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विदेश मंत्री द्वारा ई-विद्याभारती और ई-अरोग्यभारती परियोजना की आधिकारिक शुरुआत (09 अक्टूबर, 2019)

अक्तूबर 09, 2019

  • भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 7 अक्टूबर 2019 को औपचारिक रूप से ई-विद्याभारती (टेली-शिक्षा) और ई-आरोग्यभारती (टेली-मेडिसिन) परियोजना (ई-वीबीएबी) का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन, रक्षा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक, मिशन के प्रमुख, राजनयिक दल के सदस्य, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, मैसर्स टीसीआईएल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्मार्ट गवर्नेंस के वरिष्ठ अधिकारियों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास और भारतीय शैक्षिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  • विदेश मंत्री ने टेली-एजुकेशन पोर्टल www.iLearn.gov.in का अनावरण किया, जो अफ्रीकी छात्रों को इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, गणित तथा विज्ञान, शिक्षा, मानविकी एवं कला और शिक्षक प्रशिक्षण समेत विभिन्न विषयों में 500 से अधिक पाठ्यक्रमों तक पहुंच देगा। यह पोर्टल भारत के प्रमुख सार्वजनिक तथा निजी विश्वविद्यालयों से स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करने हेतु 15000 अफ्रीकी छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान करेगा। समारोह के दौरान ई-वीबीएबी परियोजना के आधिकारिक प्रतीक चिन्ह का भी अनावरण किया गया।
  • इस कार्यक्रम के दौरान अपने वक्तव्य में विदेश मंत्री ने कहा कि ई-वीबीएबी इस मंत्रालय द्वारा निष्पादित की जाने वाली अब तक की बड़ी परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने आगे कहा कि परियोजना अफ्रीकी छात्रों को उनके घरों तक सुविधा पहुंचाकर प्रमुख भारतीय शिक्षा का उपयोग करने में सक्षम बनाएगी और अफ्रीकी डॉक्टरों तथा रोगियों को समान रूप से भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञताएं प्रदान करेगी। राज्य मंत्री ने भी इस आयोजन को संबोधित किया और कहा कि ई-वीबीएबी पहल तीसरे भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन में की गई माननीय प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धताओं से एक है, जो भारत-अफ्रीका संबंधों के इतिहास में अब तक का सबसे सफल शिखर सम्मेलन था।
  • इस बात ध्यान दिया जाना चाहिए कि सरकार के 100 दिनों के कार्यक्रम के भाग के रूप में ई-वीबीएबी परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी से कार्य किया गया है। पैन-अफ्रीका ई-नेटवर्क परियोजना के चरण-1 की सफलता के बाद ई-वीबीएबी को अफ्रीकी देशों द्वारा अच्छी तरह से अपनाया गया है। समझौता ज्ञापन पर कार्यान्वयन एजेंसी मैसर्स टीसीआईएल के साथ बेनिन, कोटे डी आइवर (आईवरी कोस्ट), कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, घाना, मलावी, मॉरीशस, मोजाम्बिक, गिनी गणराज्य, जाम्बिया, सूडान और युगांडा द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। सूचना, संचार और प्रौद्योगिकी में भारत-घाना कोफी अन्नान केंद्र उत्कृष्टता के साथ सहयोग से घाना में स्थित पायलट परियोजना में पारंपरिक तथा साथ ही साथ बड़े डेटा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते हुए क्षेत्रों के शिक्षार्थियों से अच्छी भागीदारी प्राप्त हुई है।
  • ई-वीबीएबी परियोजना अफ्रीकी डॉक्टरों, चिकित्सा-सहायकों और रोगियों के लिए टेली-मेडिसिन और सतत चिकित्सा शिक्षा प्रदान करती है। ये सेवाएं विदेश मंत्रालय द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, उन्नत कम्प्यूटिंग के विकास केंद्र और अन्य हितधारकों के साथ साझेदारी में प्रदान की जाएंगी।
  • ई-वीबीएबी नेटवर्क परियोजना पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा पूरी अवधि में वित्त पोषित की जाएगी और अफ्रीका में हमारे सभी साथी देशों की भागीदारी के लिए खुली रहेगी। यह परियोजना अफ्रीका के साथ हमारी विकास साझेदारी में एक मील का पत्थर है और इसका लक्ष्य 21वीं सदी की सूचना अर्थव्यवस्था की चुनौतियों का सामना करने हेतु अफ्रीकी युवाओं को तैयार करना है।
नई दिल्ली
09 अक्टूबर, 2019


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