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हिंद महासागर कूटनीति: सेशेल्सi-भारत संबंध

मार्च 09, 2015

लेखक : मनीष चंद

सेशल्‍स के बारे में सोचिए, और सौंदर्य प्रतियोगिताओं, हनीमून मनाने वालों और लक्‍जरी हॉलिडे के लिए ज्‍यादा मशहूर द्वीपसमूहों के इस मनमोहक देश में भारत हमेशा छाया रहा है। व्‍यापार, ट्रेनिंग, टेक्‍नोलॉजी, मंदिर के साथ-साथ टाटा की बसें और कछुएं... ये विभिन्‍न प्रकार के धागों से बनी डोर है जिनसे भारत और अतिशय सुन्‍दरता के 115 द्वीपों के इस द्वीपसमूह देश के बीच के समकालीन रिश्‍तों की अति सुन्‍दर पच्‍चीकारी का निर्माण होता है। यही कारण है कि भारत के प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी की हिंद महासागर के समुद्रतटीय देशों की तीन देशों की यात्रा (10-14 मार्च) में, जिसमें मारीशस और श्रीलंका भी शामिल हैं, सेशेल्‍स पहला गंतव्‍य स्‍थान है। यह एक शानदार राजनयिक भ्रमण है क्‍योंकि ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोई भारतीय प्रधान मंत्री तीन समुद्रतटीय देशों की यात्रा पर जाएंगे और यह भारत के कूटनीतिक-रणनीतिक गुणा-भाग और समीकरणों की दृष्टि से हिंद महासागर की बढ़ती प्रमुखता को रेखांकित करता है। प्रधान मंत्री मोदी का दौरा इस विन्‍यास में सेशेल्‍स के विशिष्‍ट स्‍थान को दर्शाएगा।

भारत के कई राष्‍ट्रपतियों ने इस अफ्रीकी समुद्र-तटीय राष्‍ट्र का भ्रमण किया है, पिछली बार राष्‍ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने साल 2012 में सेशेल्‍स का भ्रमण किया था लेकिन, यह तीन दशकों से अधिक के अंतराल के बाद रणनीतिक दृष्टि से अत्‍यन्‍त महत्‍वपूर्ण स्‍थान पर स्थित इस देश में प्रधान मंत्री स्‍तर का पहला दौरा होगा। श्रीमती इंदिरा गांधी वह पिछली भारतीय प्रधान मंत्री थीं जिन्‍होंने 1981 में विक्‍टोरिया का दौरा किया था। (श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1981 में सेशेल्‍स का दौरा किया था)

रणनीति और रक्षा

रक्षा और सामुद्रिक सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करना एजेंडा में प्राथमिकता पर है। इस रीजन में समुद्री डाकुओं की भरमार को देखते हुए भारत सेशेल्‍स पीपुल्‍स डिफेंस फोर्सेज (एसपीडीएफ) की क्षमता को सुदृढ़ करने में सक्रिय रहा है। भारत ने एसपीडीएफ को सैन्‍य वाहनों और निगरानी उपस्‍करों का दान किया है। वर्ष 2014 में भारत ने सेशेल्‍स के जल सीमा क्षेत्र, जो 1.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर से अधिक के विस्‍तृत अनन्‍य आर्थिक क्षेत्र (ई ई जेड) को समेटे हुआ है, में निगरानी और गश्‍त करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए सेशेल्‍स को नौसेना जहाज, आईएनएस तरासा का दान किया। सेशेल्‍स कोस्‍ट गार्ड के बेड़े में इस जहाज को शामिल करने पर इसका नाम ''पीएस कान्‍स्‍टैंट'' रखा गया। यह 2006 में पीएस टोपाज के बाद सेशेल्‍स को उपहास्‍वरूप दिया जाने वाला दूसरा भारतीय नौसैनिक जहाज है। एसपीडीएफ के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भारत की सैन्‍य अकादमियों में प्रशिक्षण लिया है और अपने देश के सैन्‍य बलों में प्रमुख पदों पर कायम रहे हैं। साल 2013 में, भारत ने सेशेल्‍स के एक्‍सक्‍लूसिव इकोनोमिक जोन की आतंकवाद और समुद्री डकैती से रक्षा करने के लिए सेशेल्‍स को एक डोर्नियर-228 समुद्री खोजी विमान भेंटस्‍वरूप दिया।

(तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल अप्रैल, 2012 में सेशेल्‍स के अपने विजिट के दौरान सेशेल्‍स के राष्‍ट्रपति जेम्‍स मिचेल के साथ)विकास के भागीदार

रक्षा से परे विकास और क्षमता निर्माण वे क्षेत्र हैं जिनमें भारत-सेशेल्‍स भागीदारी मजबूत हुई है। साल 2012 में भारत ने सेशेल्‍स सरकार को 50 मिलियन यूएस डालर ऋण के रूप में और 25 मिलियन यूएस डालर अनुदान के रूप में दिया। भारत के फ्लैगशिप आईटीईसी प्रोग्राम ने एक सेतु निर्माता के रूप में काम किया है और इसके तहत नागरिक, रक्षा और अन्‍य क्षेत्रों में लगभग 1000 सेशेल्‍सवासियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। ऋण एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के अलावा भारत इस द्वीपीय देश में आईटी सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस के सहित ढेरों परियोजनाओं से जुड़ा रहा है। सेशेल्‍स का विक्‍टोरिया हॉस्पिटल पैन-अफ्रीकन सेटेलाइट टेली-मेडिसीन सिस्‍टम के अंतर्गत भारत में प्रमुख अस्‍पतालों के साथ जुड़ा हुआ है। भारत द्वारा शुरू की नई पहलों में सोलर फार्मों की स्‍थापना करने और सेशेल्‍स के पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करने में मदद पहुंचाना शामिल हैं। सबको लाभ पहुंचाने वाली इस विकासात्‍मक सहायता की सेशेल्‍स के लोगों द्वारा काफी सराहना की गई है। सेशेल्‍स के राष्‍ट्रपति जेम्‍स एलिक्‍स मिचेल कहते हैं, ''सेशेल्‍स की आजादी के समय से भारत हमारा विश्‍वासी दोस्‍त और भागीदार रहा है। हम एक ही महासागर पर बसते हैं और हमारी सांस्‍कृतिक विरासत एक दूसरे के निकट है। भारत ने हमारे विकास में, शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, मैनपावर प्रशिक्षण, और सुरक्षा मामलों में हमारी सहायता की है।'' दोनों राष्‍ट्रों के बीच की मित्रता की सराहना करने वाली एक पहल में राष्‍ट्रपति ने अक्‍तूबर 2014 में कोलकाता में अलीपुर चिडि़याघर को दो विशाल अलडाबरा कुछओं का उपहार दिया।

(भारत ने 2013 में सेशेल्‍स को डोर्नियर समुद्री गश्‍ती विमान का उपहार दिया। डोर्नियर में अत्‍याधुनिक एवियोनिक्‍स और रडार उपस्‍कर लगे हुए हैं। यह सेशेल्‍स वायु सेना की सामुद्रिक सक्षमता का मुख्‍य आधार है)

व्‍यावसायिक संबंध

बिजनेस के क्षेत्र में ढेरों भारतीय कम्‍पनियां भारतीय उद्यम का पताका ऊंचा लहराए हुई हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा इस देश में 1978 से सक्रिय है। पोलारिस साफ्टवेयर लैब ऑफ इंडिया ने सेशेल्‍स में बैंकिंग सेवाओं का विकास करने में मदद पहुंचाई है। माहे द्वीप के अन्‍य इलाकों में चलने वाली अपनी बसों के साथ टाटा घर-घर में जाना-पहचाने जाने वाला नाम बन गया है। अशोक लीलैंड की अत्‍याधुनिक बसें और भारती एयरटेल द्वारा 4जी मोबाइल नेटवर्क की शुरुआत इस द्वीपीय देश में भारतीय कारपोरेट की कामयाबी का बखान करते हैं।

सांस्‍कृतिक संबंध

सांस्‍कृतिक दृष्टि से, भारतीय डायस्‍पोरा, जिनका द्वीपीय देश की आबादी में 8 प्रतिशत हिस्‍सा है, भारतीय परम्‍पराओं और मूल्‍यों के ध्‍वजवाहक बने हुए हैं। भारतीय मूल के व्‍यक्ति, जो अधिकतर तमिलनाडु से और बाद में गुजरात से आए हुए हैं, इस द्वीपीय राष्‍ट्र के सबसे पहले के वासियों में आते हैं। वे व्‍यापारियों, श्रमिक और निर्माण मजदूरों के रूप में और अधिक हाल में प्रोफेशनलों और उद्यमियों के रूप में आए। विक्‍टोरिया में लार्ड नवशक्ति विनयागार मंदिर इस देश में भारतीय लोगों के धार्मिक जीवन का केन्‍द-बिन्‍दु है। चाहे होली हो, दिवाली या दशहरा हो, आप अच्‍छे समय के लिए और भारत के साथ कायम निरंतर मजबूत बंधनों के लिए हमेशा सेशेल्‍स के लोगों पर भरोसा कर सकते हैं।

आगे की राह

हिंद महासागर में निरंतर सामने आते एक बड़े सामुद्रिक खेल के बीच भारत के रणनीतिक हित की दृष्टि से सेशेल्‍स के महत्‍व को नकारा नहीं जा सकता। यूएस के हवाई एवं नौसेना बेस, डिएगो गार्सिया के पूरब में केवल 600 मील की दूरी पर स्थित हिंद महासागर द्वीपपुंज भू-राजनीतिक प्रतिस्‍पर्धा का केन्‍द्र बनता जा रहा है और यह सोमाली जल-दस्‍युओं के हमलों के प्रति अरक्षित है। विक्‍टोरिया ने, हालांकि, भारत को एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप तरजीह दी हुई है। साल 2010 में भारत में अपने विजिट के दौरान सेशेल्‍स के राष्‍ट्रपति जेम्‍स एलेक्‍स मिचेल ने निरंतर मजबूत होती भारत-सेशेल्‍स भागीदारी की मूल भावना को अभिव्‍यक्‍त करते हुए कहा, ''भारत वह पहला देश है जिसने समुद्री डकैती के विरुद्ध लड़ाई में सेशेल्‍स की मदद की। हम भारत के लोगों और सरकार के सतत समर्थन के लिए उनकी दिल से सराहना करते हैं। भारत हमारा आदर्श पार्टनर है। हमें अपने देशों और अपने लोगों को एक साथ जोड़ने के लिए सेतुओं का निर्माण करने की जरूरत है।'' सेशेल्‍स ने यूएन सुरक्षा परिषद में किए जाने वाले सुधारों की दृष्टि से इसमें स्‍थायी सीट के लिए भारत की उम्‍मीदवारी का निरंतर समर्थन किया है। रणनीतिक और आर्थिक हितों के एक समान होने की इस पृष्‍ठभूमि में सेशेल्‍स में प्रधान मंत्री मोदी के दौरे से देश के एक प्रमुख हिंद महासागर भागीदार के साथ द्विपक्षीय रिश्‍तों के लिए निहायत ही जरूरी अतिरिक्‍त ताकत मिलने की उम्‍मीद की जाती है।

(मनीष चंद अंतरराष्‍ट्रीय मामलों और इंडिया स्‍टोरी पर संकेन्द्रित ई-मैगजीन जर्नल, इंडिया राइट्स नेटवर्क www.indiawrites.org के प्रमुख संपादक हैं। वह टू बिलियन ड्रीम्‍स: सेलिब्रेटिंग इंडिया-अफ्रीका फ्रेंडशिप के संपादक भी हैं।)


संदर्भ:

राष्‍ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल का सेशेल्‍स की नेशनल्‍स असेम्‍बली को संबोधन
प्रधान मंत्री की सेशेल्‍स के राष्‍ट्रपति के साथ बैठक
भारत सेशेल्‍स को डोर्नियर विमान सौंपते हुए
हम हिंद महासागर में भारत के आदर्श भागीदार हैं: सेशेल्‍स राष्‍ट्रपति



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