विदेश में कानूनी सहायता

प्र: क्या भारतीय मिशन व्‍यथित प्रवासी भारतीयों को कोई कानूनी सहायता प्रदान करते हैं?
उ:
हां, भारतीय मिशन व्यथित भारतीयों को प्रारंभिक कानूनी सहायता प्रदान करते हैं, लेकिन केवल सर्वाधिक योग्य मामलों में और 'साधन-परीक्षण' के आधार पर, अर्थात यदि व्यथित भारतीय का आकलन करने पर यह पाया जाता है कि वह स्‍वयं ऐसी कानूनी सहायता वहन करने में असमर्थ है। इस तरह की प्रारंभिक कानूनी निम्‍नलिखित प्रकार की हो सकती हैं:
  • मुकदमा दर्ज करने या लड़ने के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता, लेकिन केवल वहीं है जहां संबंधित व्यक्ति इस प्रयोजन के लिए खर्च उठाने में असमर्थ है।
  • जहां भाषा एक बाधा है, वहां दुभाषिया सुविधा प्रदान की जा सकती है।
  • भारतीय मिशन पैनल में शामिल गैर-सरकारी संगठनों का सुझाव दे सकता है, जो मुकदमेबाजी प्रक्रिया में सहायता/परामर्श प्रदान करते हैं ।
प्र: क्या भारतीय मिशन/पोस्ट किसी प्रवासी भारतीय की ओर से अदालती मामले लड़ते हैं?
उ:
नहीं, भारतीय मिशन/पोस्‍ट भारतीय नागरिकों की ओर से अदालती मामलों से नहीं लड़ते हैं । कुछ देशों में, भारतीय मिशनों में मुकदमेबाजी प्रक्रियाओं के लिए प्रवासी भारतीयों की सहायता करने के लिए स्थानीय गैर सरकारी संगठनों के पैनल की व्यवस्थाएं हैं । इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए संबंधित भारतीय मिशन से सीधे संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
प्र: क्या भारत सरकार के पास विदेशों में अपने भारतीय/विदेशियों के जीवन साथी द्वारा परित्‍यक्‍त भारतीय महिलाओं को कानूनी या वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कोई योजना है?
उ:
हां, विदेश मंत्रालय की ऐसी योजना है। योजना के विवरण के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: www.mea.gov.in/legal-and-financial-assistance