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प्रधानमंत्री की आगामी ब्राजील यात्रा पर सचिव (पूर्वी क्षेत्र) द्वारा विशेष ब्रीफिंग का प्रतिलेख (07 नवंबर, 2019)

नवम्बर 08, 2019

सरकारी प्रवक्ता श्री रवीश कुमार: मित्रों,नमस्कार, 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री की ब्राजील यात्रा के बारे में इस विशेष ब्रीफिंग में आपका स्वागत हैं। यात्रा माध्यम के बारे में बताने के लिए मेरे साथ सचिव (आर्थिक संबंध) श्री टी. एस. तिरुमूर्ति है। मेरे साथ अपर सचिव (एमईआर) बहुपक्षीय आर्थिक संबंध श्री सुरेश रेड्डी भी हैं। हम सचिव (पूर्वी क्षेत्र) द्वारा प्रारंभिक टिप्पणियों के साथ शुरू करेंगे और फिर हम आप सभी के प्रश्‍नों का उत्‍तर देंगें। महोदय, अब आपकी बारी है।

सचिव (पूर्वीक्षेत्र),श्री टी. एस. तिरुमूर्ति: बहुत-बहुत धन्यवाद। मीडिया के विशिष्ट सदस्य और मेरे प्रिय मित्र मैं भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ब्राजील की आगामी यात्रा के बारे में जानकारी देने के लिए आप सभी का स्वागत करना चाहूंगा ।

प्रधानमंत्री 13-14 नवंबर 2019को ब्रासीलिया में11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस वर्ष ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का विषय "एक अभिनव भविष्य के लिए आर्थिक विकास" है । हमारे प्रधानमंत्री के लिए यह छठी बार होगा जब वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे । उनका पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2014 में ब्राजील के फोर्टालेजा में हुआ था । जैसा कि आप शिखर सम्मेलनों के अलावा जानते हैं,ब्रिक्स नेता जी-20शिखर सम्मेलनों के हाशिए पर अनौपचारिक रूप से भी मिलते हैं । प्रधानमंत्री के साथ एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा। इस यात्रा के दौरान भारत का एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी विशेष रूप से ब्रिक्स बिजनेस फोरम में भाग लेने की आशा कर रहा है जहां पांचों देशों के व्यापारिक समुदाय का प्रतिनिधित्व किया जाता है। अब मैं आपको कार्यक्रम के बारे में बताऊंगा।

प्रधानमंत्री 13 नवंबर 2019 केप्रात: ब्रासीलिया पहुंचेंगे। पूरे दिन उनकी द्विपक्षीय बैठकें होगी। इसके बाद वे ब्रिक्स के अन्य नेताओं के साथ शाम को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के समापन समारोह में शामिल होंगे। तत्‍पश्‍चात् शाम को एक स्वागत समारोह और एक फोटो सत्र होगा जिसके बाद महामहिम राष्ट्रपति बोलसोनारो द्वारा आयोजित स्वागत रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा ।

फोटो सत्र के बाद 14 नवंबर प्रात: ब्रिक्स के नेता ब्रिक्स प्रतिबंधित सत्र में शामिल होंगे जो गोपनीय सत्र होगा। आशा है कि इस सत्र के दौरान होने वाली चर्चाओं में समकालीन विश्‍व में राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रयोग के लिए चुनौतियों और अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद ब्रिक्स पूर्ण सत्र होगा जहां नेता ब्रिक्स समाज के आर्थिक विकास के लिए अंतर ब्रिक्स सहयोग पर चर्चा करेंगे। इसके बाद ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के साथ ब्रिक्स नेताओं की बैठक होगी। इस बातचीत के दौरान ब्राजील ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के अध्‍यक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्‍तुत करेगें। न्‍यू डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष द्वारा एक और रिपोर्ट भी सौंपी जाएगी। इसके तुरंत बाद व्यापार और निवेश संवर्धन एजेंसियों के बीच ब्रिक्स समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे । शिखर सम्मेलन के समापन पर नेता संयुक्त घोषणा जारी करेंगे ।

मित्रों, इसकी पृष्ठभूमि इस प्रकार है। ब्रिक्स पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है जिसमें दुनिया की 42 प्रतिशत आबादी शामिल है,जिसमें वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 23 प्रतिशत और लगभग17 प्रतिशत हिस्सा विश्व व्यापार का है । पिछले वर्ष हमने जोहानसबर्ग में ब्रिक्स की10वीं वर्षगांठ मनाई थी। ब्रिक्स सहयोग में व्यापार, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कृषि, संचार आदि सहित कई क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के जरिए नेताओं और मंत्रियों की बैठक के माध्यम से पारस्परिक हित के मुद्दों पर विचार-विमर्श सहित दो स्तंभ है। शेरपा तंत्र निश्चित रूप से वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर एक महत्वपूर्ण तंत्र है ताकि जायजा लिया जा सके और दिशा दी जा सके । ब्रिक्स के अन्य विनिमयों को मोटे तौर पर संसदीय आदान-प्रदान,मंत्रिस्तरीय बैठकों,कार्य समूहों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के रूप में चिह्नित किया जा सकता है। इसमें युवाओं की भागीदारी और इसी प्रकार के अनेक अन्य अभ्यासों सहित लोगों के बीच आदान-प्रदान भी शामिल है ।

उच्च स्तरीय और कार्य समूह की बैठकों के नेटवर्क के माध्यम से ब्रिक्स एजेंडे में आपसी चिंता के मुद्दों को शामिल करने के लिए काफी विस्तार हुआ है। शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कई मंत्रिस्तरीय बैठकें पहले ही हो चुकी हैं। जहां तक2019 का प्रश्‍न है,ब्रिक्स में आतंकवाद से निपटने के क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं। पिछले वर्षों में भारत ने ब्रिक्स को प्रेरित करने का नेतृत्व किया है।

हमने ब्रिक्स में भी मिलकर काम किया है ताकि न केवल आतंकवाद के विरूद्ध कड़ा रुख अपनाया जा सके बल्कि आतंकवाद से संबंधित विशिष्ट पहलुओं पर केंद्रित विचार-विमर्श करने का भी काम किया जा सके। इस वर्ष आतंकवाद का मुकाबला करने वाले संयुक्त कार्य दल ने निम्नलिखित क्षेत्रों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए पांच उप कार्य समूहों के गठन का निर्णय लिया है। आतंकवादी वित्तपोषण,आतंकवादी प्रयोजनों के लिए इंटरनेट का उपयोग, कट्टरता का मुकाबला करना, विदेशी आतंकवादी लड़ाकों का मुद्दा और क्षमता निर्माण।

आशा है कि भारत आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट के प्रयोग पर उपसमूह की अध्यक्षता करेगा। पिछले महीने ब्रिक्स के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठकों के दौरान इस संदर्भ में एनएसए ने भारत में डिजिटल फॉरेंसिक पर ब्रिक्स कार्यशाला की मेजबानी का प्रस्ताव सामने रखा है। ब्राजील ने भी अपने राष्ट्रपति पद के लिए आतंकवाद को अपनी प्राथमिकताबना दिया है। उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए रणनीतियों पर पहली ब्रिक्स संगोष्ठी का आयोजन किया।

इसके अलावा, जैसा कि आप बहुपक्षीयता के प्रश्न पर जानते हैं,प्रधानमंत्री ने सुधार बहुपक्षीयता के लिए अपने दृष्टिकोण को व्यक्त किया है और बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत और सुधार के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया है कि जब हम बहुपक्षीयता का आह्वान करते हैं,तो हमें बहुपक्षीयता की यथास्थिति को सुदृढ़ करने का आह्वान नहीं करना चाहिए बल्कि बहुपक्षीयता में सुधार करना चाहिए क्योंकि ब्रिक्स ने मूल रूप से यही करना तय किया था।

प्रधानमंत्री के विजन में रियो में ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों के संयुक्त बयान में पहली बार उल्लेख किया गया है और नेताओं के बीच प्रतिध्वनि पाई गई है। ब्रिक्स फिल्म समारोह,ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक मंच सहित वर्षों से ब्रिक्स फिल्म समारोह,ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक मंच सहित कई लोगों की भारत द्वारा शुरू की गई पहल आदि ने ब्रिक्स युवाओं के साथ संबंध तेज कर दिए हैं। ब्रिक्स अकादमिक मंच ने महत्वपूर्ण चर्चाएं की हैं जिन्‍हें ब्रिक्स प्रक्रिया में पोषित किया गया है। भारत, मार्च 2020 में पहली ब्रिक्स फिल्म प्रौद्योगिकी संगोष्ठी की मेजबानी भी करेगा। जहां तक इस वर्ष शिखर सम्मेलन के दौरान कुछ महत्वपूर्ण प्रदेयों का संबंध है,जैसा कि आपने पहले ब्रिक्स की व्यापार और निवेश संवर्धन एजेंसियों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। ब्रिक्स नेता महिला व्यापार गठबंधन स्थापित करने पर भी सहमत होंगे।

आईब्रिक्स-इनोवेशन ब्रिक्स नेटवर्क शुरू किया जाएगा जिसमें शोध संस्‍थान जैसे साइंस पार्क,इनक्यूबेटर,एक्सीलेरेटर आदि की नेटवर्किंग शामिल होगी। नेता ब्रिक्स इंस्टीट्यूट ऑफ फ्यूचर नेटवर्क का भी शुभारंभ करेगें। जिसकी अवधारणा पर इस वर्ष अगस्त में दूरसंचार मंत्रियों ने सहमति व्‍यक्‍त की है। तपेदिक अनुसंधान के क्षेत्र में अधिक ध्यान दिया जाएगा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के अलावा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति बोलसोनारो के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री की यह दूसरी ब्राजील यात्रा है और1 जनवरी 2019 को राष्ट्रपति बोलसोनारो के नेतृत्व में नए प्रशासन के सत्ता संभालने के बाद उनकी पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री ने जी-20शिखर सम्मेलन के हाशिए पर इस वर्ष की शुरुआत में ओसाका में ब्राजील के राष्ट्रपति से मुलाकात की थी । मेरी टिप्पणी समाप्त होती है और अब मैं प्रश्‍न आमंत्रित करता हूं।

सरकारी प्रवक्ता श्री रवीश कुमार: धन्यवाद महोदय कोई प्रश्‍न?

प्रश्न: महोदय,जैसा कि आपने कहा था कि ब्रिक्स नेताओं को बात करने का अवसर प्रदान करता है,अधिकारियों को बात करने का अवसर मिलता है और आप भी जानते हैं,शेरपा भी बात करते हैं। तो क्या आप इस सम्‍मलेन में चीनी अधिकारियों या यहां तक कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बात करने जा रहे हैं?

प्रश्न: धन्यवाद श्री कुमार। मैं ब्रिक्स महिला गठबंधन के बारे में और जानना चाहता था,यह कैसे होता है,यह कब लागू होता है और इस गठबंधन के उद्देश्य क्या हैं,धन्यवाद ।

प्रश्न: क्या आप मुझे ब्रिक्स बैंक पर अपडेट दे सकते हैं,आप जानते हैं कि अब यह कितना कार्यात्मक है, इसने कितना उधार दिया है, धन्यवाद।

सचिव (पूर्वी क्षेत्र),श्री टी. एस. तिरुमूर्ति: आपका तात्‍पर्य है कि न्‍यू डेवलपमेंट बैंक?बस, इस समय हम अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक नियत कर रहे हैं और अभी तक समय निश्‍चित नहीं है,लेकिन जब भी हम नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता तय करेगें तो हम आपसे संवाद करने की स्थिति में होंगे। यह चीनी राष्ट्रपति के अनुरोध का आपका उत्‍तर है।

जहां तक ब्रिक्स महिला गठबंधन का संबंध है, यह एक ऐसा मामला रहा है जिस पर चर्चा की गई है जहां महिला व्यवसाय और महिला उद्यमियों के व्यापार समुदाय से संबंधित मुद्दों पर जो अलग दृष्टिकोण हैं,वे ब्रिक्स प्रक्रिया में कैसे परिलक्षित हो सकते हैं। जैसा कि आप सभी जानते है कि हम एक बहुत ही सशक्‍त ब्रिक्स व्यापार मंच है इसलिए उन्‍होंने महसूस किया कि शायद यह इसका विस्‍तार करने का समय है और अन्‍य पहलुओं को भी देखो और एक महत्वपूर्ण पहलू सीधा महिला व्यापार गठबंधन है और इसलिए मुझे लगता है कि काफी हद तक चर्चा की गई है और निष्कर्ष निकाला गया है और जब तक हम ब्रिक्स व्यापार गठबंधन के प्रक्षेपण की घोषणा करेंगे, कैसे और क्या आकार यह ले जाएगा,लेकिन हालांकि वास्तविक परिचालन, तो कहने के लिए,ब्रिक्स के रूसी राष्ट्रपति पद के दौरान होगा जो 2020 में होगा ।

और जहां तक न्‍यू डेवलपमेंट बैंक का संबंध है, आप जानते हैं कि बैंक ने शायद अब 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक उधार दिया है और वे विभिन्न क्षेत्रों को कवर करते हैं और वे पांच देशों को ऋण दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी प्रस्ताव किया था कि उन्हें स्वच्छ ऊर्जा पर ध्यान देना चाहिए और यह भी बहुत रुचि का क्षेत्र है जहां बैंक ने विशेष रूप से स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया है। तो इसलिए मुझे लगता है कि जहां तक बैंकों के हमारे आकलन का प्रश्‍न है,मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी तरह से किया है और अभी वे शायद पहले से ही विकल्प देख रहे है कि क्या वे बैंक की सदस्यता का विस्तार करना चाहते हैं ।

प्रश्न: देखिए,बहुपक्षीयता के बड़े ढांचे के भीतर ब्रिक्स की सही प्रासंगिकता क्या है,जैसे हम आरसीईपी में शामिल नहीं हो रहे हैं?

प्रश्‍न: ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि ब्राजील की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी निवेश से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे।

सचिव (पूर्वी क्षेत्र),श्री टी. एस. तिरुमूर्ति: मुझे लगता है कि मुझे यह कहना है कि ब्रिक्स ने अपने दस वर्षों में महत्वपूर्ण योगदान दिया हैऔर मुझे नहीं लगता कि ब्रिक्स की प्रासंगिकता के बारे में बहुत अधिक प्रश्न हो सकते हैं । जैसा कि मैंने ब्रिक्स से पहले उल्लेख किया है कि पांच प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाया गया है और जोहानसबर्ग में पिछले वर्ष दसवीं वर्षगांठ के स्मरणोत्सव में नेताओं ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया था कि ब्रिक्स ने वास्तव में अंतर्राष्ट्रीय संवाद में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

और यदि आप इसे न्‍यू डेवलपमेंट बैंक और आकस्मिक आरक्षित व्यवस्था को भी देखें,तो आप इसे ब्रिक्स का प्रमुख परिणाम कह सकते हैं । इसके अलावा मुझे लगता है कि ब्रिक्स जो मुख्य रूप से एक आर्थिक स्तंभ के साथ शुरू हुआ था,अब वास्तव में काफी विविध हो गया है, उसमें राजनीतिक और सामाजिक,राजनीतिक और सुरक्षा के मुद्दें हैं, वे सामाजिक-आर्थिक मुद्देंभी शामिल हो गए,लोगों के बीच की व्यस्तताऔर ब्रिक्स के एजेंडे में अब कई क्षेत्र शामिल हैं। मेरा मतलब है कि इसमें आईसीटी शामिल है,इसमें शिक्षा शामिल है, इसमें श्रम और रोजगार शामिल हैं,इसमें कृषि,व्यापार और निवेश, विज्ञान और प्रौद्योगिकी शामिल हैं। इसलिए, आप जानते हैं कि जब आप ब्रिक्स के क्षेत्र की सीमा को देखते हैं,तो निश्चित रूप से इसमें तेजी से वृद्धि हुई है और ब्रिक्स देश बहुत गंभीर और केंद्रित तरीके से संलग्न हैं।

और दूसरा यह कि बहुपक्षीयता में सुधार के प्रश्‍न पर दबाव समूह होने और वैश्विक शासन संस्थानों में सुधार के प्रश्‍न पर भी ब्रिक्स की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है । मैं समझता हूं कि यह एक महत्वपूर्ण कारक रहा है और हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि ब्रिक्स द्वारा उठाए जाने वाले कई मुद्दे ऐसे मुद्दे हैं जो विकासशील देशों के लिए बहुत प्रासंगिक हैं और इसलिए यह एक अन्य भूमिका है जो ब्रिक्स ने स्वयं पर ली है। वास्‍तव में,ब्रिक्स स्‍वयं को विकासशील देशों और विकसित विश्‍व के बीच एक सेतु के रूप में देखता है। और हमारे पास उच्चतम स्तर पर नियमित बैठकें भी हैं न केवल नेतृत्व स्तर पर,विदेश मंत्रियों के स्तर पर ब्रिक्स की बैठकें होती हैं और अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर ब्रिक्स की बैठकें होती हैं।

इसलिए मैं यह सोचता हूं कि जब आप देखते हैं कि हम 10वर्ष पहले कहां थे और अब हम कहां हैं,और ब्रिक्स ने जो भूमिका निभाई है, वह मेरे विचार से इसकी प्रासंगिकता का कोई प्रश्न नहीं है। यही उत्तर है जो मैं आपके प्रश्न का देना चाहूंगा ।

और मैं अटकलों का उत्‍तर नहीं देना चाहता, लेकिन अब हम किसी को नहीं देख रहे हैं।आपको पता है किनिवेश पर किसी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। हम उस समझौता ज्ञापन को देख रहे हैं जिस पर ब्रिक्स के संदर्भ में हस्ताक्षर किए जाएंगे।

सरकारी प्रवक्ता,श्री रवीश कुमार: धन्यवाद महोदय,सुरेश।

प्रश्‍न: क्या कोई सामुदायिक आयोजन है?

सरकारी प्रवक्ता श्री रवीश कुमार: नहीं,कोई सामुदायिक आयोजन नहीं है।

प्रश्‍न:............ यदि ब्रिक्स देशों के बीच मुद्रा विनिमय और क्या ब्रिक्स रुपे कार्ड के उपयोग के लिए राज़ी है,तो मेरा मतलब है कि क्या आपने उन्हें सुझाव दिया है?

सचिव (पूर्वी क्षेत्र),श्री टी एस तिरुमूर्ति: नहीं, इस समय हम ब्रिक्स देशों में इस रुपे कार्ड पर चर्चा नहीं कर रहे हैं ।

सरकारी प्रवक्ता श्री रवीश कुमार: विशेष ब्रीफिंग समाप्‍त होती है। शामिल होने के लिए आप सभी का धन्‍यवाद।

(समापन)



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