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आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग का प्रतिलेख (06 दिसंबर, 2019)

दिसम्बर 08, 2019

सरकारी प्रवक्ता श्री रवीश कुमार नमस्कार, शुभ दोपहर और इस साप्ताहिक प्रेस वार्ता में आपका स्वागत है। मेरे पास कोई घोषणानहीं है। हम प्रश्‍नोत्‍तर सत्र में जा सकते हैं।

प्रश्‍न जो सुडान मेंआग की घटनाहुई थी उसमें कुछ लोगों की शिनाख्‍त हो चुकी है। क्या आप यह विवरण दे सकते है कि कितने लोगों की शिनाख्‍त हो चुकी है और कैसे उनके पार्थिव शरीर को वापस भारत लाया जा रहा है, और बाकी जो घायल है उनकी क्‍या स्थिति है?

सरकारी प्रवक्ता,श्री रवीश कुमार : सबसे पहले तो ये कहना चाहूंगा की जो घटना हुई वह बहुत ही दुखद घटना थी और उनके परिवारजनों के लिए हमारी संवेदना है।

यह घटना एक सिरेमिक फैक्टरी में हुई,यह जगह सुडान की राजधानी खार्तूम के समीप में है और जहां तक हमारी जानकारी है उस फैक्‍टरी में उस समय जो भारतीय कामगार थे उनकी संख्‍या 58 थी। अभी तक जो अद्यतन जानकारी मेरे पास है उसके अनुसार से वहां पर 6 भारतीय कामगारों की जान चली गई है। हमें यह भी पता है कि 33 भारतीय सुरक्षित है, 8 अस्‍पताल में है और 11 लोगों की अभी शिनाख्‍त नहीं हो पाई है। तो हम ऐसा कहे कि तो 11 लोग अनुपलब्ध है या अज्ञात है। जिन 6 लोगों की जानें गई है उनके परिवार वालों से हमने संबंध स्‍थापित किया और उनकों बताया है। हमारा दूतावास है वहां पर स्‍थानीय सरकार के साथ निकटता से तम काम कर रहा है। हमारे राजदूत स्वयं अस्‍पताल का दौरा करके घायलों की देखभाल कर रहे हैं। हमाराप्रयास यही रहेगाकि जिन लोगों की जान गई है और उनके पार्थिव शरीर को जितनी जल्‍दी हो सके, जितना सुचारू हो सके, हम उनका भारत प्रत्‍यावर्तन कर सकें और जैसे-जैसे हमारे पास अद्यतन जानकारी आती रहेगी हम आप लोगों को बताते रहेगें।

प्रश्‍न नाइजिरिया में एक जहाज का समुद्री डाकू ने अपहरण किया है। और उसमें 18 भारतीय है। अभी फिलहाल क्‍या स्‍थिति है, क्‍या उनकों वहां से निकाल लिया गया है?

सरकारी प्रवक्ता,श्री रवीश कुमार देखिए यह एक दूसरी दुखद घटना हुई है और यह भी उसी दिन हुई जिस दिन सुडान वाली घटना हुई। यह घटना भी 3 दिसम्‍बर की शाम को हुई औ इसमे 18 भारतीय राष्ट्रीय चालक दल के सदस्य थे और जहाज का नाम था नावे कॉन्स्टेलशन,उनको उस जहाज से अगवा किया गया। एक जगह है बोनी आइसलैंड जो नाइजिरिया के पास है और इस जहाज और भारतीयों को समुद्र में अगवा किया गया। अभी फिलहाल स्‍थिति यह है कि हम नाइजीरियाई अधिकारियों के साथ बहुत ही निकटता से बातचीत कर रहे हैं। एक बात यह समझनी होगी कि इसमें दूसरे की जान शामिल है, इसलिए इसके बारे में अभी क्‍या चल रहा है और नवीनतम अद्यतन क्‍या है,इस मामले में गतिविधियां क्‍या है,उस पर हम ज्यादा जानकारी नहीं दे पाएगें क्योंकि उससे और भी कई बातें हैं जिस पर असर पड़ सकता है।

प्रश्न: क्या हम इस बलात्कार के आरोपी गॉडमैन नित्यानंद के इस मामले के बारे में स्पष्टता बता सकते हैं,जिनके एक अनुयायी ने इक्वाडोर के पास एक द्वीप खरीदा है और वहां एक संप्रभु राष्ट्र घोषित किया है । तो क्या आपने इस मामले को इक्वाडोर के प्राधिकारियों के समक्ष उठाया है।वास्तव में भारत सरकार क्या कर रही है क्योंकि वह एक भगोड़ा है और ऐसी भी रिपोर्टें हैं कि वह नेपाल के रास्ते भाग गए थे, क्योंकि उनका पासपोर्ट समाप्त हो गया था । तो क्या आप इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि वह पहली जगह में देश से कैसे भाग गया?

प्रश्न : इक्वेडोर के राजदूत ने वास्तव में इस बात से इंकार किया है कि उन्हें शरण दी गई थी और वे कह रहे हैं कि वह हैती भाग गए हैं,तो आपके पास क्या जानकारी है और दूसरा वह भारत कैसे छोड़ सकता है?

प्रश्न : नित्यानंद के संबंध में नोटिस जारी किया गया है क्योंकि हम गुजरात पुलिस से सुन रहे हैं कि कुछ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है?

सरकारी प्रवक्ता श्री रवीश कुमार: देखिए प्रश्न के दो भाग हैं। किसी राज्य या राष्ट्र की घोषणा करने वाले व्यक्ति पर क्या आप वास्तव में मुझसे उस प्रश्न का उत्तर देने की अपेक्षा करते हैं । एक वेबसाइट की स्थापना एक राष्ट्र बनाने से बहुत अलग है।उसने एक वेबसाइट बनाई है और वह कह रहा है कि यह मेरा राष्ट्र है और मुझे नहीं लगता कि मुझे उस प्रश्न का उत्तर देना चाहिए ।

दूसरे पहलू पर, आप ऐसे सभी मामलों में देखते हैं,आप जानते हैं और हमने अतीत में ऐसे मामलों को संभाला है कि विदेश मंत्रालय की एक निश्चित भूमिका है और वह भूमिका मूल रूप से दो विभिन्न संदर्भ में हो सकती है । पहला पासपोर्ट से संबंधित हो सकता है,हमने पासपोर्ट से क्या किया है और दूसरा प्रत्यर्पण भाग से संबंधित है।

अब इस तत्काल मामले में जब हमें उनके विरुद्ध लंबित मामलों के बारे में जानकारी मिली,तो हमने जो किया वह यह था कि हमने सर्वप्रथम उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया और फिर उसने नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया जिसे अस्वीकार कर दिया गया था,जिसे केवल इसलिए रोक दिया गया था क्योंकि उसे अपेक्षित पुलिस से अनापत्ति प्रमााणपत्र नहीं मिला था और पुलिस की ओर से प्रतिकूल रिपोर्ट आई थी और फिर हमने अपने सभी मिशनों और पोस्टों को जागरूक किया है कि यह आदमी भारत में अपराध के कई मामलों में वांछित है और हमने अपने मिशनों और पोस्टों से स्थानीय सरकार को जागरूक करने के लिए कहा है कि यदि वह वहां है अथवा मार्ग में है,तो इसकी सूचना हमें दी जाए। अत: हमने यही किया है ।

अब प्रत्यर्पण के बारे में आपने रेड कॉर्नर नोटिस आदि के बारे में बात की थी,आप देखते हैं, हम केवल विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर सकते हैं । हमें ऐसे अनुरोध नहीं मिले हैं इसलिए हम केवल एक बार कार्रवाई कर सकते हैं। उसके ठिकाने पर,हमारे लिए अटकलें लगाना बहुत मुश्किल है और आप जानते हैं कि पिछले मामलों में भी भगोड़ों के स्थान को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। कृपया ध्यान दें कि विदेश मंत्रालय जांच नहीं करता और उसे खोजने काप्रयास नहीं करता,परंतु अपने मिशनों और विदेशों में पोस्टों के माध्यम से मुझे लगता है कि स्थानीय विदेशी सरकारों के माध्यम से हमने उन्हें बताया है,हमने उन्हें जागरूक किया है कि यदि सूचना है तो वे हमें सूचित करें। लेकिन अभी तक हम अभी भी इस संबंध में किसी भी जानकारी कीप्रतीक्षा कर रहे हैं । तो मैं इस बारे में इतना ही बता सकता हूं और यदि कोई और प्रश्न है तो पूछें।

प्रश्न: पहला,क्या आपने इस मामले को आधिकारिक तौर पर इक्वाडोर के साथ उठाया है और दूसरा, उसका पासपोर्ट कब रद्द किया गया था,क्या आप हमें बता सकते हैं?

सरकारी प्रवक्ता,श्री रवीश कुमार: इक्वाडोर के साथ मामले को विदेशों में सभी मिशनों और पोस्टों के साथ उठाया जा रहा था। हमने कभी नहीं कहा कि वह इक्वाडोर में था और मुझे विश्वास है कि आपने इक्वाडोर के दूतावास से भी नकारात्मक प्रतिक्रिया देखी होगी, उन्होंने अपने स्थानीय दूतावास द्वारा इसे नकार है,इसलिए मैं किसी एक देश पर ध्यान केन्द्रित नहीं करना चाहूंगा,मैं यह कहूंगा कि हमने अपने सभी मिशनों और पोस्टों को संवेदनशील किया है और अपने मिशनों और पोस्टों के माध्यम से सभी देशों को इस बात के प्रति संवेदनशील बनाया गया था कि यदि उनके पास कोई जानकारी है तो हमें सूचना देनी होगी।

पासपोर्ट पर ही, आप देखते है कि उसके आप एक पासपोर्ट था जो अक्टूबर 2008 में जारी हुआ था और वैधता10वर्ष थी और यह बहुत पहले रद्द कर दिया गया था। उन्होंने पुन: पासपोर्ट रद्द करने के बाद आवेदन किया जिसे पुलिस की प्रतिकूल टिप्पणी के बाद रोक दिया गया ।

प्रश्न जारी यह कब रद्द किया गया था?

सरकारी प्रवक्ता श्री रवीश कुमार: इसे रद्द कर दिया गया था,जैसा कि मैंने कहा था कि यह सितंबर 2018 में समाप्त होने वाला था और इसे उससे काफी पहले रद्द कर दिया गया था,मेरे पास रद्द करने की सही तारीखें नहीं हैं ।

प्रश्‍न:............. अश्राव्य............

सरकारी प्रवक्ता,श्री रवीश कुमार: देखिए इसके दो पहलु है,पहला तो यह है कि कोई व्यक्ति यदि एक वेबसाईट के जरिए यह बताना चाहता है कि उसने एक नया देश बना लिया तो इस ढ़ग से नया देश बनता नहीं है तो मुझे नहीं लगता कि मुझे इस प्रश्न सवाल का उत्तर देना चाहिए।

जहां तक दूसरा पहलु है, ऐसे मामलों में विदेश मंत्रालय की एक जिम्मेदारी है और हमारी जिम्मेदारी के दोहिस्से है। पहला तो यह है कि ऐसी जानकारी आने के बाद हम पासपोर्ट के साथ क्या करते है और दूसराप्रत्यर्पण प्रक्रिया है जो साथ –साथ चलती है। जब हमें यह जानकारी मिली कि इन व्यक्ति के विरूद्ध ऐसे मामलें है तो हमने उनका पासपोर्ट रद्द किया और जो बाद में उनका अनुरोध था एक नया पासपोर्ट जारी होने का, वो हमनें नहीं किया।जैसा मैंने बताया कि पुलिस की तरफ से प्रतिकूल रिपोर्ट आई थी उसके आधार पर उनका पासपोर्ट जारी नहीं हुआ।

जहां तक प्रत्यर्पण की बात है, प्रत्यर्पण प्रक्रिया तभी शुरू होती है जब हमारे पास एजेंसियों से जानकारी आती है और वह जानकारी अभी तक हमारे पास नहीं आई है। और तीसरी बात,यह है कि हमनें जितने भी हमारे मिशन और पोस्ट है, हमने सबको सूचित कर दिया है,जागरूक कर दिया है कि आप अपनी स्थानीय सरकार को बताएं कि ऐसी घटना है और भारत में इनकी खोज हो रही है,इनके खिलाफ मामलें लंबित है और इसी कारण से ऐसा होता है और कोई भी जानकारी उनके पास आती है तो हमें उसकी सूचना दें।

प्रश्‍न : दो छोटे प्रश्न। पहला,कुलभूषण जाधव पर कोई भी अपडेट, जो कुछ भी चल रहा है,अगर पाकिस्तान दूसरे कॉन्सुलर एक्सेस के लिए उत्सुक है । दूसरे,आज पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय को जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने 26/11के ट्रायल पर कहा कि प्रक्रिया अभी चल रही है, आप कितने आशावादी हैं कि न्याय दिया जाएगा?

आधिकारिक प्रवक्ता, श्री रवीश कुमार: कुलभूषण जाधव पर मैंने अतीत में कहा है कि हम राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तानी पक्ष के संपर्क में हैं। मैंने यह भी उल्लेख किया है कि हम सार्वजनिक मंच पर यह खुलासा नहीं करना चाहेंगे कि इस मामले में हम किस प्रकार चर्चा कर रहे हैं । मैं आपके साथ केवल यह साझा कर सकता हूं कि हमने अंतर्राष्ट्रीय के निर्णय के आलोक में पाकिस्तान से तत्काल,प्रभावी और निर्बाध कांसुलर पहुंच का अनुरोध किया है और हम देखेंगे कि इस पर क्या कार्रवाई की जाती है,लेकिन हां इस पर भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ बातचीत चल रहा है।

मुंबई आतंकी हमले के बारे में आप सभी जानते हैं कि उस हमले में अपराधी कौन थे,हम सभी जानते हैं कि मास्टरमाइंड कौन है, हम यह भी जानते हैं कि इस हमले का मास्टरमाइंड स्वतंत्र रूप से घूम रहा है,वह पाकिस्तान की मेहमाननवाजी का आनंद ले रहा है और हम इस हमले की कड़ी के बारे में भी जानते हैं जो पाकिस्तानी प्रतिष्ठान में पाकिस्तान तत्वहै। उनका एक निश्चित दायित्व है,उनकी कुछ जिम्मेदारी है। उन पर कार्रवाई करने का अंतरराष्ट्रीय दायित्व है । आप को भी पता है कि हमने उनके साथ सभी सबूत साझा किए हैं। अब कार्रवाई करना पाकिस्तान का उत्तरदायित्व है। उसने अतीत में बहाने विभिन्न लगाकर अनिच्छा व्यक्त की है । मुझे लगता है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक समुदाय के बीच यह भावना है कि पाकिस्तान मुंबई आतंकी हमलों में शामिल लोगों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए गंभीर नहीं है ।

प्रश्न: कांसुलर एक्सेस के लिए अनुरोध................................. अश्राव्य..........

सरकारी प्रवक्ता श्री रवीश कुमार : हां,इसके तुरंत बाद इसे किया गया।

प्रश्न : क्या भारत-चीन सीमा वार्ता का अगला दौर इसी महीने होगा क्योंकि कुछ भारतीय मीडिया ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से कहा कि यह इस महीने के अंत में होने जा रहा है?

आधिकारिक प्रवक्ता श्री रवीश कुमार: आप जानते हैं कि जब अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान चेन्नई में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई तो इस बात पर सहमति बनी कि सीमा वार्ता का अगला दौर यथाशीघ्र आयोजित किया जाना चाहिए और उन्होंने विशेष प्रतिनिधियों को बातचीत करने का उत्तरदायित्व सौंपा था। यह किन तारीखों में होगा,इसका निर्णय राजनयिक चैनलों के माध्यम सेदोनों पक्षों पर छोड़ दिया गया है। चर्चा चल रही है और तारीख निश्चित होने पर हम आपके साथ साझा करेंगे।

प्रश्न: जापान के प्रधानमंत्रीशिनजो अबे का भारत दौरा होना है,बहुत सारी रिपोर्टें है, अधिकारिक रूप से क्या तारीखों का ऐलान आप कर सकते है और यह मुलाकात कहां होनी है कृपया विवरण साझा करें।

सरकारी प्रवक्ता,श्री रवीश कुमार: अभी फिलहाल में इतना आपको बता सकता हूं कि कब हो रही है और यह जो अगला भारत-जापान शिखर सम्मेलन है यह 15-17 दिसम्बर को हो रहा है।इसके आगे जो जानकारी होगी कि कहां हो रही है और इसके कारक क्या है,चर्चा क्या होगी, एजेंड़ा क्या होगा यह यथासमय हम आपको बताएंगे। जैसाकि पिछले शिखर सम्मेलन में हुआ है हमारी आशा है कि इस शिखर सम्मेलन के बाद जो दोनों देशों के बीच में रिशते है वो और प्रगाढ़ और सुदृढ़ होगें।

प्रश्न जारी : तो अभी आप स्थान की पुष्टि नही कर रहे हैं………

सरकारी प्रवक्ता,श्री रवीश कुमार: आप जो भी समझे लें,हम अभी सिर्फ तारीख ही बताएंगें,कहा होगा यह हम आपको बाद में बताएंगें।

प्रश्न जारी :दिल्ली में नहीं होगा?

सरकारी प्रवक्ता,श्री रवीश कुमार: मैने यह नहीं कहा,मैंने कहा कि जहां भी होगी,मैं आपको बाद में बताऊंगा।

मुझे कोई और प्रश्न दिखाई नहीं देता। आप सभी का शामिल होने के लिए धन्यवाद।

(समापन)
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