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विदेश मंत्री की चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक

सितम्बर 11, 2020

विदेश मंत्री ने भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा तनाव पर 10 सितंबर 2020 को मॉस्को में चीन के स्टेट काउन्सलर तथा विदेश मंत्री वांग यी के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक ढाई घंटे तक चली।

2.​ विदेश मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि 1976 में राजदूत स्तर के संबंधों को फिर से शुरू करने और 1981 से सीमा वार्ता आयोजित करने के बाद से भारत-चीन संबंध बड़े पैमाने पर सकारात्मक पथ पर विकसित हुए हैं। जहां समय-समय पर घटनाएं होती रही हैं लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और अमन कायम रहा है। नतीजतन, भारत-चीन सहयोग भी विचार सीमा की एक विस्तृत श्रृंखला में विकसित हुआ, जिससे रिश्ते को और अधिक मजबूत चरित्र मिला है। भारतीय पक्ष ने माना कि सीमा से जुड़े मसले के समाधान के लिए समय और प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट है कि सीमा के क्षेत्रों में शांति और अमन का रखरखाव संबंधों के आगे के विकास के लिए आवश्यक है। हालांकि पूर्वी लद्दाख में हाल की घटनाओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विकास को अनिवार्य रूप से प्रभावित किया है। इसलिए, वर्तमान स्थिति का एक तात्कालिक समाधान दोनों राष्ट्रों के हित में है।

3. बैठक में, भारतीय पक्ष ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हथियारों और उपकरणों के साथ चीनी सैनिकों की बड़े पैमाने पर तैनाती को लेकर चिंता व्यक्त की। इतनी बड़ी संख्या में सैनिकों की उपस्थिति 1993 और 1996 के समझौतों के अनुसार उचित नहीं है और एलएसी पर तनाव बढ़ाने वाले भड़काऊ कदम चीनी पक्ष ने इस तैनाती के लिए कोई विश्वसनीय स्पष्टीकरण नहीं दिया है। एलएसी पर संघर्ष की कई घटनाओं में चीनी फ्रंटलाइन सैनिकों के भड़काऊ व्यवहार ने भी द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के प्रति उपेक्षा दिखाई है। भारत ने स्पष्ट रूप से चीन को अवगत कराया कि वह सीमा क्षेत्रों के प्रबंधन पर सभी समझौतों के पूर्ण पालन की उम्मीद करता है और एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदलने के किसी भी प्रयास को नहीं मानेगा। विदेश मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय सैनिकों ने सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रबंधन से संबंधित सभी समझौतों और प्रोटोकॉलों का बखूबी पालन किया है।

4.​ तात्कालिक कार्य है,टकराव वाले सभी क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी सुनिश्चित करना। भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह आवश्यक है। तैनात सैनिकों की उनकी स्थायी चौकियों पर वापसी और प्रक्रिया को चरणबद्ध करने का अंतिम काम सैन्य कमांडरों द्वारा किया जाएगा।

5.​ अपनी चर्चा के अंत में, दोनों मंत्रियों ने पांच बिंदुओं पर सहमती बनाई, जो मौजूदा स्थिति पर उनके दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करेगा।

नई दिल्ली
11 सितंबर, 2020


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