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वियतनाम के अपने आधिकारिक दौरे के दौरान हनोई में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन

मई 09, 2019

नमस्ते!
वियतनाम में मेरे प्रिय साथी भारतीयों और भारत के मित्रगण
विशिष्ट अतिथिगण,

बहनों और भाइयों,

भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में इस खूबसूरत भूमि पर मेरी पहली यात्रा के तहत वियतनाम का दौरा कर मुझे आतंरिक खुशी मिली है।

इस देश द्वारा की गई प्रगति और विकास प्रभावशाली है। यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष है क्योंकि हम 1929 में साईगॉन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिष्ठित यात्रा की 90वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। उस यात्रा ने आधुनिक युग में एशिया के साथ भारत के गहन जुड़ाव की शुरुआत की और प्रत्येक देश के प्रोफाइल को दूसरे देश की सार्वजनिक चेतना में ऊंचा उठाया।

भारत व वियतनाम के बीच संबंध सभ्य और ऐतिहासिक हैं और हमारी साझेदारी समय की कसौटी पर खरी उतरी है। 2000 से अधिक वर्ष पहले, भारतीय भिक्षु और व्यापारी अपने साथ भगवान बुद्ध की शांति और करुणा का संदेश लेकर वियतनाम आए थे।

हो ची मिन्ह और महात्मा गांधी से लेकर वर्तमान नेताओं तक की हमारी पीढ़ी ने इस विश्वास और सद्भावना को बनाए रखा है। मुझे इस समृद्ध परंपरा का हिस्सा बनने पर गर्व है।

हा नाम प्रांत में वेसाक समारोह के 16वें संयुक्त राष्ट्र दिवस में बुद्ध की भूमि भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मैं सम्मानित और विनम्र महसूस करता हूं,
जहां मैं मुख्य संबोधन देने जा रहा हूं।

मैं इस यात्रा में उपराष्ट्रपति डांग थी न्गोक थिन्ह, प्रधानमंत्री, श्री गुयेन जुआनफुक और अध्यक्ष, नेशनल असेंबली, न्गुयेन थी किम नगन के साथ अपने आधिकारिक संबंधों के लिए उत्सुक हूं। दोनों देशों के बीच उच्चतम स्तर पर इस तरह की नियमित बातचीत से व्यापक रणनीतिक साझेदारी में अधिक समझ और तालमेल का निर्माण हुआ है। मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि जयपुर फुट आर्टिफिशियल लिम्ब फिटमेंट कैंप पिछले साल दो वियतनामी प्रांतों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था जिससे सैकड़ों वियतनामी नागरिक लाभान्वित हुए थे।

महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ मनाने के लिए भारत सरकार के ‘इंडिया फॉर ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम के तहत, हम जयपुर फुट आर्टिफिशियल लिम्ब फिटमेंट कैंप का आयोजन कर रहे हैं। मैं शनिवार को शिविर का दौरा करूंगा और कुछ लाभार्थियों के साथ बातचीत करूंगा।

भारत वियतनाम का एक स्थिर और मजबूत विकास भागीदार रहा है। इन वर्षों में, वियतनाम भारी सामाजिक-आर्थिक प्रगति करने में सफल रहा है। इसने आर्थिक विकास के उच्च स्तर, दूरदृष्टि और अपने नेतृत्व की दूरदर्शिता के साथ तीव्र गति से निरंतर प्रगति, विकास और समृद्धि सुनिश्चित की है।

कृषि विकास इस उल्लेखनीय उपलब्धि का एक प्रमुख कारक रहा है। एक विकास भागीदार के रूप में, हम वियतनाम की कृषि क्रांति और खाद्य सुरक्षा में योगदान करने के लिए विशेषाधिकार प्राप्त महसूस करते हैं। व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत, भारत वियतनाम को अपनी विकास सहायता जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत आईटीईसी कार्यक्रम के तहत वर्तमान में 130 से अधिक छात्रवृत्ति प्रदान कर रहा है तथा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद द्वारा भारत में उच्च अध्ययन के लिए लगभग 48 छात्रवृत्ति प्रदान की गयी है।

वियतनाम के मायसोन में यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज स्थल के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की एक समर्पित टीम पिछले 3 वर्षों से वियतनाम में काम कर रही है। हम अपने अनुदान सहायता परियोजनाओं के कार्यान्वयन के माध्यम से निन्थुआन प्रांत में चाम समुदाय के लिए हमारी विकास साझेदारी सहायता का विस्तार करने के लिए भी तत्पर हैं।

इस वर्ष, हमारा देश दुनिया में लोकतंत्र के सबसे बड़े त्योहार को मनाने जा रहा है। वर्तमान में हम आम चुनाव करवा रहे हैं जिसमें 900 मिलियन से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 15 मिलियन से अधिक मतदाता 18-19 वर्ष की आयु के हैं जो पहली बार मतदान में भाग लेंगे। मैं अपने साथी नागरिकों को इन समारोहों का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करूंगा और घर लौटकर चुनावों में पूरे दिल से भाग लूंगा।

संख्या में कम होते हुए भी, वियतनाम में भारतीय समुदाय के खाते में कई उपलब्धियां दर्ज हैं और समाज में उनका बड़ा सम्मान है। वियतनाम में भारतीय और भारतीय व्यापार एवं उद्योग द्विपक्षीय समझ को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था और समाज के लिए अवसर पैदा करने में सहायक रहे हैं।

यह संतोष की बात है कि हमारा व्यापार 2016 के 7.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर से दोगुना होकर लगभग 14 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।

योग में बाँधने की महान शक्ति रही है और वियतनाम में यह बेहद लोकप्रिय है। वियतनामी लोगों ने भारतीय संस्कृति, भारतीय टेलीविजन धारावाहिकों का स्वागत किया है और हनोई में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र द्वारा प्रदान किए जाने वाले सांस्कृतिक विसर्जन के अनुभवों का आनंद लिया है।

बहनों और भाइयों

मुझे आपके साथ उस महत्वाकांक्षी, परिवर्तनशील दृष्टि को साझा करने में खुशी हो रही है जो भारत को दुनिया के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में से एक बना रहा है।

पिछले डेढ़ दशक में, भारत ने शेयर बाजार सूचकांकों, विदेशी मुद्रा भंडार और बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक निवेश में सकारात्मक बदलाव देखा है।

भारतीय अर्थव्यवस्था लगभग 7.2 से 7.4% तक बढ़ रही है, और यह वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत खुद को 21वीं सदी की समावेशी अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 2030 तक हम 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर वाली अर्थव्यवस्था तथा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होंगे। भारत की कहानी, जैसी कि आज सामने आ रही है, विश्वसनीय है।

भारत ने 2017 में विश्व आर्थिक मंच की सबसे भरोसेमंद सरकारों की सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया। और हमने विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में 2018 में 23 स्थानों तथा 2017 में 30 स्थानों की बढ़त पायी। लाल कालीन न कि लालफीताशाही।

जन धन योजना के तहत, भारत में 38.03 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं। ऑनलाइन, डीबीटी, जेएएम के जरिये 90,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है जो बिचौलियों के उन्मूलन और व्यक्तिगत बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के कारण संभव हुआ है।

भारत अभूतपूर्व दर से अपने बुनियादी ढांचे में बढ़ोतरी कर रहा है। भारत में 1,31,326 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग हैं और लगभग 27 किलोमीटर सड़कें हर दिन बनाई जा रही हैं। ग्रामीण सड़कों तक हमारा संपर्क 91% तक बढ़ गया है। लगभग 2000 किलोमीटर तटीय संपर्क सड़कों की पहचान निर्माण के लिए की गई है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार है। सस्ती हवाई यात्रा की परिकल्पना वाली उड़ान योजना ने पहले से मौजूद 103 हवाई अड्डों में 40 और हवाई अड्डे जोड़े हैं। 2018 में पहली बार घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 120 मिलियन को पार कर गई। हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण, उन्नयन भी हो रहा है।
भारत के सभी गाँव अब विद्युतीकृत हैं।

देश में परिवर्तनकारी सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की गयी है जिसमें क्रांतिकारी

कर सुधार भी शामिल है। ‘द गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स’ को इतिहास में पहली बार भारत में एकीकृत बाजार निर्माण के लिए लागू किया गया था। यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रांतिकारी कराधान परिवर्तन है।

कर आधार विस्तृत हो गया है और 2017-18 में 6.85 करोड़ के आकलन में 80.5% की छलांग के साथ कर अनुपालन में काफी सुधार हुआ है।

विनिर्माण के लिए मेक इन इंडिया, डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए डिजिटल इंडिया, माइक्रोफाइनेंस के लिए मुद्रा तथा स्वास्थ्य बीमा के लिए आयुष्मान भारत, समावेशी और सतत विकास के लिए हमारी कुछ प्रमुख योजनाएं हैं। कौशल निर्माण के लिए स्किल इंडिया तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के लिए स्वच्छ भारत अभियान फलदायी रहे हैं। भारत तेजी से बदल रहा है। कारोबारी माहौल बेहतर के लिए बदल रहा है। पुरातन नियमों को समाप्त किया जा रहा है। निर्बाध प्रक्रियाएं शुरू की जा रही हैं।

डेमोक्रेसी, डिमांड और डेमोग्राफिक डिविडेंड, ये वे थ्रीडी हैं जो भारत की कहानी को बयाँ कर रहे हैं। इस चित्र में भारतीय प्रवासी चौथे डी हैं। मैं आप सभी को इन प्रयासों में शामिल होने, योगदान देने तथा विकास के इस एजेंडे में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता हूं। हमारे राष्ट्र की प्रगति और विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय की भूमिका और महत्व निर्विवाद है। विदेशों में रहने वाले भारतीय सहयोग और वृद्धि के नए अवसरों की पहचान करने में महत्वपूर्ण सूत्रधार हैं तथा बेहतर सांस्कृतिक समझ और सद्भाव के निर्माण के लिए हमारे राजदूत हैं।

इससे पहले कि मैं समाप्त करूं, मैं आप सभी के साथ साझा करना चाहूंगा कि हमारी सरकार ने हमारे विदेशी समुदाय तक पहुंच बनाने को प्राथमिकता दी है और अब हमारे बीच एक नया और जीवंत संबंध है। उनकी बेहतर सेवा करने के लिए, हमने चौबीसों घंटे सेवा प्रदान करने के लिए अपने दूतावासों को सुदृढ़ किया है, ताकि हर जरूरतमंद तक पहुंचा जा सके। हम सार्वजनिक सेवाओं को कुशलता से प्रदान करने के लिए सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे कि मदद का प्रयोग कर रहे हैं। मैं आप सभी के पेशेवर और निजी सफलता की कामना करता हूं। मुझे आशा है कि आप अपनी भारतीय जड़ों और विरासत में मिली अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा तथा वियतनाम के सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को पोषित करते रहेंगे। आप भारत के सांस्कृतिक राजदूत हैं और दुनिया आपको भारतीय मूल्यों और जीवन जीने के तरीके के प्रतिनिधि के रूप में देखती है।
मुझे खुशी है कि आप में से कई लोगों ने भारत को गौरवान्वित किया है।

कृपया अन्य देशों के पुरुषों और महिलाओं के साथ अपनी बातचीत में भारत के संदेश को दुनिया तक पहुंचाने के अपने मिशन को जारी रखें। साथ ही, अन्य देशों की सर्वश्रेष्ठ चीजों को भारत लाएं ताकि हमारा देश और अधिक तेजी से उन्नत हो सके। मैं इस देश में भारत को ठीक ढंग से समझने के लिए वियतनाम-इंडिया फ्रेंडशिप एसोसिएशन, वियतनाम यूनियन ऑफ फ्रेंडशिप एसोसिएशन, यूनिवर्सिटी ऑफ सोशल साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज, वियतनाम एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज तथा हो ची मिन्ह अकादमी ऑफ पॉलिटिक्स की कोशिशों की प्रशंसा करता हूँ। मैं भारतीय समुदाय को सक्रिय करने और दोनों देशों के व्यापार और उद्योग के बीच संबंधों को ऊर्जा प्रदान करने के लिए वियतनाम में इंडियन बिजनेस चैंबर का भी धन्यवाद करता हूं। मैं हमारे वियतनामी दोस्तों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने यहां रहने वाले अपने भारतीय दोस्तों पर मित्रता और प्यार की बौछार की है। हमें गर्व और उद्देश्य के साथ आगे आना चाहिए और एक-दूसरे को बढ़ने और समृद्ध बनाने में मदद करनी चाहिए। मुझे विश्वास है कि दोनों देशों और यहाँ के लोगों के बीच दोस्ती और आपसी भरोसे का यह बंधन समय के साथ मजबूत होता जाएगा।

वियतनाम मून नाम!
जय हिन्द!।

हनोई
09 मई, 2019


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