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'वसुधैव कुटुम्बकम'...'साथी हाथ बढाना', इसी कड़ी का एक और मज़बूत साथी -संदेश वाहक'ट्वीटर'

अप्रैल 07, 2015

शोभना जैन

दृश्य-एक.. घनघोर अंधेरी रात,भारी हिंसा और बमबारी के बीच यमन के उपद्र्वग्रस्त ईलाके मे फंसे लोगो को निकालने के लिये भारत का परदेस मे, हाल के वर्षों मे अब तक का सम्भवत सबसे बड़ा वचाव अभियान 'ऑपरेशन राहत'. अभियान मे मदद पाने के लिये बढे हाथो को अपनेपन की मजबूती से थामा जा रहा है,अपनो परायो मे कोई फर्क नही, सभी तो अपने है. किसी बच्ची को गोद मे उठाये तो किसी बुजुर्ग को सहारा देते जांबाज बहादुर भारतीय जवान. क्या भारतीय, क्या पाकिस्तानी,क्या बंगला देशी,चाहे अफ्रीकी या योरोपीय, 25 से अधिक देशो सहित सभी लो्गों को भारतीय जांबाज बहादुरो द्वारा हिंसाग्रस्त क्षेत्रो से सुरक्षित निकाला जा रहा है.

दृशय दो..गुजरात का समुद्री तट, ओमान का एक जहाज समुद्र मे डूब रहा है, समुद्र की प्रंचंड लहरे जहाज़ से टकरा रही है, उस पर फंसे नाविक दल के सदस्य मदद की गुहार लगा रहे हैं , आनन फानन मे भारत के तट रक्षक दल के गश्ती नौका उन सभी को सुरक्षित निकाल लेती है, जहाज डूब गया है लेकिन उस के दल के सदस्यो को सुरक्षित दल की नौका पर बिठाया जाता है,इसमे से दस पाकिस्तानी है, पांच यमनी,एक भारतीय एक इराकी है.

ये दोनो दृशय है 'मुसीबतजदां' नागरिको के जिसमे भारत ही नही अलग अलग देशों के नागरिक शामिल हैं और जिन्हे भारतीय बचाव दलो ने मुसीबत से निकाला, यहां देशो की दीवारे नही, रिश्ते है तो सिर्फ इंसानियत के. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हिंसाग्रस्त यमन मे चल रहे भारत के 'ऑपरेशन राहत' मे जुटे विभिन्न भारतीय विभागो के दलो को बेहद मुश्किल हालात मे काम करने पर उन्हे अपना 'सलाम' देते हुए कहा ' वहा फंसे अपनो को सुरक्षित निकालने के तमाम अभियान इस बात के प्रतीक है कि हम अपनो की कैसे सेवा करते है साथ ही यह भी दर्शाता है कि भारतीय संस्कृति की अवधारणा के अनुरूप मुसीबत मे फंसे सभी की हम कैसे मदद के लिये तैयार रहते है.'उन्होने कहा 'मुझे इस बात की खुशी है कि भारत ने यमन मे अनेक गैर भारतीयो को भी निकाला है. आज ट्वीट के जरिये प्रधान मंत्री ने कहा 'हमारे सहयोगी श्रीमति सुषमा स्वराज और जनरल वी के सिंह प्रशंसनीय ढंग से दिनो दोनो से राहत अभियान का समन्वय कर रहे है. विदेश मंत्रालय, नौ सेना, वायु सेना, एयर इंडिया, जहाज रानी मंत्रालय, रेलवे तथ राज्य सरकारे सभी एकजुट होकर आपसी समन्वय से इस काम मे जुटे है. मेरा इन सब को सलाम.' गौरतलब है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इन राहत कार्यो का यहा रह कर निरंतर समन्वय मे जुटी है जबकि विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह यमन मे फंसे भारतीयो को वहा से सुरक्षित निकालने के ‘ऑपरेशन राहत’अभियान की देखरेख के लिये जिबूती और साना से देख रेख कर रहे है. श्रीमति स्वराज ने कहा'इस मुश्किल काम को अंजाम देने, इसे पूरा करने के लिये जनरल सिंह साना और जिबूती मे जा कर वह कोई कसर बाकी नही रख रहे है.' गौरतलब है कि विदेश मंत्रालय ने वहा के घटनाक्रम के बारे मे नवीनतम जानकारी देने के लिये कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है.श्रीमति स्वराज ने आज कहा' तीस देशो ने यमन मे फंसे अपने नागरिको को वहा से निकालने के लिये मदद् मांगी है' यमन से स्वदेश लाये जा रहे भारतीयो ने भी जोखिम भरे हालात मे चलाये जा रहे अभियान मे जांबाज भारतीय बहादुरो के काम की भूरि भूरि सराहना की है.्यमन से भारतीयो के एक जत्थे को बापस ला रहे आई एन एस जहाज 'मुंबई' पर सवार ऐसी ही एक युवती ने कहा' हालांकि मेरे पति अभी वही है, लेकिन हमारे जांबाजो ने हमे भाईयों की तरह अपनापन दिया और वहा से निकालाहै' वहा मौजूद सभी लोगो ने तालियां बजा कर अपने इन बहादुरो का स्वागत किया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन के अनुसार' वसुधैव कुटुम्बकम' की भारतीय अवधारणा के अनुरूप यमन मे फंसे भारतीयो के अलावा वहा फंसे अन्य सभी देशो के नागरिको को भी' ऑपरेशन राहत' के तहत वहा से निकाला जा रहा है.प्रवक्ता ने आज एक ट्वीट कर कहा ' आज लगभग 1000 भारतीय एयर इंडिया के विमान से यमन से निकाल कर स्वदेश रवाना किये गये जो कि इस क्रम मे अब तक स्वदेश वापस लाये गये भारतीयो के सबसे बड़ी संखया है.कल इस अभियान मे 800 भारतीय और 25 देशो के 200 लोगो को वहा से निकाला गया ' इसी बीच यमन मे फंसे शेष सभी भारतीयो को निकालने के प्रयास पूरे जोरो पर है. रक्षा मंत्री मनोहर पारीर्कर ने आज कहा कि आज शाम तक शेष सभी भारतीय भी वापस लौटने की उम्मीद है. गौरतलब है कि यमन मे लगभग 4000 भारतीय थे, जिनको सरकार द्वारा वायु तथा जल मार्ग से वहा से निकालने का सिलसिला जारी है. कल देर रात 806 और भारतीय मुंबई और कोच्ची पहुंचे. सूत्रो के अनुसार अगर सरकार को आज यमन की राजधानी साना मे तीन घंटे के लिये भारतीय विमान उतारने की अनुमति मिल जाती है तो आज वहा से बड़ी तादाद मे भारतीय वापस लाये जा सकते है.

'बिछुड़ो 'को 'अपनो' से जोड़ने के इस अभियान का एक और खास साथी है . 'ट्वीटर' जो इस मुश्किल हालात मे 'एक साथी' के साथ साथ 'एक संदेशवाहक' की भूमिका निभा कर मुसीबतजदां,उनके परिजनो के साथ साथ देश्वासियो के लिये संदेश वाहक की भूमिका निभा रहा है,जिनसे उन्हे वहा से निकालने के लिये आने वाली मदद, राहत कार्यो संबंधी नवीनतम जानकारी मिल पा रही है, उनकी खैरियत की खबर मिल रही है. ऐसे ही ट्वीट के जरिये विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 11 पाकिस्तानियो के भारतीय तट रक्षक दल द्वारा नि्काले जाने की जानकारे देते हुए कहा कि यमन मे राहत अभियान मे जुटे भरतीय जंगी जहाज आई एन एस सुमित्रा ने कल 3 पाक नागरीको को भी निकाला, इसी तरह यमन के मकाला क्षेत्र से पाकिस्तान ने भी 11भारतीयो को सुरक्षित निकाला है. एक अन्य ट्वीट के जरिये श्रीमति स्वराज ने वहा अभी फंसे सभी भारतीयो को आशवासन दिया है कि सभी भारतीयो को वहा से सुरक्षित निकाला जायेगा, किसी भी भारतीय को यात्रा संबंधी दस्तावेज पूरे नहे होने की वजह से छोड़ा नही जायेगा.'विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता निरंतर ट्वीट कर नवीनतम घटनाक्रम से सभी को अवगत रखे हुए है.

एक भारतीय से विवाह करने वाली यमनी युवती सबा ने ट्वीटर के जरिये विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से दो दिन पूर्व अपने नौ माह के बेटे के साथ खुद को यमन से निकालने की गुहार की और कल दोनो मॉ बेटे भारत आ गये,मॉ के आभार व्यक्त किये जाने पर पर विदेश मंत्री ने ट्वीट किया ' शुक्रिया मत कहो, अपने देश, देश्वासियो के लिये हमारा यह फर्ज है नन्हे, हमारे छोटे से नागरिक, घर वापस आने पर तु्म्हारा बहुत बहुत स्वागत'. मुसीबत मे घिरे ऐसे कितने ही ट्वीट संदेश मंत्रालय को मिल रहे है,जिनके आधार पर उन्हे फौरी मदद्मिल पा रही है. रक्षा, असैनिक अधिकारियो की जांबाजी के साथ साथ नागरिको, महिलाओ के मुसीबत की इन घड़ियो मे असाधारण साहस प्रदर्शन के मामले सामने आ रहे है. श्री अकबरूद्दीन ने एक ट्वीट के जरिये ही अदन स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विद्यालय की उप प्राधानाचार्य सुश्री तहसीन की दिलेरी और जांबाजी की कहानी दुनिया के सामने आयी कि किस तरह उन्होने राहत कार्यो मे हाथ बंटाया और वे वहा से सबको सुरक्षित निकाल कर ही सबसे आखिर मे स्वदेश के लिये वहा से रवाना हुई.

आईएनएस 'सुमित्रा' के अलावा भारतीय नौसेना के दो जंगी जहाज़ आईएनएस 'मुंबई' और आई एन एस 'तरकश' भी यमन मे इस अभियान से जुड़े है। 'कवारती'और 'कोरल' नाम के दो व्यापारी जहाज भी उनका साथ देने के लिये निकटवर्ती क्षेत्र मे लंगर डाले हुए है. इसके अलावा एयर इड़िंया, भारतीय वायु सेना के विमान लगा्तार यमन और जिबूती से भारतीयो को वापस् लाने के लिये दिन रात चक्कर लगा रहे है भारतीयो को लेकर भारत की चिंताओ को हुए साझा करते हुए सउदी अरब ने भी कुछ दिन पूर्व भारत को आश्वासन दिया था कि वह यमन में भारतीयों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान देंगा और उन्हें वहा से जल्दी तथा सुरक्षित निकालने में हर संभव सहयोग करेंगा. वहा फंसे भारतीयो को निकालने की बाबत प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सउदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सउद को टेलीफोन कर भारतीयो को निकालने मे सउदी अरब का सहयोग मांगा था. दोनों देशों के बीच ‘मजबूत और घनिष्ठ’ संबंधों को याद करते हुए सउदी शाह ने प्रधान मंत्री मोदी को आश्वासन दिया कि वह यमन में भारतीयों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान देंगे और उन्हें जल्दी तथा सुरक्षित निकालने में हर संभव सहयोग करेंगे.अभियान अब अंतिम चरण मे है.उम्मीद है कि सभी के अनथक प्रयासो से सभी के 'अपने' बहुत जल्द 'अपनो' के पास होंगे.

(शोभना जैन ऑनलाइन हिंदी न्यूज़ एंड फीचर सर्विस, विज़न न्यूज़ ऑफ़ इंडिया की एडिटर-इन-चीफ हैं)



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