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कोविड -19 हालात के कारण ईरान में फंसे भारतीयों परविदेश मंत्री का स्व-प्रेरित वक्तव्य

मार्च 11, 2020

माननीय अध्यक्ष महोदय,

1. मैं कोरोनस वायरस की स्थिति के परिणामस्वरूप ईरान में फंसे भारतीयों से संबंधित कुछ हालिया घटनाक्रमों से इस सम्मानित सदन को अवगत करा रहा हूं। सदन पहले ही सरकार के उन प्रयासों से अवगत है, जो उसने चीन के वुहान से भारतीयों को वापस लाने के लिए उस शहर में तीन उड़ानों को भेज कर किये थे। इसके बाद, हम चालक दल और क्रूज़ शिप के यात्रियों को जापान से वापस ले आएजो कोरोनावायरस से प्रभावित था।इन निकासियों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे। कोरोनावायरस की तेज वृद्धि के मद्देनजर हमारा ध्यान अब ईरान की तरफ है।

2. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईरान के विभिन्न प्रांतों में 6000 से अधिक भारतीय नागरिक हैं। इनमें, मुख्य रूप से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र राज्य के लगभग 1100 तीर्थयात्री; मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश से लगभग 300 छात्र; केरल, तमिलनाडु और गुजरात सहित से लगभग 1000 मछुआरे; और अपनी जीविका और धार्मिक अध्ययन को आगे बढ़ाने के लिए ईरान में लंबे समय से रह रहे हैं,शामिल हैं।

3. जैसे ही सरकार ने ईरान में कोरोनावायरस मामलों में तीव्र वृद्धि के बारे में जानकारी प्राप्त करना शुरू किया, तो एहतियात के तौर पर, भारत और ईरान के बीच सीधी उड़ानों को 27 फरवरी से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। यात्रा से बचने के लिए सलाह जारी की गई थी और लौटने वाले यात्रियों की जांच की जाने लगी थी । यह एक लगातार चल रही प्रक्रिया है।

4. तेहरान में हमारा दूतावास और बांदर अब्बास और ज़ाहिदान में वाणिज्य दूतावास स्वाभाविक रूप से ईरान में भारतीय नागरिकों के पास उनके कल्याण का पता लगाने के लिए तुरंत पहुंच गए। हमारे नागरिकों को उचित सावधानी बरतने के लिए सलाह जारी की गई थी । भारतीय मिशन के आपातकालीन संपर्क विवरण प्रदर्शित किए गए। दूतावास और वाणिज्य दूतावास के अधिकारी भारतीय नागरिकों को आश्वस्त कर रहे थे और सुनिश्चित कर रहे थे कि वे अच्छे स्वास्थ्य में हैं और उनके पास पर्याप्त रसद हैं।मैं इसका उल्लेख एक समग्र दृष्टिकोण के रूप में करता हूं, लेकिन मछुआरों के समुदाय के लिए विशेष संदर्भ के साथ, जिनके कल्याण के बारे में कई माननीय सदस्यों द्वारा मुझ से पूछा गया है।

5. ईरान में भारतीयों की बड़ी संख्या को देखते हुए, यह स्वाभाविक था कि हम उनके रहने के स्थान और जोखिम को ध्यान में रखते हुए, उनकी क्रमवार वापसी के लिए प्रयास करें। प्रारंभिक ध्यान तीर्थयात्रियों तक पहुँचने का है। उनमें से कई कोममें हैं, जहां कोरोनावायरस का असर काफी मजबूत है। उनके निवास की प्रकृति भी संसर्ग के जोखिम को बढ़ाती है। आयु भी एक कारक है जिसे ध्यान में रखा गया था। जैसा कि वर्तमान में उनकी सलामती पर ध्यान दिया जा रहा है, हम अब भारतीय छात्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उनमें से कई चिकित्सा का अध्ययन कर रहे हैं और इस कठिन परिस्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों से पूरी तरह अवगत हैं। दूतावास, एक समूह के रूप में उनके साथ नियमित संपर्क में है। हमारी जानकारी यह है कि अधिकांश मछुआरे जिस क्षेत्र में स्थित हैं, वह क्षेत्र इतनी गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हुआ है। ये कारक आने वाले दिनों में हमारे दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करेंगे।

6. पिछले कुछ दिनों से, सरकार फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्रीकृत प्रयास कर रही है। कोविड-19 के संक्रमण के पैमाने और ईरान के स्वयं के संसाधनों पर इसके दबाव को देखते हुए, छह भारतीय स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम की ईरान में प्रतिनियुक्ति की गई है ताकि वहां परीक्षण और नमूने की सुविधा स्थापित की जा सके। 7 मार्च को भारत में 108 नमूनों का पहला बैच प्राप्त हुआ था। इनका परीक्षण किया गया और 58 भारतीय तीर्थयात्रियों (25 पुरुष, 31 महिलाएं और 2 बच्चे), जिनके परीक्षण की रिपोर्टें नकारात्मक थी, को 10 मार्च को विशेष आईएएफसी-17 उड़ान से प्रत्यावर्तित किया गया था । हमें इस उड़ान से 529 और भारतीयों के नमूने भी मिले हैं, जिनका पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में परीक्षण किया जा रहा है। हम तेहरान में और अधिक नमूने एकत्र करना जारी रख रहे हैं और हमारा प्रयास उचित परीक्षण और स्क्रीनिंग के बाद अपने नागरिकों की जल्द से जल्द वापसी सुनिश्चित करना है। हम ईरान के अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं ताकि वे परीक्षण के बाद शेष भारतीयों की शीघ्र वापसी की सुविधा के लिए कुछ सीमित वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन कर सकें।

7. हमारे दूतावास के कर्मचारी और मेडिकल टीम जल्द से जल्द वापसी के उद्देश्य को सुनिश्चित करने के लिए कठिन परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। ईरान में सार्वजनिक स्वास्थ्य कारणों से लगाए गए प्रतिबंधों के होने के कारणसदन उनके परिचालन दबावों की सराहना करेगा। परिवहन, आवास और अन्य रसद की व्यवस्था करना आसान नहीं है। ईरानी तंत्र, स्वाभाविक रूप से तनाव में है और हम इन परिस्थितियों में उनके सहयोग की सराहना करते हैं।

8. श्रीनगर की अपनी हालिया यात्रा के दौरान, मैंने कुछ उन छात्रों के माता-पिता से मिलने की पहल की, जो ईरान में हैं। इस समय की उनकी चिंता पूरी तरह से समझ आती है। मैंने उनके साथ जमीनी स्थिति को विस्तार से साझा किया और उनसे इसे समझने की कोशिश करने के लिए कहा।मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उनके बच्चों की जल्द से जल्द वापसी संभव करेगी।

9. बांदर अब्बास में हमारे वाणिज्य दूतावास भारतीय मछुआरों के संपर्क में हैं, जो असालौह, चिरुइह और किश शहर सहित ईरान के दक्षिणी प्रांतों में हैं। उनमें से कुछ के पास गए है और अन्यों के पास जल्द ही जाएँगे। उन्हें आवश्यक आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वे सभी अच्छे स्वास्थ्य में हैं।

10. मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि सरकार दुनिया के किसी भी हिस्से में हमारे नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह हमारी विदेश नीति की कसौटी रही है।

11. सदन निश्चित रूप से उन कुछ अन्य प्रयासों की सराहना करेगा, जो राष्ट्र ने कोविड -19 के संबंध में किया है। वैश्विक कोरोनावायरस स्थिति की निरंतर आधार पर कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सचिवों के एक समूह और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक समूह द्वारा निगरानी की जा रही है।मेरे मंत्री सहकर्मी ने देश में वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने और रोकने के लिए सदन को पहले ही अवगत कराया है। प्रधानमंत्री ने स्वयं समय-समय पर स्थिति की समीक्षा की है। हम नियमित रूप से यात्रा सलाह और वीजा दिशानिर्देश जारी करते रहे हैं जो प्रसंग केदेशों में स्थिति को दर्शाते हैं। कुछ मामलों में ई-वीजा और आगमन पर वीजा अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। हमारी सभी भूमि-सीमाओं के साथ-साथ वायु और समुद्री प्रवेश बिंदुओं पर भी सावधानी बरती जा रही है।

12. इटली में स्थिति अब बड़ी चिंता का कारण बन रही है। मैं माननीय सदस्यों के साथ साझा करना चाहूंगा कि इस संबंध में कदम पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। यूरोप में चुनौती दिन के हिसाब से बढ़ रही है और हम उसी के अनुसार प्रतिक्रिया करेंगे।

13. मुझे पूरा विश्वास है कि इस सदन के माननीय सदस्य हमारी चिकित्सा टीम, भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों, भारतीय वायु सेना दल के कर्मचारियों और भारत के उन सभी लोगों के गहन प्रयासों की सराहना करेंगे, जो अथक और निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए कि ईरान में हमारे लोग सुरक्षित हैं, और शीघ्र लौट सकते हैं। कोरोनावायरस चुनौती के लिए हमारी तरफ से एक केंद्रित और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होगी और हम सदन को घटनाक्रम की प्रगति से अवगत कराते रहेंगे ।

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