मीडिया सेंटर मीडिया सेंटर

पेरिस में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का संबोधन

अगस्त 23, 2019

फ्रांस के गणमान्य नागरिक और
यहां अपनी मेहनत,
अपने कौशल से भारत और फ्रांस का गौरव बढ़ाने वाले आप सभी साथियों को नमस्कार !
बों जू, मेज़ेमी !

भाइयों और बहनों,


भारत और फ्रांस की मित्रता पूरी तरह से अटूट है। और ये मित्रता नई नहीं है, बल्कि सालों पुरानी है। ऐसा कोई मौका या वैश्विक मंच नहीं होगा जहां हमारे देशों ने एक-दूसरे का समर्थन ना किया हो और साथ काम ना किया हो। इसलिए आज का दिन, इस दोस्ती के नाम है।

साथियों,

अच्छी दोस्ती का मतलब है सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देना चाहे जो भी परिस्थिति हो। जब भारत या फ्रांस में कोई भी अच्छी उपलब्धि होती होती है तो हम एक-दूसरे के लिए खुश होते हैं। मुझे लगता है कि भारत में फ्रांस की फुटबॉल टीम के समर्थकों की संख्या शायद जितनी फ्रांस में है उससे भी ज्यादा भारत में होगी। जब फ्रांस ने फुटबॉल विश्व कप जीता था तो इसका जश्न भारत में भी बड़े जोर-शोर से मनाया गया था।

साथियों,

इसी तरह हम दुख की घड़ी में भी उतनी ही घनिष्ठता से एक-दूसरे के साथ खड़े हैं। इसका उदाहरण फ्रांस में हुए एयर इंडिया के दो विमान हादसों का ये स्मारक भी है। इन हादसों में कई भारतीय यात्रियों का निधन हुआ था। इनमें भारत के महानतम वैज्ञानिकों में से एक डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा भी थे। भारत के उस महान सपूत को और अन्य भारतीयों को, जिन्होंने इस दुर्घटना में अपने प्राण गंवाए, उन्हें मैं अपनी श्रद्धांजलि देता हूं।

साथियों,

इस मेमोरियल का हर पत्थर हमारे नागरिकों की एक दूसरे के लिए संवेदनशीलता का प्रतीक है। हम नमन करते हैं ‘सैं जरवे’ के उन guides को जिन्होंने हादसे के बाद विमान के मलबे की खोज में मदद की। मुझे उन guides के परिवारजन के साथ संपर्क का अवसर प्राप्त हुआ। मैं उन गाइड्स का और उनके स्वजनों का आभारी हूँ। मैं ‘सैं जरवे’ के मेयर का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस मेमोरियल को बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैं फ्रांस की सरकार, राष्ट्रपति मैक्रों और फ्रांस की जनता का मुझे आमंत्रित करने के लिए, आप सभी से मिलने का अवसर देने के लिए भी आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,


जब मैं 4 साल पहले फ्रांस आया था, तो हजारों की संख्या में भारतीयों से संवाद का अवसर मिला था। मुझे याद है, तब मैंने आपसे एक वादा किया था। मैंने कहा था कि भारत आशाओं और आकांक्षाओं के नए सफर पर निकलने वाला है। आज जब आपके बीच आया हूं तो कह सकता हूं कि हम न सिर्फ उस सफर पर निकल पड़े, बल्कि 130 करोड़ भारतवासियों के सामूहिक प्रयासों से भारत तेज़ गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि इस बार फिर देशवासियों ने पहले से भी अधिक प्रचंड जनादेश देकर हमारी सरकार को समर्थन दिया है। ये जनादेश सिर्फ एक सरकार चलाने के लिए नहीं है, बल्कि नए भारत के निर्माण के लिए है। एक ऐसा नया भारत जिसकी समृद्ध सभ्यता और संस्कृति पर पूरे विश्व को गर्व हो, और जो, 21वीं सदी की आधुनिकता को भी Lead करे। ऐसा नया भारत जिसका Focus Ease of Doing Business पर हो और जो Ease of Living भी सुनिश्चित करे।

साथियों,

भारत में पिछले पांच सालों में ढेर सारे सकारात्मक बदलाव हुए हैं। इन बदलावों के केन्द्र में भारत की युवा शक्ति, भारत के गांव, गरीब, किसान, नारीशक्ति रहे हैं। फुटबॉल प्रेमी देश में आया हूँ, और फुटबॉल प्रेमी लोगों के बीच में आया हूँ तो कुछ फुटबॉल की भाषा में आपसे कहना चाहता हूँ। आप लोग बहुत अच्छी तरह जानते हैं कि गोल का महत्व क्या होता है। हमने पिछले पांच सालों में कुछ ऐसे गोल रखे है जो पहले नामुनकिन माने जाते थे। लेकिन टीम स्पिरिट की भावना से हमने उन गोलों को, उन लक्ष्यों को साकार करके दिखाया है।

साथियों,

पूरी दुनिया में, एक तय समय में सबसे ज्यादा बैंक अकाउंट अगर किसी देश में खुले हैं, तो वो भारत है। पूरी दुनिया की अगर आज सबसे बड़ी हेल्थ एश्योरेंस स्कीम किसी देश में चल रही है, तो वो भारत है। इस स्कीम से Covered लोगों की संख्या कितनी ज्यादा है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की कुल आबादी को भी जोड़ दें, तो वो उसके सामने कम ही पड़ेगी।

साथियों,

पूरी दुनिया ने TB को समाप्त करने का लक्ष्य साल 2030 तक रखा है। आपको गर्व होगा की जिस गति से हम इस पर काम कर रहे है उससे भारत इस लक्ष्य को साल 2025 तक पूरा कर लेगा। इसी तरह COP-21 में Climate Change के जो लक्ष्य 2030 के लिए निर्धारित किये गए थे उनमे से ज्यादातर लक्ष्यों को भारत अगले एक-डेढ़ वर्षों में प्राप्त कर लेगा।

साथियों,

आज कई स्टडीज आ रही हैं जिसमें कहा जा रहा है कि भारत अपनी गरीबी को बहुत तेजी से दूर कर रहा है। ये भी हमारा एक गोल था जिसको हम तेजी से पूरा करने में लगे हैं। भारत आज नई ऊर्जा से भरा है और इसका प्रतीक है कि भारत आज स्टार्ट-अप की दुनिया में भी बहुत आगे है। छोटे-छोटे शहरों के Talented युवा एक से बढ़कर एक इनोवेशन कर रहे हैं।

साथियों,

ये भी सच है कि पिछले पांच सालों में हमने देश से अनेक कुरीतियों को रेड-कार्ड भी दे दिया है। आज नए भारत में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, परिवारवाद, जनता के पैसे की लूट, आतंकवाद जिस तरह लगाम कसी जा रही है, वैसा कभी नहीं हुआ।

साथियों,

नए भारत में थकने और रूकने का सवाल ही पैदा नहीं होता। नई सरकार को बने अभी सिर्फ 75 दिन ही पूरे हुए हैं लेकिन स्पष्ट नीति और सही दिशा के मंत्र से प्रेरित होकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। नई सरकार बनते ही जल शक्ति के लिए एक नया मंत्रालय बनाया गया, जो पानी से संबंधित सारे विषयों को होलिस्टिकली देखेगा। गरीब किसानों और व्यापारियों को पेंशन की सुविधा मिले, इसका भी फैसला लिया गया। ट्रिपल तलाक की अमानवीय कुरीति को खत्म कर दिया गया है। मुस्लिम बहनों-बेटियों के साथ ऐसा अन्याय कोई कैसे स्वीकार कर सकता है? इसी तरह Child Protection और Health के क्षेत्र में भी सरकार ने अहम फैसले लिए हैं। आज इस बात की भी बहुत चर्चा है कि इस बार हमारी संसद का सत्र पिछले 6 दशकों में सबसे ज्यादा प्रोडेक्टिव था। आप सभी जानते हैं कि 7 सितंबर को हम सभी का चंद्रयान चांद पर उतरने वाला है। इस उपलब्धि के बाद चांद पर उतरने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। भाइयों और बहनों, भारत में हो रही इस प्रगति के बीच, फ्रांस के साथ हमारे सदियों पुराने संबंध दिन-प्रतिदिन मजबूत हुए हैं। एक दूसरे की आवश्यकताओं का ध्यान, एक दूसरे के प्रति संवेदनशीलता, एक दूसरे के प्रति विश्वास, को लेकर हम आगे बढ़े हैं। भारत और फ्रांस, एक दूसरे के लिए लड़े भी हैं और जीए भी हैं। दोनों देशों ने कंधे से कन्धा मिलाकर दुश्मनों का मुकाबला किया है। यही वो धरती है जहाँ प्रथम विश्वयुद्ध में 9,000 भारतीय सैनिकों ने फ्रांस के सैनिकों के साथ मानवता के पक्ष में लड़ते हुए अपने प्राणों की आहूति दे दी थी।

साथियों,

हमने Imperialism, Fascism और Extremism का मुकाबला भारत में ही नहीं बल्कि France की धरती पर भी किया है। हमारी दोस्ती ठोस आदर्शों पर बनी है। दोनों देशों के चरित्र का निर्माण ‘लिबर्टी, इक्वलिटी और फ्रेटरनिटी’ के साझा मूल्यों से हुआ है। आज अगर भारत और फ्रांस दुनिया के बड़े खतरों से लड़ने में नजदीकी सहयोग कर रहे हैं तो उसका कारण भी यह साझा मूल्य ही है। चाहे वह आंतकवाद हो या फिर climate change. लोकतंत्र के मूल्यों को इन खतरों से बचाने की हमारी collective responsibility को हमने भली भांति स्वीकारा है। भारत फ्रांस संबंधों की दूसरी विशेषता है कि हम चुनौतियों का सामना ठोस कार्रवाई से करते हैं। दुनिया में climate change की बातें तो बहुत होती है मगर उन पर Action होता हुआ कम ही दिखाई देता है। हमने France के साथ मिलकर International Solar Alliance की पहल की। आज इसमें करीब 75 देश जुड़ चुके हैं और climate change के खिलाफ ISA जमीन पर सही मायने में बदलाव ला रहा है।

भाइयों और बहनों,

आजकल हम 21वीं सदी के infra (इनफ्रा) की बात करते हैं। IN प्लस FRA यानि INDIA और FRANCE का तालमेल- Alliance: Solar Infra से लेकर Social Infra तक, Technical Infra से लेकर Space Infra तक, Digital Infra से लेकर Defence Infra तक भारत और फ्रांस का Alliance मजबूती से आगे बढ़ रहा है। भारत में Smart शहरी व्यवस्थाओं के निर्माण और Intelligent ट्रांसपोर्टेशन में भागीदारी से भी दोनों ही देशों को लाभ मिल रहा है। भाइयों और बहनों, फ्रांस में भारतीय वैज्ञानिकों, और इंडिया में फ्रेंच Technology का बड़ा सम्मान है। आप में से कई लोग फ्रांस में भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा को Represent कर रहे हैं, एटॉमिक energy, aero-space टेक्नोलॉजीज और दूसरे हाई टेक एरियाज में दोनों देशों के signature प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं। फ्रांस में दुनिया के इकलौते फ्यूज़न रिएक्टर बनाने के प्रोजेक्ट में भी भारतीय प्रतिभा भागीदार है। यह इस सदी का बहुत महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रोजेक्ट है। जब यह technology आने वाली पीढ़ियों को अपार ऊर्जा उपलब्ध कराएगी, तो उसमें आप का भी योगदान होगा। सोचिए, कितना गर्व होगा हर भारतीय को !

साथियों,

भारत से आपका रिश्ता मिट्टी का है, तो फ्रांस से मेहनत का नाता है। आपकी सफलताएं फ्रांस के लिए गौरव का विषय तो है ही साथ ही यह भारत को भी गौरवान्वित करती हैं। भारतीय मूल के लोगों ने फ्रांसीसी public life में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कई व्यक्ति फ्रेंच संसद के सदस्य हैं। जब भारतीय प्रतिभाओं को फ्रांस से सम्मान प्राप्त होता है तो हमारा भी सर गर्व से ऊँचा हो जाता है। मुझे इस बात की भी खुशी है कि आपने फ्रांस के रिवाजों और कानूनों को अपनाने के साथ-साथ अपनी विशिष्ट ‘भारतीयता’ को सहेजे रखा है। मुझे बताया गया है कि गणपति महोत्सव पेरिस के cultural calendar की मुख्य विशेषता बन गया है। इस दिन पेरिस mini India में बदल जाता है। यानि अब से कुछ दिन बाद ही यहां गणपति बप्पा मौर्या की गूंज भी सुनाई देगी।

मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। कल जन्माष्टमी का पवित्र पर्व भी है।

मैं इसके लिए भी आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ।

साथियों,

इस वर्ष हम सभी महात्मा गांधी की 150वीं जन्म जयंति और गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व भी मनाने जा रहे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि आप में से कुछ लोगों ने Gandhi Quiz में भी भाग लिया होगा।

भाइयों और बहनों,

देश के विकास के लिए आपका योगदान, भारत के लिए बहुत बड़ी ताकत है। भारत और फ्रांस के रिश्तों की मजबूती के मूल में भी सिर्फ सरकारें नहीं हैं, बल्कि आप जैसे साथी हैं। आप ही फ्रांस में भारत के प्रतिनिधि हैं, भारत की आवाज़ हैं। मुझे विश्वास है कि भारत की इस आवाज़ को आप बुलंद करते रहेंगे। एक बार फिर आप सभी का बहुत-बहुत आभार !

 

भारत माता की जय !!!
जय हिंद !!!
टिप्पणियाँ

टिप्पणी पोस्ट करें

  • नाम *
    ई - मेल *
  • आपकी टिप्पणी लिखें *
  • सत्यापन कोड * Verification Code