, 2012

NAM Summit प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह 30-31 अगस्त, 2012 को तेहरान, ईरान में आयोजित होने वाली गुट निरपेक्ष आंदोलन के राज्‍य और शासन प्रमुखों की XVI शिखर बैठक में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री डा. सिंह ने पिछले दो गुटनिरपेक्ष आंदोलन के जुलाई 2009 शर्म अल शेख, मिस्र में तथा सितंबर 2006 में हवाना, क्यूबा में आयोजित शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया था।

शिखर स्तरीय बैठक के पूर्व 28-29 अगस्त को परम्‍परागत मंत्रिस्‍तरीय बैठक और 26-27 अगस्त को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक होगी। विदेश मंत्री श्री एस.एम. कृष्णा मंत्रिस्तरीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। विदेश मंत्री जी फिलिस्तीन पर गुटनिरपेक्ष आंदोलन समिति की 28 अगस्त को आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व भी करेंगे। विदेश सचिव श्री रंजन मथाई वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्‍व करेंगे।

NAM Summit गुटनिरपेक्ष आंदोलन के राज्य या शासन प्रमुखों को शिखर सम्मेलन में सर्वोच्च निर्णय लेने का अधिकार है। तेहरान शिखर सम्मेलन में गुटनिरपेक्ष आंदोलन की अध्यक्षता क्षेत्रीय रोटेशन के अनुसार गुटनिरपेक्ष आंदोलन की परम्‍परा के तहत मिस्र से ईरान की दे दी जाएगी। "संयुक्त ग्लोबल गवर्नेंस के माध्यम से स्थायी शांति" तेहरान शिखर सम्मेलन का प्रमुख विषय है। गुटनिरपेक्ष आंदोलन की परम्‍परा के अनुसार, शिखर सम्मेलन में वैश्विक, क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ विकास और मानव अधिकारों और सामाजिक विषयों से संबंधित मुद्दों पर व्यापक तरीके से ध्यान दिया जाएगा। आमतौर पर गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर बैठकों में सभी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ मेजबान अथवा अन्‍य सदस्‍यों द्वारा उठाई गई विशेष घोषणाओं पर आंदोलन की स्‍थिति पर एक अंतिम दस्तावेज सूची को स्वीसकार किया जाता है।

गुटनिरपेक्ष आंदोलन की सचिवालय या एक संविधान के रूप में औपचारिक संरचना नहीं है।. अध्‍यक्ष सिद्धांतों और आंदोलन की गतिविधियों को बढ़ावा देने, प्रशासनिक संरचना प्रदान करने और कार्य में समन्वय की जिम्मेदारी सौंपता है। न्यूयॉर्क में गुटनिरपेक्ष आंदोलन का समन्वय ब्यूरो (एनएएम-सीओबी आंदोलन के कार्य के समन्वय के लिए केन्द्र बिन्दु के रूप में कार्य करता है। आंदोलन द्वारा सभी फैसले कार्टाजेना (कोलम्बिया) में 11 अक्टूबर 1995 में गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन में अपनायी गई क्रियाविधि पर कार्टाजेना दस्तावेज़ के अनुसार सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। दस्‍तावेज नोट मतैक्‍य पर बल देता है। दस्‍तावेज यह भी इंगित करता है कि संवेदनशील मुद्दों पर निर्णय विशेष ध्यान खुलापन और व्यापकतम संभव भागीदारी के साथ व्यापक विचार - विमर्श करके लिए जाएं।

गुटनिरपेक्ष आंदोलन और भारत

गुट निरपेक्ष आंदोलन सिद्धांतों पर आधारित है जैसे अंतरराष्ट्रीय मामलों: राज्यों की संप्रभुता, समानता, और सामाजिक - आर्थिक विकास के माध्यम से विकासशील देशों की प्रगति, क्षेत्रीय अखंडता, शांतिपूर्ण, न्यायसंगत वैश्‍विक आदेशों का भारत ने हमेशा समर्थन किया है और अपनाया है।

गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापक सदस्य के रूप में, भारत लगातार यह सुनिश्चित करता रहा है कि आंदोलन सहयोग और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़े। उत्‍तर दक्षिण के पारम्‍परिक विभाजन के अंतर को कम करने के लिए भारत ने कड़ी मेहनत की है। तेहरान में गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन के प्रति भारत का व्यापक दृष्टिकोण है कि यह आंदोलन विविध सदस्‍यों को तोड़ने के बजाए जोड़ेगा, इस प्रकार यह आंदोलन विकासशील देशों की वास्तविक चिंताओं के लिए एक प्रभावी आवाज के रूप में सेवा करने के लिए ध्यान केंद्रित करने की ओर उन्मुख होगा।

पिछले शिखर सम्मेलन और घोषणाएं

XV गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन, शर्म अल शेख (मिस्र) में भारत - जुलाई 2009

XIV गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन, हवाना (क्यूबा) में भारत - सितंबर 2006



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