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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 2021-22 में अपनी उम्मीदवारी के लिए भारत की प्राथमिकताएं दर्शाने के लिए विवरण पुस्तिका के विमोचन के दौरान विदेश मंत्री की टिप्पणी

जून 05, 2020

धन्यवाद।


आप सभी जानते हैं कि भारत जनवरी 2021 से शुरू होने वाले दो साल के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक गैर-स्थायी सीट के लिए एक उम्मीदवार है।

यह चुनाव 17 जून को संयुक्त राष्ट्र में होगा और भारत अपने क्षेत्रीय समूह से एकल समर्थित उम्मीदवार है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अंतिम बार चुने जाने के दस साल बाद, हम अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को लेकर चार अलग-अलग चुनौतियों का सामना कर रहे हैं:

● तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय शासन की सामान्य प्रक्रिया अत्यधिक दबाव झेल रही है।

● पारंपरिक एवं गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां अनियंत्रित रूप से जारी हैं- आतंकवाद ऐसी समस्याओं का जबर्दस्त उदाहरण है।

● वैश्विक संस्थानों में कोई सुधार नहीं हुआ है और प्रतिनिधित्व नहीं बढ़ा है, इसलिए वे परिणाम देने में कम सक्षम हैं।

● कोविड-19 वैश्विक महामारी और इसके गंभीर आर्थिक प्रभाव विश्व की असाधारण परीक्षा लेंगे।

इस असाधारण स्थिति में भारत एक सकारात्मक भूमिका निभा सकता है।

विदेश मंत्री ने कहा कि हम हमेशा से तार्किक आवाज और अंतरराष्ट्रीय कानून के तरफदार रहे हैं। हम वैश्विक मुद्दों के प्रति हमारे दृष्टिकोण में संवाद, विचार-विमर्श और निष्पक्षता की वकालत करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत उस वैश्विक विकास पर जोर देता है जिसमें जलवायु परिवर्तन और गरीबी उन्मूलन को धरती के भविष्य के लिए अहम माना जाए।

आज, मैं एक संक्षिप्त विवरण पुस्तिका जारी कर रहा हूं जो हमारी उम्मीदवारी के लिए हमारे दृष्टिकोण को निर्धारित करता है।

यह प्रधानमंत्री के शब्दों में, हमारे पांच "एस" दुनिया के लिए दृष्टिकोण को दर्शाता है:

• सम्मान (Respect),
• संवाद (Dialogue),
• सहयोग (Cooperation), तथा
• शांति (Peace),
• सार्वभौमिक समृद्धि (Prosperity) के लिए परिस्थितियां बनाना

इस दृष्टिकोण के माध्यम से, हम एक सुधारित बहुपक्षीय प्रणाली के लिए एक नए अनुकूलन की ओर बढ़ना चाहते हैं, - जिसे NORMS के रूप में भी जाना जाता है।

विवरणिका में प्राथमिकताओं को बताया गया है जो हम अपने लिए निर्धारित करते हैं:

● जिम्मेदार और समावेशी समाधान की तलाश;

● अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए सुरक्षा परिषद में ठोस और परिणामोन्मुखी कार्रवाई;

● समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने के लिए बहुपक्षीय सुधार;

● शांति और सुरक्षा के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण, संवाद द्वारा निर्देशित, पारस्परिक सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय कानून के लिए प्रतिबद्धता, जिसके लिए हम संयुक्त राष्ट्र पीस्कीपिंग को कारगर बनाने में मदद करने की उम्मीद करते हैं; तथा

● मानव स्पर्श के साथ प्रौद्योगिकी।

अंत मैं कहना चाहता हुँ कि एक नियम-पालन करने वाले लोकतंत्र और वैश्विक कॉमन्स की सुरक्षा में एक सकारात्मक योगदानकर्ता के रूप में, भारत यह करेगा:

● पुरानी और नई फाल्ट लाइनों को दूर करने के लिए भागीदारों के साथ रचनात्मक रूप से काम करें, और अभिनव और समावेशी समाधान पेश करना;

● कोविड -19 महामारी से उबरने के लिए आवश्यक समर्थन प्राप्त करने में विकासशील देशों की मदद करना;

● विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद करना;

● एक नए परिप्रेक्ष्य को आकार देने में महिलाओं और युवाओं की अधिक भागीदारी का समर्थन करना; और अंत में,

● परिषद की पारदर्शिता, विश्वसनीयता, प्रतिनिधित्व और अंतत: प्रभावशीलता में वृद्धि करना, जिससे इसके संस्थागत सुधार को बढ़ावा मिले।

आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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