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आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा वर्चुअल साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग की प्रतिलिपि (30 जुलाई 2020)

जुलाई 31, 2020

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: नमस्कार और शुभ संध्या!वर्चुअल प्रारूप के इस साप्ताहिक ब्रीफिंग में आपका स्वागत है।मैं दो घोषणाओं के साथ शुरू करूँगा। पहला वंदे भारत मिशन पर एक अपडेट है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: वंदे भारत मिशन के चौथे चरण के तहत अब तक कुल 1083 उड़ानें निर्धारित की गई हैं। इन उड़ानों को एयर इंडिया समूह, इंडिगो, स्पाइसजेट और गोएयर द्वारा 29 देशों के 31 हवाई अड्डों से संचालित किया जाता है। क्योंकि हमने चौथे चरण के बाद पांचवां चरण शुरू किया है, 29 जुलाई 2020 तक 8,78,921 भारतीय नागरिक स्वदेश लाये जा चुके हैं और इनमें से 1,07,452 भारतीय नेपाल, भूटान, म्यांमार, और बांग्लादेश से ज़मीनी सीमाओं के ज़रिये लौटे हैं। आप जानते होंगे कि हमने वंदे भारत मिशन के पांचवें चरण की घोषणा की है जो 1 अगस्त से शुरू होने वाला है। इस चरण के तहत 692 अंतर्राष्ट्रीय तथा 100 घरेलू उड़ानों सहित कुल 792 उड़ानें 23 देशों यानि जीसीसी देशों, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, फिलीपींस , सिंगापुर, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, चीन, इज़राइल, यूक्रेन और किर्गिस्तान से भारतीयों को स्वदेश लाने हेतु निर्धारित की गई हैं। ये उड़ाने भारत भर के 21 अलग-अलग हवाई अड्डों से होंगी और विदेशों में फंसे लगभग 1,30,000 भारतीयों को स्वदेश वापस लाएंगी।

मेरी दूसरी घोषणा मॉरीशस में नए सुप्रीम कोर्ट भवन के संयुक्त उद्घाटन से संबंधित है। आज हमारे प्रधानमंत्री और मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संयुक्त रूप से नए सुप्रीम कोर्ट भवन का उद्घाटन किया और आपने इस अवसर पर प्रधानमंत्री का भाषण सुना होगा। आपने प्रेस विज्ञप्ति भी देखी होगी जिसे इसके बाद जारी किया गया था। मॉरीशस में सुप्रीम कोर्ट की इमारत एक अन्य ऐतिहासिक परियोजना है, जिसे भारत के विकास सहयोग साझेदारी के तहत लागू किया गया है, और यह दुनिया के विभिन्न हिस्सों में ऐसी परियोजनाओं को लागू करने की हमारी क्षमता का भी उदाहरण है। सुप्रीम कोर्ट का नया भवन अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करता है। यह एक ऊर्जा-कुशल इमारत है। इस परियोजना को निर्धारित समय और लागत में पूरा किया गया है, जो प्रारंभिक अनुमानों से कम है। जैसा कि प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर अपने भाषण में कहा, भारत ऐसी विकास साझेदारियां कर रहा है जो हमारे भागीदारों के लिए सम्मान से चिह्नित हैं। यह विविधता, भविष्य की देखभाल, और सतत विकास तथा इस समय हमारे विकास साझेदारी के पदचिह्न को दुनिया भर में हस्तांतरित करता है। इसमें दुनिया के विभिन्न हिस्सों में सफलतापूर्वक संपन्न की गईं परियोजनाएं शामिल हैं जैसे की श्रीलंका में प्रमुख आवास परियोजना, अफगानिस्तान में संसद भवन का निर्माण, नाइजर में महात्मा गांधी कन्वेंशन सेंटर, और नेपाल में इमरजेंसी तथा ट्रॉमा अस्पताल हेतु परियोजना, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। तो ये थीं वे दो घोषणाएं। अब हम आपके प्रश्नों पर आगे बढ़ेंगे। पवन, कृपया आप शुरु करेंगे।

श्री पवन: सर, पहला सवाल पाकिस्तान के ऊपर नरेंद्र नाथ मिश्रा, नवभारत टाइम्स से पुछ रहे हैं - "पाकिस्तान 5 अगस्त को धारा 370 को हटाने के एक साल पूरे होने पर बड़े पैमाने पर प्रोपेगेंडा चलाने और उस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है। इसका जवाब देने के लिए भारत की क्या नीति होगी?

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: देखिए नरेंद्र जी, पाकिस्तान के बारे में और इनकी इस तरह की हरकतों के लिए तो मैं यही कहूंगा कि वो सीमा पार आतंकवाद की अपनी नीति से ऐसी हरकतें करके दुनिया का ध्यान नहीं हटा सकता, जो भारत में आम लोगों के जीवन के लिए खतरा है। 5 अगस्त एक ऐतिहासिक दिन है, जिस दिन जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संघ शासित प्रदेशों के आर्थिक व सामाजिक विकास में आ रही बाधाओं को दूर किया गया।

श्री पवन: अगला सवाल कुलभूषण जाधव मामले पर है। न्यूज़18 से शैलेन्द्र वांगु ने पूछा है - "जाधव मामले में पाक सरकार खुद ही समीक्षा के लिए इस्लामाबाद कोर्ट पहुंची है, हाईकोर्ट पहुंची है। ऐसे में भारत का अगला कदम क्या होगा? क्या भारत आईसीजे का रुख़ करेगा? आदित्य राज कौल ने पूछा है कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने कथित रूप से कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई हेतु एक पीठ का गठन किया है। क्या आपको लगता है कि पाकिस्तान आईसीजे के आदेश का उल्लंघन कर रहा है और इसे आदेश तथा अच्छी भावना से लागू नहीं कर रहा है? सीएनएन न्यूज़ 18 से महा सिद्दीकी ने पूछा है - "सोमवार को पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव के मामले पर सुनवाई होनी है। क्या पाकिस्तान ने भारत को बताया कि यह सुनवाई किस बारे में है, जबकी भारत अभी तक उनके लिए वकील नियुक्त करने में भी असमर्थ रहा है? क्या भारत इस मामले को आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिए उत्तरदायी होगा?" टाइम्स नाउ के अथर खान ने पूछा है - "इस्लामाबाद हाईकोर्ट 3 अगस्त को जाधव मामले की सुनवाई करेगा। इस कार्यवाही पर कोई प्रतिक्रिया यह देखते हुए कि भारत ने अदालती कार्यवाही की संभावना तथा निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठाया है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: कुलभूषण जाधव पर, पिछले सप्ताह मैंने विस्तार से प्रतिक्रिया दी थी और बताया था कि पाकिस्तान कैसे बचाव के उपाय हेतु भारत द्वारा किए जा रहे प्रयासों को अवरुद्ध कर रहा है। मैंने यह भी बताया था कि आईसीजे के फैसले के साथ-साथ उनके अपने अध्यादेश का भी पाकिस्तान कैसे उल्लंघन कर रहा है। मैंने बताया था कि कैसे उन्होंने श्री कुलभूषण जाधव को अबाधित और बिना शर्त पहुंच प्रदान नहीं की है, उन्होंने हमारे द्वारा मांगे गए दस्तावेजों, अध्यादेश के संबंध में उनके कार्यों को नहीं सौंपा है, यह सब उनके पूरे दृष्टिकोण के दूरगामी स्वरूप को उजागर करता है। मैंने यह भी बताया था कि अब तक हमारी स्थिति क्या है, हम इस मामले में अपना स्थान आरक्षित रखते हैं और जिसमें आगे के उपायों करने का अधिकार शामिल है और मैं यह भी दोहराऊंगा कि हम अपने देशवासी श्री कुलभूषण जाधव के जीवन की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध हैं।

श्री पवन: टाइम्स नाउ से अथर खान ने पूछा है - "क्या बांग्लादेश के विदेश मंत्री की हालिया टिप्पणी पर प्रवक्ता कोई टिप्पणी करना चाहेंगे जिसमें उन्होंने कहा कि भारत को बांग्लादेश के साथ ऐतिहासिक संबंधों को खत्म करने वाले कदम उठाने बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि राम मंदिर का निर्माण भारत का आंतरिक मामला है, लेकिन उनकी टिप्पणियों ने इसे पूरी तरह महत्वपूर्ण बना दिया है।” इसी तरह का सवाल यूएनआई से अनीश ने पूछा है।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: भारत-बांग्लादेश के बीच घनिष्ठ संबंध हैं और आपने हाल ही में विदेश मंत्री द्वारा की गई टिप्पणियों को देखा होगा जहां उन्होंने कहा है कि भारत-बांग्लादेश इस क्षेत्र में अच्छे पड़ोसी संबंधों के आदर्श हैं। आपके द्वारा पूछे गए इस सवाल के संबंध में, हमें विश्वास है कि दोनों पक्ष इस संबंध को आगे बढ़ाने में आपसी संवेदनशीलता तथा आपसी सम्मान को मानते हैं।

श्री पवन: द हिंदू से कलोल ने पूछा है कि - "ढाका के भोरर कागोज ने बांग्लादेश सरकार के अधिकारियों के साथ रिपोर्ट करते हुए कहा है कि इस सप्ताह भारत द्वारा बांग्लादेश भेजे गए लोकोमोटिव सेकेंड हैंड हैं और कम से कम सात से पांच साल पुराने हैं। क्या विदेश मंत्रालय की ओर से इस पर प्रतिक्रिया दी जाएगी।?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: कलोल, हमने इसी तरह के स्रोत से कुछ और कहानियाँ सुनी हैं, जो बांग्लादेश के साथ हमारे संबंधों से संबंधित हैं। वास्तव में, हमारे उच्चायुक्त के बारे में भी हाल ही में एक मनगढ़ंत कहानी भी सामने आई थी। विशेष रूप से आपके द्वारा पूछे जा रहे लोकोमोटिव के सवाल पर, मैं आपको बता दूं कि इन लोकोमोटिव को हमारे मौजूदा इन्वेंट्री से विशिष्ट अनुरोध तथा बांग्लादेश की तत्काल आवश्यकता के आधार पर प्रदान किया गया है।

श्री पवन: स्ट्रेट्स टाइम्स से निर्मला गणपति ने पूछा है कि - "भारत में अफगान-सिख समुदाय के कितने और सदस्यों के आने की उम्मीद है और कब? कितने वीजा जारी किए गए हैं? धन्यवाद।" टाइम्स नाउ से अथर खान ने पूछा है कि - "अफगान अल्पसंख्यक सिख जो भारत आए हैं, उनको लेकर क्या योजना है? क्या उन्हें दीर्घकालिक वीजा दिया जाएगा और क्या अफगानिस्तान या अन्य पड़ोसी देशों से ऐसे और परिवार भारत आ रहे हैं?" न्यूज़18 से शैलेन्द्र वांगु ने पूछा है - "सिख, हिंदू, अफगान नागरिक हाल ही में भारत आये हैं, क्या उनकी नागरिकता पर जल्द फैसला होगा और कितने अफगान नागरिक भारत आने वाले हैं?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मैंने पिछले हफ्ते इन सवालों का जवाब दिया था, मैंने बताया था कि हाल ही में अफगानिस्तान में हिंदू तथा सिख समुदायों से संबंधित अल्पसंख्यकों पर हमले हुए हैं। मैंने यह भी बताया था कि आतंकवादियों द्वारा बाहरी समर्थकों के इशारे पर कैसे किया गया है। कोविड की स्थिति के बावजूद काबुल में हमारा मिशन देखें, पिछले सप्ताह यहां पहुंचे पहले समूह की वापसी हेतु वीजा की सुविधा की गई है और यहां स्थायी समाधान हेतु इसके कारणों की जांच की जाएगी और उन्हें वर्तमान नियमों और नीतियों के अनुसार सुविधा दी जाएगी। हम उन सभी लोगों के संपर्क में हैं जो वापस आना चाहते हैं और हम उनकी वापसी हेतु सुविधा प्रदान करेंगे।

श्री पवन: डीडी न्यूज से अभिषेक झा ने पूछा है - "रिपोर्ट के अनुसार, धारचूला जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने धारचूला, उत्तराखंड के भारतीय अधिकारियों को एक पत्र लिखकर कहा गया है कि लिम्पियाधुरा कालापानी और लिपुलेख सुगौली संधि के अनुच्छेद 5 के अनुसार नेपाल के भू-भाग हैं। इसपर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया क्या है।" इसी तरह का सवाल कांतिपुर मीडिया से श्री सुरेश और डब्ल्यूआईओएन से सिद्धांत सिब्बल ने पूछे हैं।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: कई मौकों पर मैंने भारत-नेपाल सीमा मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और हमारी स्थिति स्पष्ट व सुसंगत है। इसलिए मैं इस बारे में और बात नहीं करना चाहूंगा।

श्री पवन: मातृभूमि दैनिक से मनोज मेनन, मनोरमा न्यूज़ से अनूप और साजू मोहन ने सवाल पूछा है कि - "कृपया त्रिवेंद्रम गोल्ड तस्करी मामले पर अपडेट दें। क्या यूएई वाणिज्य दूतावास, त्रिवेंद्रम का विवरण प्राप्त करने हेतु यूएई के अधिकारियों से विदेश मंत्रालय ने अनुमति मांगी है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: मैंने पिछले सप्ताह ही इस पर प्रतिक्रिया दी थी। मेरे पास इस समय कोई अन्य अपडेट नहीं है।

श्री पवन: अगला सवाल सीएनबीसी टीवी18 से परीक्षित लूथरा ने पूछा है - "अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस के बाद, वे कौन से देश हैं जिनके साथ हम एयर बबल्स स्थापित करने की संभावना रखते हैं?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: परीक्षित, यह ऐसा सवाल है जिसका जवाब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ठीक से दे सकता है। मेरे हिसाब से इस संबंध में कुछ देशों के साथ चर्चा चल रही है। अधिक जानकारी आप उनसे प्राप्त कर सकते हैं।

श्री पवन: मनोरमा न्यूज़ से श्री अनूप और साजू मोहन ने पूछा है - "कुवैत ने भारतीय नागरिकों की अस्थायी यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसपर हमारी प्रतिक्रिया क्या है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: यह प्रतिबंध केवल भारतीय नागरिकों के लिए नहीं है। कोविड की स्थिति के कारण यात्रा पर कुछ प्रतिबंध लगाये गए हैं और दोनों पक्षों के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण इस समय संबंधित व्यवस्थाओं को पूरा करने हेतु विचार-विमर्श कर रहे हैं।

श्री पवन: रक्षक समाचार से रंजीत कुमार ने पूछा - "चीन ने एलएसी के अधिकांश हिस्सों से पूरी तरह से अपनी सेना पीछे हटाने का दावा किया है। क्या आप इसकी पुष्टि कर सकते हैं?" एशियन एज के श्रीधर ने पूछा - "एलएसी पर सेनाओं के पीछे हटने की स्थिति क्या है? चीन ने दावा किया है कि यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, क्या यह सच है?" सीएनएन न्यूज़18 से महा सिद्दीकी ने पूछा है - "चीन का कहना है कि ज्यादातर जगहों से सेना पीछे हट गई है, क्या इसका मतलब यह है कि पैंगोंग झील में, चीन पूर्व की यथास्थिति में वापस चला गया है?" यूएनआई के अनीश ने पूछा है - "एलएसी पर चल रही सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति क्या है? ऐसी रिपोर्ट है कि चीनी पीछे नहीं हट रहे हैं। क्या यह सच है?" इसी तरह के सवाल डीडी न्यूज से अभिषेक झा, इंडिया टीवी से विजयलक्ष्मी, द प्रिंट से नैनीमा और पीटीआई भाषा से दीपक रंजन ने पूछे हैं।"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: डिसइंगेजमेंट के इन सवालों का जवाब देने के लिए मैं सबसे पहले आपको इसकी पृष्ठभूमि बता देता हूं।जैसा कि कार्य तंत्र की 17वीं बैठक के बाद हमारे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि दोनों पक्षों ने पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के संबंध में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई है कि द्विपक्षीय समझौते और प्रोटोकॉल के अनुसार वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों का पूरी तरह से पीछे हटना तथा भारत चीन सीमा पर तनाव खत्म करना और शांति कायम करना द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण विकास सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक है। यह दो विशेष प्रतिनिधियों, एनएसए और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच 5 जुलाई 2020 को बातचीत के दौरान हुए समझौते के अनुसार था।

इस दिशा में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी तक सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस संबंध में जरुरी कदम उठाने हेतु दोनों पक्षों के वरिष्ठ कमांडर जल्द ही बैठक करेंगे।

जैसा कि हमने पहले कहा है, सीमा क्षेत्रों में शांति और सद्भाव कायम रखना हमारे द्विपक्षीय संबंधों का आधार है। इसलिए हमें उम्मीद है कि चीनी पक्ष ईमानदारी से पूर्ण डिसइंगेजमेंट और डी-एस्केलेशन तथा सीमा क्षेत्रों में शांति और सद्भाव की पूर्ण बहाली के लिए जल्द से जल्द काम करेगा, जैसा कि विशेष प्रतिनिधियों द्वारा सहमति व्यक्त की गई थी।

श्री पवन: टाइम्स नाउ से अथर खान ने पूछा - "पाकिस्तान, चीन, नेपाल और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों ने कोविड प्रतिक्रिया पर चर्चा करने हेतु हाल ही में मुलाकात की थी। क्या भारत को ऐसा कोई निमंत्रण मिला था और यदि निमंत्रण नहीं मिला, तो यह अजीब नहीं है कि चूंकि भारत संयुक्त स्टॉक प्रतिक्रिया हेतु प्रेरित था, जिसे प्रधानमंत्री ने खुद वायरस के प्रकोप के शुरुआती दिनों में शुरू किया था?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: अथर, हमने इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट देखी हैं। जैसा कि आपको याद होगा कि 15 मार्च को सभी सार्क देशों की बैठक बुलाना हमारे प्रधानमंत्री की पहल थी। वीडियो सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसके बाद कोविड-19 आपातकालीन निधि पर सहमति हुई थी। भारत ने निधि में 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया, अन्य देशों ने भी योगदान दिया है। निधि का संचालन किया गया है और हमने पहले ही सार्क क्षेत्र के देशों को आवश्यक चिकित्सा, एंटीबायोटिक्स, उपभोग्य सामग्रियों, कोविड संरक्षण, टेस्टिंग किट और अन्य प्रयोगशाला एवं अस्पताल उपकरण सहित मानवीय सहायता बढ़ा दी है।

श्री पवन: इंडिया टुडे से गीता मोहन ने पूछा है - "भारत की नई शिक्षा नीति की घोषणा के बाद, क्या विदेशी विश्वविद्यालयों के अन्य देशों ने भारत में संस्थानों को खोलने हेतु रुचि व्यक्त की है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: गीता, मुझे इस समय ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

श्री पवन: द टेलीग्राफ से अनीता जोशुआ ने पूछा - "क्या यूएई में आईपीएल 2020 आयोजित करने हेतु विदेश मंत्रालय ने बीसीसीआई को मंजूरी दी है?"

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: अनीता, मुझे इस समय इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर कुछ जानकारी मिलती है तो मैं आपको जरुर बताऊंगा।

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: क्या और भी सवाल हैं?

श्री पवन: और सवाल नहीं हैं, सर!

श्री अनुराग श्रीवास्तव, आधिकारिक प्रवक्ता: धन्यवाद। तो यह साप्ताहिक ब्रीफिंग समाप्त होती है।

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