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राष्ट्रपति की गिनी की राजकीय यात्रा के समय सचिव (पूर्वी क्षेत्र) की मीडिया वार्ता की प्रतिलिपि (02 अगस्त, 2019)

अगस्त 03, 2019

निदेशक (एक्सपीडी), डॉ. वेंकटचलम मुरुगन : नमस्कार मित्रों, आपसे एक बार फिर से मिल कर मैं बहुत प्रसन्न हूँ। आपको संक्षिप्त विवरण देने के लिए हमारे साथ सचिव (पूर्वी क्षेत्र), श्री टी. एस. तिरुमूर्ति, विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री आर. रविन्द्र, भारत के राजदूत, श्री सैलेस थंगल और राष्ट्रपति के उप प्रेस सचिव, श्री निमिष रूस्तगी उपस्थित हैं।

सचिव (पूर्वी क्षेत्र), श्री टी. एस. तिरुमूर्ति : आप सभी को नमस्कार और इस वार्ता में आने के लिए एक बार फिर से धन्यवाद।

भारत के माननीय राष्ट्रपति इस समय पश्चिम अफ्रीका की अपनी यात्रा के तीसरे चरण में गिनी गणराज्य की राजकीय यात्रा कर रहे हैं। भारत के राष्ट्रपति के साथ माननीय राज्य मंत्री श्री प्रताप चन्द्र सारंगी, माननीय संसद सदस्य, श्री दिलीप घोष और वरिष्ठ अधिकारी गण हैं।

यह भारत के किसी राष्ट्रपति की गिनी गणराज्य की पहली और एक ऐतिहासिक यात्रा है। कल, माननीय राष्ट्रपति जी के आगमन पर गिनी गणराज्य के राष्ट्रपति, महामहिम प्रो. अल्फा कोंडे ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद एक औपचारिक स्वागत किया गया।

आज, दोनों नेताओं के बीच एक एकांतिक वार्ता हुई और उसके पश्चात बाद उनकी प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। दोनों देशों के करीबी द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाते हुए यह वार्ता अत्यंत उत्साह और सौहार्दपूर्ण रही।

राष्ट्रपति अल्फा कोंडे ने माननीय राष्ट्रपति जी की गिनी यात्रा और भारत-गिनी संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने की उनकी इच्छा पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अफ्रीका के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंधों और विशेष रूप से महात्मा गांधी की भूमिका का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भारत-गिनी और भारत-अफ्रीका के संबंधों में अत्यधिक क्षमता है। विशेष रूप से, उन्होंने गिनी गणराज्य में भारतीय दूतावास खोलने का स्वागत किया और उल्लेख किया कि उन्होंने ही 2012 में नई दिल्ली में गिनी का दूतावास खोलने की पहल की थी।

राष्ट्रपति कोंडे ने खनन, कृषि, बुनियादी ढांचे, सामाजिक आवास और पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय भागीदारी और साझेदारी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र से राष्ट्र की साझेदारी और सहायता को व्यापारिक समुदाय के निवेश द्वारा रेखांकित किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से, गिनी में खनन, कृषि, बुनियादी ढांचे आदि क्षेत्रों में भारत के निवेश का स्वागत किया।

उन्होंने सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा को दिए जाने वाले उच्च महत्व की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। राष्ट्रपति कोंडे ने कृषि-व्यवसाय में राष्ट्रपति द्वारा की गई पहल को रेखांकित किया, जिसमें भारतीय व्यापार की संभावना को देखते हुए उन्होंने भारतीय व्यापारिक समुदाय को कृषि प्रौद्योगिकी और सर्वोत्तम प्रथाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने याद दिलाया कि अगले वर्ष गिनी में स्मार्ट अफ्रीका सम्मेलन आयोजित किया जाएगा और भारतीय कंपनियों, विशेष रूप से आईटी को उसमें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। माननीय राष्ट्रपति जी ने उल्लेख किया कि वे गिनी गणराज्य की अपनी पहली यात्रा पर हैं और उन्होंने उत्साह पूर्ण स्वागत और आतिथ्य के लिए अपने समकक्ष को धन्यवाद दिया। उन्होंने राष्ट्रपति कोंडे की गिनी और अफ्रीकी महाद्वीप का नेतृत्व करने वाली भूमिका की सराहना की। उन्होंने इबोला संकट के दौरान देश को संभालने और गिनी गणराज्य को स्थिर लोकतंत्र प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति कोंडे की सराहना की।

उन्होंने 2017 में अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष के रूप में और अफ्रीकी अक्षय ऊर्जा पहल के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रपति कोंडे द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की। माननीय राष्ट्रपति ने 2015 में भारत में आयोजित भारत-अफ्रीकी मंच शिखर सम्मेलन-III में राष्ट्रपति कोंडे की सफल भारत यात्रा और कई अवसरों पर भारत के माननीय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कोंडे के बीच हुई बैठकों का उल्लेख किया। उन्होंने इस वर्ष के आरंभ अर्थात् मार्च में एक्ज़िम बैंक सीआईआई बिजनेस कॉन्क्लेव के लिए गिनी के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा का भी उल्लेख किया।

भारत के माननीय राष्ट्रपति ने घोषणा की कि भारत को गिनी में पानी से संबंधित परियोजनाओं के लिए 170 मिलियन अमरीकी डॉलर की ऋण श्रृंखला का विस्तार करने में प्रसन्नता होगी। उन्होंने गिनी में दो क्षेत्रीय अस्पतालों सहित गिनी को दी गई पहले की ऋण श्रृंखला में काम की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

भारत गिनी के लिए पैन-अफ्रीकी ई-विद्याभारती और आरोग्यभारती नामक टेली-एजुकेशन और टेली-मेडिसिन पहलों को भी विस्तारित करेगा। उन्होंने गिनी गणराज्य के राष्ट्रपति को आश्वासन दिया कि भारतीय कंपनियां गिनी में निवेश करने में रुचि रखती हैं।

दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में इसकी निंदा की। राष्ट्रपति कोंडे ने, विशेष रूप से माले के संदर्भ में अफ्रीका में शांति स्थापना के लिए गिनी के योगदान को रेखांकित किया क्योंकि संभावित रूप से आतंकवादी घटनाएं गिनी में भी फैल सकती है। उन्होंने दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग के महत्व को रेखांकित किया और इस संदर्भ में भारत से सहायता मांगी।

माननीय राष्ट्रपति जी ने गिनी में रहने वाले भारतीय समुदाय को समर्थन देने के लिए राष्ट्रपति कोंडे को धन्यवाद दिया और गिनी के भारतीय प्रवासी समुदाय को भारत और गिनी के बीच 'जीवंत सेतु' के रूप में संदर्भित किया। राष्ट्रपति कोंडे ने गिनी के आर्थिक विकास में भारतीय समुदाय की भूमिका और योगदान की सराहना की।

दोनों नेताओं ने गिनी के युवाओं के समर्थन और उनके लिए रोजगार के अवसरों के निर्माण के महत्व को रेखांकित किया। इस संदर्भ में उन्होंने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में गिनी के क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया।

राष्ट्रपति कोंडे ने अफ्रीका के क्षमता निर्माण और शिक्षा के प्रसार में भारत की भूमिका की सराहना की। भारत ने गिनी द्वारा संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए गिनी की सराहना की। गिनी ने 2021-22 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की गैर-स्थायी सदस्यता के दावे के लिए भी अपना समर्थन भी व्यक्त किया।

दोनों नेताओं की उपस्थिति में निम्नलिखित समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

1 - पारंपरिक दवाओं में सहयोग पर समझौता
2 - नई और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग पर समझौता और
3- ई-विद्याभारती, आरोग्यभारती नामक टेली-एजुकेशन और टेली-मेडिसिन परियोजना पर समझौता।

माननीय राष्ट्रपति जी ने राष्ट्रपति कोंडे को पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय पर भारत आने के लिए आमंत्रित किया। आज शाम राष्ट्रपति कोंडे हमारे राष्ट्रपति जी के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन करेंगे और कल माननीय राष्ट्रपति जी गिनी में रहने वाले भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। धन्यवाद।

निदेशक (एक्सपीडी), डॉ. वेंकटचलम मुरुगन : महोदय, इस ऐतिहासिक यात्रा का विस्तृत विवरण देने के लिए धन्यवाद। मुझे आशा है कि यह आपके भविष्य के संदर्भ के लिए भी उपयोगी होगा। अब मैं राष्ट्रपति के उप-प्रेस सचिव, श्री निमिष रुस्तगी से अनुरोध करता हूँ कि वे अपनी टिप्पणी प्रस्तुत करें।

राष्ट्रपति के उप प्रेस सचिव, श्री निमिष रुस्तगी : सचिव के विस्तृत विवरण देने के बाद अब वास्तव में इस बारे मे कहने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। मैं केवल यह दोहराना चाहूँगा कि राष्ट्रपति कोविंद गिनी सहित पश्चिम अफ्रीका की यात्रा से अत्यंत प्रसन्न हैं। राष्ट्रपति अल्फा कोंडे के साथ उनकी अत्यंत उपयोगी चर्चा हुई और वे गिनी की यात्रा करने वाले भारत के पहले राष्ट्रपति हैं। उन्होंने गिनी के लोगों द्वारा उन्हें और उनके पूरे प्रतिनिधिमंडल के प्रति प्रदर्शित उत्साह और स्नेह की सराहना की। और जैसा कि सचिव ने उल्लेख किया है राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय पर भारत आने का निमंत्रण दिया है। धन्यवाद।

निदेशक (एक्सपीडी), डॉ. वेंकटचलम मुरुगन : कोई और प्रश्न नहीं है इसलिए हम इस वार्ता को समाप्त कर रहे हैं।

धन्यवाद।

(समापन)

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