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प्रश्न सं. 5118 विदेशी जेलों में भारतीय

जुलाई 24, 2019

लोक सभा
अतारांकित प्रश्न सं. 5118
24.07.2019 को उत्तर दिए जाने के लिए

विदेशी जेलों में भारतीय

5118. श्री चन्‍द्रेश्‍वर प्रसाद:

श्रीम‍ती मेनका संजय गांधी:

डॉ. वीरेन्‍द्र कुमार:

श्री मनसुखभाई धनजीभाई वसावा:

श्री टी.एन. प्रथापन:

श्री के. नवासखनी:

क्या विदेश मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) क्‍या सरकार के पास इस समय विदेशी जेलों में बंद भरतीयों से संबंधित कोई आंकड़े हैं;

(ख) यदि हां, तो इस संबंध में देश-वार अपराध/मामला-वार और लिंग-वार ब्‍यौरा क्‍या है;

(ग) क्‍या सरकार ने उन्‍हें जेल से रिहा करवाने के लिए कोई उपाय किए हैं तथा यदि हां, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है;

(घ) गत पांच वर्षो में जेलों से रिहा कराए गए भारतीयों के वर्ष-वार आंकड़े क्‍या हैं;

(ङ) देश की नीति के अनुसार भारतीय दूतावासों और कौंसुलेटों द्वारा प्रदत्‍त सहायता /प्रदान की जा रही सहायता का ब्‍यौरा क्‍या है;

(च) क्‍या अन्‍य देशों की जेलों से भारतीयों को रिहा करवाते समय कैदियों के आदान-प्रदान संबंधी कोई वार्ता हुई है; और

(छ) यदि हां, तो उक्‍त वर्ता का और आदान-प्रदान किए गए कैदियों के आंकड़े का ब्‍यौरा क्‍या है?

उत्तर
विदेश राज्य मंत्री
(श्री वी. मुरलीधरन)

(क) और (ख) मंत्रालय के पास उपलब्‍ध जानकारी के अनुसार, 31.05.2019 तक विदेशी जेलों में भारतीय कैदियों की संख्‍या 8189 है जिसमें विचाराधीन मामले भी शामिल हैं। देश-वार विस्‍तृत सूची अनुबंध में संलग्‍न है। हालांकि कई देशों में कड़े निजता कानूनों के कारण स्थानीय प्राधिकरण कैदियों की जानकारी तब तक साझा नहीं करते जब तक कि संबंधित व्‍यक्ति ऐसी जानकारी प्रकट करने की सहमति न दे। यहां तक कि जानकारी साझा करने वाले देश भी सामान्‍यत: विदेशी जेलों में कैद व्‍यक्तियों के बारे में विस्‍तृत जानकारी प्रदान नहीं करते हैं।

(ग) और (घ) सरकार विदेश स्थित अपने मिशनों/केन्‍द्रों के माध्‍यम से तथा उच्‍चस्‍तरीय यात्रा के दौरान विदेशों में भारतीय कैदियों को आम माफी दिलाने/ सजा कम कराने की मांग करती है और इस संबंध में अनुवर्ती कार्रवाई करती है । मई 2014 से अब तक विदेशी सरकारों ने कुल 6405 भारतीय नागरिकों को या तो माफी दे दी है या उनकी सजा की अवधि कम कर दी है।

(ङ) सरकार विदेशी जेलों में कैद भारतीयों सहित विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा हिफाजत तथा सलामती को उच्‍चतम प्राथमिकता प्रदान करती है। विदेश स्थित भारतीय मिशन/‍केन्‍द्र विदेशों में स्‍थानीय कानून के उल्‍लंघन अथवा स्‍थानीय कानून के तथाकथित उल्‍लंघन के लिए जेल में भेजे गए भारतीय नागरिकों से संबंधित घटनाओं के प्रति सर्तक रहते हैं और इसकी गहन निगरानी करते हैं। उन्‍हें सभी संभव कौंसुली सहायता प्रदान करने के अलावा भारतीय मिशन तथा केन्‍द्र आवश्‍यकतानुसार विधिक सहायता प्रदान करने में भी सहयोग करते हैं। जहां भारतीय समुदाय पर्याप्‍त संख्‍या में हैं वहां मिशन और केन्‍द्र स्‍थानीय वकीलों का एक पैनल भी रखते हैं।

(च) और (छ) सजायाफ़्ता व्‍यक्तियों के स्‍थानांतरण (टीएसपी) के लिए द्विपक्षीय करारों के संदर्भ सहित विदेशी जेलों में कैद भारतीय-नागरिकों की देश वापसी के मुद्दे पर संबंधित देश के साथ परामर्श एवं समन्‍वय करने की एक नियमित प्रक्रिया है। भारत ने सजायाफ्ता व्‍यक्तियों के स्‍थानांतरण पर 31 देशों के साथ करार पर हस्‍ताक्षर किए हैं। भारत ने विदेशों में अपराध के लिए सजा काट रहे व्‍यक्तियों पर बहुपक्षीय अंतर-अमरीका अभिसमय को मई 2014 में तथा सजायाफ्ता व्‍यक्तियों के स्‍थानांतरण पर यूरोप परिषद् बहुपक्षीय अभिसमय को जनवरी 2018 में स्‍वीकार किया। अनुसमर्थित द्विपक्षीय करारों के आधार पर तथा बहुपक्षीय अभिसमय में शामिल होने से इन देशों से सजायाफ्ता व्‍यक्तियों को भारत से/भारत में स्‍थानांतरित कर सकते हैं। 2010 से जून 2019 तक कुल 58 भारतीय कैदियों को भारत में स्‍थानांतरित किया गया है।

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