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न्‍यूयार्क में राष्‍ट्रपति बराक ओबामा के साथ अपनी बैठक के बाद प्रधानमंत्री द्वारा मीडिया के लिए वक्‍तव्‍य (28 सितंबर, 2015)

सितम्बर 28, 2015

राष्‍ट्रपति ओबामा,
मीडिया के सदस्‍यगण,


न्‍यूयार्क में राष्‍ट्रपति ओबामा से मिलना बड़ी प्रसन्‍नता की बात है। इस बैठक की मेजबानी करने के लिए आपका धन्‍यवाद।

हमारे दोनों देशों के बीच साझेदारी के लिए आपकी प्रतिबद्धता, आपके विजन और आपकी मैत्री को मैं बहुत महत्‍व देता हूँ। हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग एवं अंतर्राष्‍ट्रीय साझेदारी में उल्‍लेखनीय प्रगति हासिल की है। मैं सप्‍ताहांत में सिलिकॉन वैली में था। मैंने अमरीका के नवाचार एवं उद्यम की ताकत को महसूस किया जो अमरीका की सफलता का आधार प्रदान करता है।

मैंने हमारी साझेदारी के चालक बल को भी देखा – युवा, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार; तथा मानव प्रगति को आगे बढ़ाने में भारतीयों एवं अमरीकियों की प्राकृतिक साझेदारियां। कैलिफोर्निया हमें इस बात की भी याद दिलाता है कि भारत और संयुक्‍त राज्‍य गतिशील एशिया –प्रशांत क्षेत्र के अंग हैं। आज पूरी दुनिया के समक्ष जो समस्‍याएं हैं तथा हमारे समक्ष जो वैश्विक चुनौतियां मौजूद हैं उनके मध्‍य हमारी साझेदारी का हमारे लिए और हमारे विश्‍व के लिए काफी महत्‍व है। हम संपोषणीय विकास लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए नवाचार एवं प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर सकते हैं जिसमें जलवायु परिवर्तन से निपटना एवं प्रकृति का संरक्षण करना शामिल है।

राष्‍ट्रपति ओबामा और मैंने मानवता की विकास संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अपनी सामर्थ्‍य को प्रभावित किए बगैर जलवायु परिवर्तन पर एक अडिग प्रतिबद्धता को साझा किया। हम दोनों ने ही महत्‍वाकांक्षी राष्‍ट्रीय एजेंडा निर्धारित किया है।

भारत में हमारे उपायों में न केवल 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा के 175 गीगावाट को जोड़ने की योजना शामिल है, अपितु विकास की एक रणनीति भी शामिल है जो हमें अधिक संपोषणीय ऊर्जा मिश्रण को अपनाने में समर्थ बनाएगी। यह ऐसा कार्य है जिसे हम न केवल अपनी संस्‍कृति एवं परंपरा को ध्‍यान में रखकर कर रहे हैं, अपितु इस ग्रह के भविष्‍य के लिए अपनी प्रतिबद्धता के कारण भी कर रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में हमारी असाधारण द्विपक्षीय साझेदारी स्‍वच्‍छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा दक्षता पर केंद्रित है।

मैं सस्‍ती स्‍वच्‍छ ऊर्जा के स्रोतों का विकास करने के लिए एक वैश्विक सार्वजनिक साझेदारी के लिए मेरे आह्वान पर उनके सकारात्‍मक जवाब के लिए मैं राष्‍ट्रपति ओबामा का धन्‍यवाद करता हूँ, जिससे पूरी दुनिया में स्‍वच्‍छ ऊर्जा को तेजी से अपनाना संभव हो सकेगा। इस लक्ष्‍य को आगे बढ़ाने के लिए हमें साथ मिलकर काम करना चाहिए। और तंत्रों को विकास करना भी समान रूप से महत्‍वपूर्ण है जिससे सुनिश्चित हो कि सस्‍ती ऊर्जा तक उनकी भी पहुंच हो जिनको इसकी सबसे अधिक जरूरत है। हम जलवायु परिवर्तन से निपटने पर एक सकारात्‍मक एजेंडा के साथ पेरिस में व्‍यापक एवं ठोस परिणाम की कामना करते हैं, जो विकासशील देशों, विशेष रूप से गरीब देशों एवं छोटे द्वीपीय देशों के लिए वित्‍त पोषण एवं प्रौद्योगिकी तक पहुंच पर भी ध्‍यान दें।

मैं संशोधित संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्‍थाई सदस्‍यता के लिए यूएस के समर्थन के लिए राष्‍ट्रपति ओबामा का धन्‍यवाद करता हूँ। मैंने एक नियम समय सीमा के अंदर सुधार की प्रक्रिया पूरी करने में भी यूएस का समर्थन मांगा। मैंने हमारी लक्षित समय सीमा के अंदर अंतर्राष्‍ट्रीय निर्यात नियंत्रण व्‍यवस्‍थाओं में भारत की सदस्‍यता के लिए यूएस के निरंतर समर्थन के लिए भी उनकी प्रशंसा की।

हमारी साझेदारी के तहत कूटनीतिक एवं सुरक्षा सरोकारों की एक व्‍यापक रेंज शामिल है। रक्षा व्‍यापार एवं प्रशिक्षण सहित हमारा रक्षा सहयोग बढ़ रहा है। चूंकि विद्यमान आतंकवाद का खतरा बढ़ रहा है तथा नए खतरे उत्‍पन्‍न हो रहे हैं, इसलिए हमने आतंकवाद एवं कट्टरवाद से लड़नं पर सहयोग को और गहन करने का संकल्‍प किया है। हमने अभी – अभी एक सफल साइबर सुरक्षा वार्ता की है।

हम आतंकवाद से लड़ने और अपने राष्‍ट्र का शांतिपूर्ण, स्थिर एवं खुशहाल भविष्‍य निर्मित करने में अफगानिस्‍तान के लोगों की मदद करने पर अपने परामर्श एवं सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए राजी हुए हैं।

मैंने एशिया, प्रशांत एवं हिंद महासागर क्षेत्रों पर हमारे संयुक्‍त कूटनीतिक विजन के अलावा, जापान जैसे क्षेत्रीय साझेदारों के साथ हमारी संयुक्‍त भागीदारी को भी आकार देने में हुई प्रगति का स्‍वागत किया। इससे हमारा समुद्री सुरक्षा सहयोग भी सुदृढ़ होगा। इस क्षेत्र में हमारी कूटनीतिक भागीदारी को और बढ़ाने के लिए मैं एशिया – प्रशांत आर्थिक समुदाय में भारत की जल्‍दी से सदस्‍यता के लिए यूएस के काम करने की आशा रखता हूँ।

हमारी आर्थिक‍ साझेदारी हमारे संबंध का मुख्‍य चालक है। मैंने न्‍यूयार्क एवं सैन जोस में कारोबारी नेताओं के साथ उत्‍कृष्‍ट बैठकें की हैं। मैं भारत में उनके विश्‍वास से बहुत प्रसन्‍न हूँ तथा उनके रचनात्‍मक फीडबैक एवं सुझावों को महत्‍व देता हूँ। हम एक मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग रूपरेखा की दिशा में भी काम करना जारी रखेंगे जिसमें द्विपक्षीय निवेश संधि तथा संपूर्णता करार शामिल हैं। यह बैठक तथा यूएस में मेरे कार्यक्रम हमारे संबंध की असाधारण गहराई एवं विविधता को प्रदर्शित करते हैं।

आज की हमारी बैठक हमारी कुछ तात्‍कालिक प्राथमिकताओं के अलावा हमारी वृहद कूटनीति साझेदारी को भी आगे बढ़ाने में बहुत उपयोगी थी।

धन्‍यवाद।


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