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भारत-ब्रिटेन वर्चुअल समिट पर संयुक्त वक्तव्य (व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए रोडमैप 2030)

मई 04, 2021

1. भारत के प्रधानमंत्री महामहिम श्री नरेंद्र मोदी तथा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री अति महामहिम 'बोरिस जॉनसन ने 4 मई 2021 को वर्चुअल प्रारूप मे मुलाकात की।

2. दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत और ब्रिटेन के बीच एक नई और परिवर्तनकारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के साझा दृष्टिकोण पर सहमति व्यक्त की, जो लोकतंत्र, मौलिक स्वतंत्रताओं, बहुपक्षीयता और एक नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। उन्होंने अगले दस वर्षों के लिए सहयोग को जारी रखने के लिए 2030 तक के लिए एक महत्वाकांक्षी भारत-ब्रिटेन रोडमैप को अंगकृत किया। (संयुक्त वक्तव्य में संलग्न) । उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने से न केवल पारस्परिक लाभ प्राप्त हो सकते हैं बल्कि जीवन और आजीविका को पुनर्जीवित करने, विश्व भर में शांति तथा समृद्धि को बढ़ावा देने और भावी पीढ़ियों के लिए धरती की रक्षा और संरक्षण के लिए एक वैश्विक शक्ति भी हो सकती है।

3. विश्व में कोविड-19 संक्रमण की गंभीर नई लहर का सामना करना जारी है, दोनों नेताओं ने कठिन महामारी की वजह से विश्व स्तर पर परिस्थितियों को स्वीकार किया। उन्होंने जनहानि के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा भारत, ब्रिटेन और शेष विश्व में इस महामारी के पीड़ितों के परिवारों के साथ गहरी सहानुभूति व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की मौजूदा स्थिति को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों के रूप में ब्रिटेन द्वारा प्रदान की गई त्वरित सहायता के लिए प्रधानमंत्री बोइस जॉनसन को धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक सहयोग और एकजुटता महामारी से लड़ने और सतत तथा समावेशी पुनः प्राप्ति हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, एस्ट्रा जेनेका तथा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के बीच एक प्रभावी कोविड-19 वैक्सीन पर सफल सहयोग को रेखांकित करते हुए मौजूदा ब्रिटेन-भारत टीके साझेदारी को विस्तृत करने पर सहमति व्यक्त की, जो ' ब्रिटेन में विकसित', ' भारत में निर्मित' तथा 'विश्व स्तर पर वितरित' है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को महामारी से सबक सीखना चाहिए तथा महामारी से लड़ाई को सशक्त करने के लिए विश्व स्वस्थ्य संगठन तथा वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा संरचना में सुधार और मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने पर सहमति जताई।

4. दोनों नेताओं ने बढ़ी हुई व्यापार साझेदारी के शुभारंभ का स्वागत किया, और अपने व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों की पूरी क्षमता को खोलने के लिए एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत करने के अपने इरादे की घोषणा की, जिसमें जल्दी लाभ प्रदान करने देने के लिए अंतरिम व्यापार समझौते पर विचार करना शामिल है। उन्होंने एफटीए में व्यापार अवरोधों को दूर करना जारी रखने तथा 2030 तक भारत-ब्रिटेन व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य बनाने पर सहमति व्यक्त की।

5. उन्होंने अपने संयुक्त निवेश कार्यक्रमों द्वारा किए गए लाभों और चयनित विकासशील देशों को भारत से समावेशी नवाचारों के हस्तांतरण का समर्थन करने के लिए वैश्विक नवाचार भागीदारी पर भारत-ब्रिटेन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे के लिए सतत वित्त जुटाने के महत्व को दोहराया तथा ग्रीन ग्रोथ इक्विटी फंड (जीजीईएफ) तथा भारत-ब्रिटेन सतत वित्त मंच द्वारा की गई प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने गिफ्ट सिटी तथा ब्रिटेन वित्तीय सेवा पारिस्थितिकी तंत्र के बीच अधिक से अधिक संबंधों को बढ़ावा देने तथा गिफ्ट शहर के संबंध में कई सकारात्मक घटनाक्रमों में से एक के रूप में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) में एक एकीकृत नियामक के निर्माण के लिए गिफ्ट सिटी पर भारत-ब्रिटेन रणनीतिक सहयोग के अंतर्गत प्रगति का स्वागत किया।

6. दोनों नेताओं ने विश्वसनीय तथा सतत आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के महत्व को मान्यता दी जो वर्तमान महामारी जैसे प्रमुख अवरोधों के लिए जुझारू है तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण का समर्थन करने पर सहमत हुए।

7. दोनों नेताओं ने विज्ञान, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में बढ़ी हुई साझेदारी के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया और अगले मंत्रिस्तरीय विज्ञान और नवाचार परिषद (एसआईसी) के लिए तत्पर हैं। उन्होंने दूरसंचार/आईसीटी पर नए भारत-ब्रिटेन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने तथा डिजिटल और प्रौद्योगिकी पर आशय की संयुक्त घोषणा, तकनीक पर नए उच्चस्तरीय संवादों की स्थापना, कोविड-19 में नए संयुक्त त्वरित अनुसंधान निवेश, पशुजन्य अनुसंधान को समर्थन देने के लिए एक नई साझेदारी, मौसम और जलवायु विज्ञान में अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए नए निवेश तथा ब्रिटेन-भारत शिक्षा और अनुसंधान पहल (यूकेआईआइ) को जारी रखने का स्वागत किया।

8. दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-ब्रिटेन रक्षा तथा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा भागीदारी ढांचे के माध्यम से अपने रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की तथा नए लॉजिस्टिक्स समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने का स्वागत किया। उन्होंने नौवहन सहयोग बढ़ाने, ब्रिटेन के संपर्क अधिकारी को भारत के सूचना संलयन केंद्र में आमंत्रित करने, वार्षिक भारत-ब्रिटेन नौवहन वार्ता की स्थापना तथा परिचालन समन्वय को सशक्त करने पर सहमति व्यक्त की। 2021 में हिंद महासागर क्षेत्र में ब्रिटेन के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती के दौरान वे संयुक्त अभ्यास आयोजित करने पर सहमत हुए जो दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण सामरिक महत्व के क्षेत्र में सहयोग को प्रगाढ़ करेगा।

9. वे इस बात पर सहमत हुए कि लड़ाकू विमानों, नौवहन प्रणोदन प्रणाली तथा जटिल हथियारों सहित प्रमुख सैन्य प्रौद्योगिकियों पर भारत-ब्रिटेन सहयोग के लिए एक आशाजनक नया युग है, जो भारतीय और ब्रिटिश उद्योगों, सरकारी प्रयोगशालाओं तथा शिक्षा विदों की ताकत का दोहन कर रहा है ताकि सह-विकास और सह-उत्पादन के माध्यम से अगली पीढ़ी की रक्षा और सुरक्षा क्षमताओं को पूरा करने में मदद मिल सके।

10. दोनों नेताओं ने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण तथा सुरक्षित साइबर स्पेस को अपना पूरे समर्थन को दोहराया तथा बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के लिए भारत-ब्रिटेन साइबर सुरक्षा साझेदारी के माध्यम से सहयोग को मजबूत करने तथा महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे की सुरक्षा तथा जुझारूपन को मजबूत करने पर क्षमता निर्माण को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

11. उन्होंने क्षेत्रीय अखंडता तथा संप्रभुता, विधि का शासन, पारदर्शिता, अंतरराष्ट्रीय समुद्रों में नौवहन तथा ओवरफ्लाइट की स्वतंत्रता, बेरोक-टोक वैध वाणिज्य तथा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के सम्मान पर आधारित एक खुले, स्वतंत्र, समावेशी तथा नियम आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अपने साझा दृष्टिकोण की पुष्टि की ।

12. दोनों नेताओं ने अपने सभी रूपों में आतंकवाद तथा उन सभी लोगों की कड़े शब्दों में निंदा की जो आतंकवाद को प्रोत्साहन, समर्थन तथा वित्त प्रदान करते हैं अथवा आतंकवादियों और आतंकी समूहों को सरणस्थान प्रदान करते हैं। उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त कार्य दल के माध्यम से सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें आतंकी नेटवर्कों पर सूचना और खुफिया जानकारी साझा करना तथा उग्रवाद और कट्टरता की बढ़ती घटना से निपटने के अनुभवों को साझा करना शामिल है।

13. दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान में चल रही हिंसा और लक्षित हत्याओं पर चिंता व्यक्त की जबकि शांति वार्ता अभी चल ही रही है। वे इस बात पर सहमत थे कि अफगानिस्तान में कोई भी राजनीतिक समाधान अफगान स्वामित्व वाला तथा अफगान-नेतृत्व वाला होना चाहिए तथा पिछले दो दशकों में महिलाओं, बच्चों तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों तथा संवैधानिक लोकतांत्रिक ढांचे तथा स्वतंत्रताओं सहित विकास की प्रगति को संरक्षित किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान में एक-दूसरे के व्यापक विकास योगदान को पहचाना। वे स्थायी तथा व्यापक युद्धविराम के लिए सही परिस्थितियां बनाने में योगदान देने के लिए मिलकर कार्य करना जारी रखने पर सहमत हुए जिससे स्थायी शांति बनी रहे।

14. ब्रिटेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार पर भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। इस संदर्भ में दोनों देशों ने एक निश्चित समय सीमा के भीतर ठोस परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से नियम आधारित वार्ताओं की शुरुआत करने का आह्वान किया। ब्रिटेन ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत के प्रवेश के लिए अपना समर्थन भी दोहराया ।

15. दोनों नेताओं ने पार्टियों तथा उससे आगे के 26वें सम्मेलन के दौरान पेरिस समझौते तथा जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र का फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के लक्ष्यों की खोज में महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई करने के लिए अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता की पुष्टि की। वे ग्लासगो में एक महत्वाकांक्षी, पारदर्शी तथा समावेशी बातचीत जलवायु परिणाम तक पहुंचने के लिए एक साथ कार्य करने पर सहमत हुए।

16. वे अपतटीय पवन, ऊर्जा दक्षता और भंडारण और इलेक्ट्रिक गतिशीलता सहित नवीकरणीय तथा बिजली पर एक नई साझेदारी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन तथा कम कार्बन उत्सर्जन क्षेत्र मे परिवर्तन पर भारत-ब्रिटेन सहयोग को बढ़ाने तथा हरित हाइड्रोजन पर संयुक्त कार्य का पता लगाने पर सहमत हुए। उन्होंने कॉप-26 में हरित ग्रिड पहल की घोषणा करने तथा आपदा से जुझारूपन वाले बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन के अंतर्गत छोटे द्वीप विकासशील राज्यों के लिए एक नई सुविधा के माध्यम से कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेसिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने तथा वनों पर भारत-ब्रिटेन साझेदारी शुरू करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने सार्वजनिक तथा निजी वित्त दोनों को जुटाने के लिए प्रमुख निजी वित्त अग्रणी के साथ बढ़ी हुई साझेदारी का पता लगाने पर भी सहमति व्यक्त की।

17. दोनों नेताओं ने इस बात की पुष्टि की कि लोगों से लोगों के बीच संपर्क द्विपक्षीय साझेदारी को सशक्त तथा स्थायित्व प्रदान करते हैं, जिसमें दोनों देशों के बीच रहने वाले, संपन्न संपर्क साधन के रूप में 16 लाख सशक्त भारतीय प्रवासी शामिल हैं। उन्होंने भारत-ब्रिटेन व्यापक प्रवासन तथा गतिशीलता भागीदारी (एमएमपी) पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया तथा छात्रों और पेशेवरों के कानूनी लड़ाइयों को सुगम बनाने तथा अवैध प्रवासन तथा संगठित प्रवासन अपराध का मुकाबला करने में इससे होने वाले लाभों पर विश्वास व्यक्त किया।

18. दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक-दूसरे की सुरक्षा तथा समृद्धि में बारीकी से लगे रहने तथा निवेश करने की प्रतिबद्धता की। उन्होंने अपने विदेश मंत्रियों को रोडमैप के कार्यान्वयन की वार्षिक रणनीतिक समीक्षा करने तथा उन्हें वापस रिपोर्ट करने का कार्य सौंपा।



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