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ब्राजील के राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा पर सचिव (पूर्व) द्वारा विशेष ब्रीफिंग का प्रतिलेख (23 जनवरी, 2020)

जनवरी 24, 2020

आधिकारिक प्रवक्ता, श्री रवीश कुमार : मित्रों, नमस्कार और पुन: आपका स्वागत है। जैसाकि आप जानते हैं कि ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो 24 से 27 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। वह हमारे गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि बनने जा रहे हैं। उनकी यात्रा के बारे में जानकारी देने के लिए मेरे साथ सचिव (पूर्व) श्रीमती विजय ठाकुर सिंह और संयुक्त सचिव (एलएसी) सुश्री ग्लोरिया गंगटे भी हैं। हम सचिव (पूर्व) द्वारा प्रारंभिक टिप्पणी करेंगे और फिर हम प्रश्नों के उत्तर देंगे। महोदया, अब आपकी बारी है।

सचिव (पूर्व), श्रीमती विजय ठाकुर सिंह : शुभ दोपहर और चूंकि हम इस वर्ष में पहली बार यह बैठक कर रहे हैं, अत: आप को नव वर्ष की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और चूंकि हम गणतंत्र दिवस से ठीक पहले बैठक कर रहे हैं। अत: गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई।

ब्राजील के राष्ट्रपति महामहिम जाईर बोल्सोनारो 24 से 27 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर होंगे और वे हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। यह इस वर्ष की पहली उच्चस्तरीय यात्रा होगी। राष्ट्रपति बोल्सोनारो के साथ 8 मंत्री, ब्राजील की संसद के 4 सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और एक बहुत बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल होगा।
यह तीसरा अवसर है जब ब्राजील का कोई राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर हमारे मुख्य अतिथि होंगे। पिछली बार, वर्ष 2004 में ब्राजील के राष्ट्रपति हमारे थे। राष्ट्रपति बोल्सोनारो की 01 जनवरी 2019 को पदभार ग्रहण करने के बाद यह पहली भारत यात्रा है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और उन्हें, जून में ओसाका में जी-20 की बैठक से इतर और दूसरी बार नवंबर 2019 में ब्रासीलिया में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दो बार मिलने का अवसर मिला है।
अब भारत और ब्राजील के बीच बहुत धनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। और दो लोकतंत्रों के रूप में, हमने दृष्टिकोण साझा किए हैं, हमारे साझा मूल्य हैं। हमारे द्विपक्षीय संबंधों को 2006 में सामरिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया था। और दो विकासशील देशों के रूप में हमारी समान विकासात्मक और वैश्विक आकांक्षाएं हैं। इसके चलते अनेक क्षेत्रों में परस्पर हित का तालमेल बना हुआ है। संबंध न केवल द्विपक्षीय स्तर पर, बल्कि बहुपक्षीय स्तर पर भी सुदृढ़ हैं, हम ब्रिक्स, आईबीएसए और जी-20 दोनों के सदस्य हैं और बहुपक्षीय रूप में भी हम विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र में समन्वय करते हैं।
अब ब्राजील एक बड़ा देश है, जो लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा देश है। इसकी आबादी 1.8 ट्रिलियन है और इसकी अर्थव्यवस्था 210 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जो फिर से लैटिन अमेरिका में सबसे बड़ा देश है। यह प्राकृतिक संसाधनों, खनिजों, तेल और गैस से समृद्ध देश है। यह तकनीकी क्षेत्र में एक बहुत मजबूत है और इथेनॉल का एक अग्रणी उत्पादक भी है।
हमारे द्विपक्षीय संबंध बहुआयामी हैं। वे राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा और सुरक्षा मुद्दों से लेकर कृषि, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में सहयोग के लिए विस्तारित हैं। हमारे पास अनेक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए संवादों के लिए संस्थागत तंत्र विद्यमान हैं; उदाहरण के लिए, हमारे पास विदेश कार्यालय परामर्श है, हमारे पास व्यापार निगरानी तंत्र है और हमारे पास अनेक क्षेत्रों में संयुक्त कार्य समूह हैं ।
हमारा आर्थिक जुड़ाव बढ़ रहा है। वर्तमान व्यापार स्तर 8.2 अरब डॉलर का है। भारत लगभग 3.8 अरब डॉलर का निर्यात कर रहा है, जिसमें कृषि, रसायन, सिंथेटिक यार्न, ऑटो पार्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स और कुछ पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं। भारत को ब्राजील का निर्यात 4.4 अरब डॉलर है, और इनमें कच्चा तेल, सोना, वनस्पति तेल, थोक खनिज और अयस्क शामिल हैं।
भारतीय कंपनियों का ब्राजील में कुल भारतीय निवेश लगभग 6 अरब डॉलर का है। हमने यह जानकारी पहले एक प्रेस विज्ञप्ति में भी दी है जबकि भारत में ब्राजील का निवेश लगभग 1 अरब डॉलर है। लेकिन हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मौजूद पूरकताओं और तालमेल को देखते हुए हमारा मानना है कि क्षमता बहुत अधिक है।
भारत-ब्राजील व्यापार मंच में, अपने भारतीय समकक्षों के साथ, राष्ट्रपति के साथ राष्ट्रपति के व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत होगी, जो एक ऐसा मंच होगा जहां दोनों पक्षों के कारोबारी चर्चा कर सकते हैं और व्यापार भागीदारी की दिशा में काम करने के बेहतर अवसर होगें।
ऊर्जा क्षेत्र की बात करें तो तेल और गैस के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा पक्ष में भी हमारा सहयोग है, हम जैव-ईंधनों के क्षेत्र में एक साथ काम करेंगे। यदि हम इसे देखें तो हमारे पास राष्ट्रीय जैव-ईंधन नीति है और ब्राजील का अपना 'रेनोवा बायो' कार्यक्रम भी है और उन दोनों ने उनमें गैसोलीन के साथ इथेनॉल सम्मिश्रण की संभावना को जोड़ा है। इसलिए, यहां भी हम पाते हैं कि सहयोग के क्षेत्र होंगे और हम इस क्षेत्र में ज्ञान के साथ-साथ प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान कर सकते हैं।
जैसाकि मैंने पहले उल्लेख किया है, हमारे पास रक्षा सहयोग के साथ-साथ अंतरिक्ष सहयोग भी है और हम इसे सुदृढ़ करने पर विचार करेंगे और हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी में, नवाचारों और स्टार्ट-अप में मौजूद अपने सहयोग को मजबूत करने पर भी विचार करेंगे।
और आपको सूचित करना चाहूंगी कि हमारा एक कार्यक्रम है जो वर्तमान में चल रहा है। यह मैत्री का पहला पड़ाव है। अब मैत्री इंडो-ब्राजील एग्रीटेक क्रॉस-इन्क्यूबेशन कार्यक्रम की है। उसमें हमारे पास ब्राजील से पांच स्टार्टअप हैं, भारत से पांच स्टार्टअप हैं और वे एक-दूसरे देश का दौरा करेंगे। वे यहां आएंगे और भारतीय वैज्ञानिक वहां जाकर यह देखेंगे कि हम कृषि में और अधिक नवोन्मेषी प्रथाओं का किस प्रकार अनुप्रयोग कर सकते हैं।
अन्य क्षेत्र जो चर्चा का केंद्र होंगे; हमारे संबंधों में, वे रहे हैं और बने रहेंगे: वे हैं कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और पशुपालन। हमारे पास कृषि में एक संयुक्त कार्य दल है जहां हमें सहयोग के संभावित क्षेत्र दिखाई देते हैं। यहां तक कि यदि हम पशुपालन को देखें तो हम एक ही आनुवंशिक विरासत का हिस्सा है। हमारे पास गिर और कंक्रेज जैसी भारतीय नस्लें हैं जिनका कई शताब्दियों पहले ब्राजील को निर्यात किया गया था।
लोगों से लोगों के परस्पर स्तर पर भी एक-दूसरे की व्यापक सराहना होती है। उदाहरण के लिए फुटबॉल: ब्राजील फुटबॉल टीम का भारतीय फुटबॉल प्रशंसक बारीकी से अनुसरण करते है। और ब्राजील में भारतीय संस्कृति के साथ-साथ हमारे योग और आयुर्वेद में भी काफी रुचि है। एक बहुत बड़ा सम्मेलन-तीसरा आयुर्वेद सम्मेलन-ब्राजील में आयोजित किया गया था जिसमें 4000 प्रतिभागियों की भागीदारी थी, जो वहां बढ़ती रुचि का परिचायक है। हमारा एक भारतीय सांस्कृतिक केंद्र भी है जिसकी स्थापना आईसीसीआर द्वारा ब्राजील के साओ पाउलो में की गई थी और यह लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में स्थापित पहला सांस्कृतिक केंद्र था।
अब मैं राष्ट्रपति बोल्सोनारो के कार्यक्रम के बारे में बताऊंगी। राष्ट्रपति 24 जनवरी को आएंगे। 25 जनवरी को उनका राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे राजघाट जाएंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी आधिकारिक चर्चा होगी और इसके बाद हम दोनों नेताओं के प्रेस वक्तव्यों के साथ-साथ समझौतों का आदान-प्रदान होते हुए देखेंगे। प्रधानमंत्री, यात्रा पर आए प्रतिनिधिमंडल के लिए, मध्याह्न भोज की मेजबानी करेंगे। हम 25 जनवरी को विदेश मंत्री के साथ-साथ उपराष्ट्रपति की भी बोल्सोनारो के साथ चर्चा होगी। राष्ट्रपति बोल्सोनारो, माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी के साथ बैठक करेंगे, जो राष्ट्रपति भवन में भोज की मेजबानी करेंगे। तो वह, 25 जनवरी का कार्यक्रम है।
राष्ट्रपति बोल्सोनारो 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि होंगे और वे निश्चित रूप से माननीय राष्ट्रपति द्वारा आयोजित ‘एट होम’ में भी भाग लेंगे। अगले दिन अर्थात् 27 जनवरी को भारत-ब्राजील बिजनेस फोरम होगा। मैंने उल्लेख किया था कि पहले राष्ट्रपति बोल्सोनारो वहां मुख्य वक्ता होंगे। और उस दिन ही राष्ट्रपति आगरा के लिए रवाना होंगे और वहां से वे भारत से प्रस्थान करेगें।इसलिए, यदि आप इसे देखें तो राष्ट्रपति बोल्सोनारो की यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हमारी सामरिक साझेदारी को पुन: सक्रिय करने और इसे बहुत केंद्रित तरीके से आगे ले जाने का अवसर होगा और ब्राजील के साथ प्रगाढ़ संबंध बनाने के लिए हमारे पास बहुत ही सकारात्मक और भावी एजेंडा है।
मैं यहां अपनी बात समाप्त करूंगी और आपके प्रश्नों का उत्तर दूंगी। धन्यवाद.

आधिकारिक प्रवक्ता, श्री रवीश कुमार : महोदया, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मैं प्रश्न आमंत्रित करता हूं।

प्रश्न : कितने समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की आशा है और कौन से क्षेत्र हैं, और केवल एक और प्रश्न। एक शिष्टमंडल है, रक्षा सहयोग पर एक वर्ग है जो सोमवार को व्यापार मंच के दौरान होगा, क्या आप हमें इसके बारे में कुछ और बता सकते हैं?

प्रश्न : महोदया, ब्राजील की ओर से भी यह रुचि है कि भारत का लैटिन अमेरिकी देशों के साथ जो व्यापार है, उसमें विस्तार हो, उस पर कोई वक्तव्य?

सचिव (पूर्व), श्रीमती विजय ठाकुर सिंह : पहला प्रश्न समझौतों से जुड़ा है। जैसा कि मैंने कहा कि हमारे पास एक बहुत ही महत्वाकांक्षी एजेंडा है और हम अनेक क्षेत्रों में कई समझौतों पर विचार कर रहे हैं और उन पर चर्चा चल रही है और हम उन्हें अंतिम रूप देने के समीप हैं और नेताओं के बीच चर्चा के बाद हमारे पास वह सूची होगी जिसे हम आपके साथ साझा कर सकते हैं।
जहां तक रक्षा क्षेत्र का संबंध है कि हमारे में सहयोग की संभावनाएं रही हैं। हमारे पास पहले से ही एक संयुक्त रक्षा समिति है जिसके अंतर्गत हमने कई दौर की चर्चाएं की हैं। चर्चाओं के अंतिम दौर में रक्षा औद्योगिक उत्पादन पर एक संयुक्त कार्य दल स्थापित करने पर सहमति बनी। इसलिए, हम देखेंगे कि हम उस क्षेत्र में एक साथ कैसे काम कर सकते हैं। हम ब्राजील के एक प्रतिनिधिमंडल से भी आशा कर रहे हैं कि वे फरवरी में होने वाले डीफेक्स में भाग ले।
और पीटीए के बारे में अंतिम प्रश्न है, हां, मर्कोसुर के साथ हमारी एक पीटीए है और हम इसे विस्तार करने पर विचार कर रहे हैं। यह चर्चा का एक मामला है और हम चर्चा के दौरान, ब्राजील के साथ इस पर चर्चा करेगें, लेकिन हम मर्कोसुर के साथ पीटीए का विस्तार करने के लिए उत्सुक हैं।

आधिकारिक प्रवक्ता, श्री रवीश कुमार : धन्यवाद महोदया। हाँ कृपया पूछे।

प्रश्न : यह देखते हुए कि राष्ट्रपति इतने विवादास्पद है, हमने उन्हें आमंत्रित क्यों किया? मेरा तात्पर्य है कि मैं समझता हूं कि ब्राजील के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध है, लेकिन क्या हम किसी और का चयन नहीं कर सकते थे?

प्रश्न : कल कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया गया था कि भारत और ब्राजील चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करेंगे। तो क्या आप केवल इस बात को विस्तार से बता सकते हैं कि चार समझौता ज्ञापन क्या हैं, और क्या आप इससे अधिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं?

आधिकारिक प्रवक्ता, श्री रवीश कुमार : समझौता ज्ञापन पर, उन्होंने पहले से ही उत्तर दे दिया है मुझे लगता है कि सूची को बाद में सांझा करेगें।

प्रश्न : भारत ब्राजील समझौते और निवेशों के सहयोग और सुविधा की कोई संभावना। मेरा मानना है कि यह कुछ ऐसा है जिस पर इस यात्रा से पहले चर्चा भी की गई है, क्या हम इस संबंध में किसी समझौते पर हस्ताक्षर, कर सकते हैं?

प्रश्न : दोनों देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के दावेदार भी हैं। कितना महत्वपूर्ण है कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर चर्चा होगी, क्या आप हमें उस बारे में कुछ बता सकते है कृपया?

सचिव (पूर्व), श्रीमती विजय ठाकुर सिंह : पहले प्रश्न के साथ शुरू करते हैं। राष्ट्रपति बोल्सोनारो एक लोकतांत्रिक देश में एक निर्वाचित नेता हैं जो इस क्षेत्र में उभरती हुई शक्ति है। यह वह देश है जिसके साथ हमारे बहुत मजबूत और ठोस संबंध हैं। भारत और ब्राजील के बीच हमारे कई अभिसरण क्षेत्र हैं। हम ब्राजील और उसके नेताओं के साथ जुड़ने को बहुत महत्व देते हैं ताकि अभिसरण के क्षेत्रों को आगे ले जा सके और अपने संबंधों को सुदृढ़ निर्माण किया जा सके। तो हम नेताओं के साथ इस रिश्ते को आगे ले जाने और जहां तक राष्ट्रपति बोल्सोनारो चिंतित है वे इस रिश्ते को बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम गणतंत्र दिवस के लिए एक सम्मानित अतिथि के रूप में उनका भव्य से स्वागत करेंगे और यह दोनों देशों के बीच संबंधों की आधारशिला के लिए उनकी प्रतिबद्धता का संकेत है।

जहां तक समझौतों से संबंधित मुद्दे का संबंध है, चार से अधिक समझौते होंगे, मैं आपको यह संकेत दे सकती हूं। निवेश को बढ़ावा देने के तरीके सहित ऐसे समझौते होंगे। हम यह देखने के लिए तत्पर हैं कि हम उन वार्ताओं का कैसे समापन कर सकते हैं। इसलिए यह एक सकारात्मक एजेंडा है, आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे लेकिन नेताओं के बीच चर्चा समाप्त होने के बाद हम आपको ब्रीफ करेंगे।

जहां तक जी4 का संबंध पूरी तरह से आपसे सहमत है। भारत और ब्राजील जी-4 के सदस्य हैं। हम संयुक्त राष्ट्र में कार्यसूची को आगे बढ़ाने के तरीके पर मिलकर काम कर रहे हैं। हम उस पर नियमित रूप से एक दूसरे से परामर्श करते हैं लेकिन, इस बीच मैं आपको बता सकता हूं कि ब्राजील ने भी वर्ष 21-22 के लिए सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के लिए हमारी गैर-स्थायी आशावारी का समर्थन किया है। तो इस विषय पर बातचीत जारी है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के साथ इस संबंध में हम मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं।

आधिकारिक प्रवक्ता, श्री रवीश कुमार : तीन या चार अंतिम प्रश्न हो सकते हैं।

प्रश्न : महोदया, आप फुटबॉल और रूचि के बारे में बात की थी, अब पेले बहुत अस्वस्थ है और जिको की पारिवारिक समस्याएं हैं, ब्राजील के इन दोनों महान फुटबॉल खिलाड़ीयों संपर्क नहीं किया जा सकता है, लेकिन वहां दो अन्य फुटबॉलर हैं, उनमें से एक के आने की संभावना थी जो ब्राजील की विजेता टीम के कप्तान थे। तो क्या, वे राष्ट्रपति के साथ आ रहे हैं, धन्यवाद।

प्रश्न : महोदया, हम पिछले कुछ वर्षों में ब्राजील के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध रहे है और दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाएं, वास्तव में पिछले दो वर्षों में, आर्थिक मंदी से प्रभावित हैं। ब्राजील की अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है भारत का भी यही मुद्दा है तो क्या ब्राजील के राष्ट्रपति की यात्रा में इस पर ध्यान दिया जाएगा, क्या सीमावर्ती देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहयोग होने वाला है? तो ब्राजील के राष्ट्रपति की भारत यात्रा का व्यापक ध्यान क्या होगा?

सचिव (पूर्व), श्रीमती विजय ठाकुर सिंह
: पहला प्रश्न केवल दिखाता है और पुष्टि करता है कि मैंने क्या कहा ब्राजील की फुटबॉल टीम के बारे में भारत में बहुत रुचि है। इतना तो आप टीम के विभिन्न सदस्यों से संबंधित मुद्दों को जानते हैं। इसलिए मैं इसे ब्राजील की टीम में भारत के हित के परिचायक के रूप में लूंगी। मुझे पता नहीं है कि ब्राजील फुटबॉल टीम से कौन राष्ट्रपति के साथ आ रहा होगा, लेकिन मुझे यकीन है कि इस विषय की यात्रा के दौरान पर बारे में चर्चा होती रहेगी।

प्रश्न जारी : क्या ब्राजील के राष्ट्रपति के साथ कोई फुटबॉलर हैं?

सचिव (पूर्व), श्रीमती विजय ठाकुर सिंह : नहीं, मुझे जानकारी नहीं हैं। और जहां तक दूसरे प्रश्न का संबंध है जो व्यापक ढांचे के संबंध में है, यह देखें कि जहां तक वैश्विक मंदी है और इस संदर्भ में ऐसे देश हैं जो इससे उबरने के तरीके पर विचार कर रहे हैं। जहां तक ब्राजील का संबंध है, मैंने आपको इसकी शक्ति का उल्लेख किया है। इसकी शक्ति इस संदर्भ से महत्वपूर्ण है क्योंकि हम खाद्य सुरक्षा के मामले में भारत की ओर देखते हैं। हम यह देखने के लिए उत्सुक होंगे कि हम ब्राजील के साथ कैसे काम कर सकते हैं।

और जहां तक ब्राजील का संबंध है तो यह एक ऐसा प्रश्न है जिसे आप ब्राजील की ओर से भी पूछेंगे लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर सकती हूं कि वे भारत को एक मजबूत साझेदार के रूप में देखते हैं, और एक ऐसा साझेदार जिसके साथ वे जुड़ना चाहते हैं और वे संबंधों को आर्थिक रूप से आगे बढ़ाना चाहते हैं, राजनीतिक और साथ ही जितने क्षेत्रों में सहयोग संभव हो सकता है। इसलिए व्यापक ढांचा यह है कि आपके पास सामरिक भागीदारी है और उस सामरिक साझेदारी को और अधिक केन्द्रित कैसे किया जाए और जैसाकि मैंने कहा, दो देशों के बीच पुनर्जीवित किया जाए जो दुनिया के भीतर और अपने क्षेत्रों के भीतर बहुत महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न : क्या आपने कहा कि राष्ट्रपति के साथ फुटबॉल टीम के कुछ सदस्य होंगे?

सचिव (पूर्व), श्रीमती विजय ठाकुर सिंह
: मैंने कहा कि संसद सदस्य आ रहे हैं।

प्रश्न : आपने ऊर्जा के क्षेत्र का उल्लेख किया है, क्या आप कृपया इस बारे में विस्तार से बता सकती हैं कि हम किस प्रकार का ऊर्जा सहयोग देख रहे हैं, हाइड्रोकार्बन, इथेनॉल आदि को हम अपनी ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के मामले में ब्राजील की ओर को कैसे देख रहे हैं?

सचिव (पूर्व), श्रीमती विजय ठाकुर सिंह : देखिए, जहां तक ब्राजील का प्रश्न है तो इसमें काफी तेल और गैस है। हमारी भारतीय कंपनियां पहले से ही वहां मौजूद हैं। उनका हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में लगभग 3.5 अरब डॉलर का निवेश है और हम नवीकरणीय ऊर्जा को देख रहे हैं। उनके साथ काम करने के मामले में, ब्राजील अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के एक सदस्य बन गया है। लेकिन हम जैव ईंधन की ओर भी देख रहे हैं, तो मैंने आपसे उल्लेख किया है कि ब्राजील एक देश है जो इथेनॉल उत्पादन में अग्रणी है और अपनी परिवहन प्रणाली के लिए इसका उपयोग कर रहा है और मैंने उल्लेख किया है कि हम भी इस दिशा में देख रहे हैं, कि राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति में, गैसोलीन के साथ मिश्रित करके इथेनॉल का किस प्रकार उपयोग किया जाए। तो यह एक अन्य क्षेत्र होगा और तीसरा क्षेत्र जो हम देख रहे है वह खनिज है। तो आइए, देखते हैं कि हम उस क्षेत्रों में किस तरह कोई समझौता कर सकते हैं।आधिकारिक प्रवक्ता, श्री रवीश कुमार : ठीक है, अंतिम प्रश्न आपका है।

प्रश्न : महोदया, दोनों देश बहुत दूर क्षेत्रों में हैं, आपने एक दूसरे के महाद्वीपों में मुद्दों पर चर्चा की है, उदाहरण के लिए राष्ट्रपति के साथ क्या वेनेजुएला पर चर्चा की जाएगी? और क्या हम आतंकवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे और आप जानते हैं कि विश्व में इस बारे में हमारी क्या रुचि है, क्या आप हमें इसके बारे में कुछ बताएंगी?

सचिव (पूर्व), श्रीमती विजय ठाकुर सिंह : जहां तक आतंकवाद का संबंध है, हम आतंकवाद से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेंगे और यह कार्यसूची में बहुत अधिक है। हम पहले से ही सीसीआईटी के लिए संयुक्त राष्ट्र सहित, उनके साथ आतंकवाद पर चर्चा कर रहे हैं, इसलिए यह एजेंडे में होगा। जहां तक क्षेत्रीय घटनाक्रमों का संबंध है, विचारों का आदान-प्रदान हो सकता है लेकिन इस स्तर पर मैं यह नहीं कह सकती कि क्षेत्रीय मुद्दे क्या हैं, वे नेता हैं, वे स्वाभाविक रूप से क्षेत्रीय घटनाक्रमों के साथ-साथ वैश्विक मुद्दों को उठाएंगे।

आधिकारिक प्रवक्ता, श्री रवीश कुमार : यह विशेष ब्रीफिंग समाप्त होती है। महोदया, ग्लोरिया, धन्यवाद और आप सभी को शामिल होने के लिए धन्यवाद।

(समापन)
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