मीडिया सेंटर

शरम-अल-शेख में भारतीय मीडिया के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत

जुलाई 16, 2009

प्रारंभिक वक्तव्य

मैं आज फ्रांस और मिस्र की यात्रा समाप्त कर रहा हूं और भारत लौट रहा हूं ।

जैसा कि मैंने पहले कहा था, फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस पर मुख्य अतिथि के रुप में भारत का शामिल होना, भारत की जनता के लिए सम्मान की बात है और यह हम सभी के लिए गर्व की बात है । उनके साथ अपने विचार-विमर्श में राष्ट्रपति सर्कोजी ने पुन: पुष्टि की कि फ्रांस, भारत के साथ संबंधों को उच्च प्राथमिकता देता है । हमने आतंकवाद-रोध और रक्षा सहयोग के साथ-साथ अपने संपूर्ण द्विपक्षीय सहयोग पर विचार-विमर्श किया । राष्ट्रपति सर्कोजी ने स्पष्ट किया कि फ्रांस, भारत के साथ सभी क्षेत्रों में सहयोग, पूर्ण असैनिक परमाणु सहयोग के लिए तैयार है और इस सहयोग की कोई सीमाएं नहीं है । मैं निकट भविष्य में भारत में उनका स्वागत करने की प्रतीक्षा कर रहा हूं ।

मिस्र में नाम शिखर बैठक में आज के संदर्भ में आंदोलन के महत्व की पुष्टि की गई । नाम, विश्व के लगभग दो तिहाई राष्ट्रों की मजबूत आवाज के रूप में उभरा है । हमारी आवाज ध्यान से सुनी गई है और मेरा विश्वास है कि हमने जो विचार रखे हैं, गुट निरपेक्ष आंदोलन में उन्हें व्यापक प्रतिध्वनि मिली है ।

समीचीन वास्तविकताओं के अनुरूप, संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं सहित अंतर्राष्ट्रीय संरचना में निर्णय लेने की प्रक्रिया की शुरूआत करने का शिखर बैठक का आग्रह इस प्राथमिकता का द्योतक है जो दुनिया इस मामले को देती है । मुझे खुशी है कि शिखर बैठक ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा करने और कारगर ढंग से इसका मुकाबला करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की हमारी मांग पर ध्यान दिया है ।

मैंने इस शिखर बैठक के अति सफल नेतृत्व के लिए राष्ट्रपति मुबारक को बधाई दी है । हमें विश्वास है कि मिस्र के योग्य एवं अनुभवी नेतृत्व में इस आंदोलन को नई गति और बल मिलेगा । इस बैठक से अलग, मैंने बँगलादेश और मलेशिया के प्रधानमंत्रियों, वियतनाम के राष्ट्रपति और फिलीस्तीनी राष्ट्रीय सरकार के अध्यक्ष से मुलाकात की । आज सुबह मैंने मिस्र के राष्ट्रपति मुबारक से मुलाकात की । मैं यह उम्मीद करता हूं कि आज शाम नेपाल के प्रधानमंत्री और श्रीलंका के राष्ट्रपति से मुलाकात होगी ।

ये सभी देश हमारे निकट और विस्तृत पड़ोस के देश हैं । मैं देखता हूं कि भारत के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने की इन सभी देशों की समान इच्छा है । यह हमारे लिए अत्यधिक संतोष की बात है । हम अपनी क्षमता के अनुसार मैत्री निभाएंगे । मैंने आज सुबह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी के साथ अच्छा विचार-विमर्श किया । इस बैठक के दौरान हमने भारत-पाकिस्तान संबंधों की स्थिति, इसकी भावी संभावना और इस संभावना को मूर्त रूप देने के लिए आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया ।

हम एक संयुक्त वक्तव्य पर सहमत हुए हैं जो आपके पास उपलब्ध है ।

मैं अपनी यात्रा और विश्व नेताओं के साथ अपने विचार-विमर्श जिससे हमारे राष्ट्रीय हितों को काफी बढ़ावा मिला है, से संतुष्ट होकर भारत लौट रहा हूं ।

Write a Comment एक टिप्पणी लिखें
टिप्पणियाँ

टिप्पणी पोस्ट करें

  • नाम *
    ई - मेल *
  • आपकी टिप्पणी लिखें *
  • सत्यापन कोड * पुष्टि संख्या