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भारत-अमेरिका के नेताओं का संयुक्त वक्तव्य: वैश्विक हित के लिए एक साझेदारी (सितम्बर 24, 2021)

सितम्बर 24, 2021

राष्ट्रपति जोसेफ आर. बाइडेन ने आज व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया, दोनों नेताओं के बीच पहले व्यक्तिगत संबंध के लिए, उनके घनिष्ठ संबंधों को नवीनीकृत करने और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने हेतु एक नया मार्ग तैयार करने के लिए।

दोनों नेताओं ने दृढ़तापूर्वक एक स्पष्ट दृष्टिकोण को रखा जो अमेरिका-भारत संबंधों को आगे बढ़ाएगा: एक रणनीतिक साझेदारी का निर्माण और क्षेत्रीय समूहों के साथ मिलकर काम करना, जिसमें आसियान और क्वाड सदस्य शामिल हैं, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और उससे आगे साझा हितों को बढ़ावा देना; एक व्यापार और निवेश साझेदारी विकसित करना जो दोनों देशों में कामकाजी परिवारों के लिए समृद्धि को बढ़ाता है; कोविड-19 महामारी और अन्य स्वास्थ्य चुनौतियों के खिलाफ लड़ाई को पूरा करना; जलवायु कार्रवाई को बढ़ाने के लिए वैश्विक प्रयासों को बढ़ावा देना; हमारे लोगों के समर्थन में लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थानों को मजबूत करना; तथा लोगों से लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देना जिसने दोनों देशों को मजबूत बनाया है।

राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एक साल में कोविड-19 महामारी से मुकाबले के दौरान दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग के लिए गर्व और प्रशंसा व्यक्त की, क्योंकि सरकारें, नागरिक समाज, व्यवसाय और प्रवासी समुदाय हर देश की जरूरत के समय अभूतपूर्व तरीके से आपातकालीन राहत आपूर्ति साझा करने के लिए जुट गए थे। देश और विदेश में अपने नागरिकों की रक्षा के लिए टीके की करोड़ों खुराकें देने के बाद, उन्होंने इस महामारी को समाप्त करने के वैश्विक प्रयास का नेतृत्व करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्रपति बाइडेन ने भारत की घोषणा का स्वागत किया कि वह कोवैक्स सहित सुरक्षित और प्रभावी कोविड-19 टीकों के निर्यात को फिर से शुरू करेगा। दोनों नेताओं ने भविष्य की महामारियों के जोखिम को कम करने के लिए महामारी से बचाव की तैयारी और जैव चिकित्सा अनुसंधान सहित वैश्विक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य और जैव चिकित्सा विज्ञान पर व्यापक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने की भी सराहना की।

कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने को लेकर हमारी साझा प्रतिबद्धता को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने महामारी को समाप्त करने और आने वाले समय की बेहतर तैयारी के लिए ग्लोबल कोविड-19 शिखर सम्मेलन आयोजित करने की राष्ट्रपति बाइडेन की पहल का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस समझौते में संयुक्त राज्य अमेरिका की वापसी सहित जलवायु कार्रवाई पर अमेरिकी नेतृत्व का स्वागत किया। राष्ट्रपति बाइडेन ने 2030 तक 450 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा स्थापित करने के घरेलू लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रधानमंत्री मोदी के इरादे के लिए समर्थन व्यक्त किया और अक्षय ऊर्जा, भंडारण तथा ग्रिड बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए वित्त जुटाने के महत्व को स्वीकार किया जो लाखों भारतीय परिवारों को स्वच्छ, विश्वसनीय बिजली की गारंटी देगा। यूएस-इंडिया क्लाइमेट एंड क्लीन एनर्जी एजेंडा 2030 पार्टनरशिप के तहत स्ट्रैटेजिक क्लीन एनर्जी पार्टनरशिप (एससीईपी) और क्लाइमेट एक्शन एंड फाइनेंस मोबिलाइजेशन डायलॉग (सीएएफएमडी) इन दो मुख्य ट्रैक से, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत स्वच्छ ऊर्जा विकास और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों की तैनाती में तेजी लाएंगे। भारत ने उद्योग संक्रमण के लिए नेतृत्व समूह (लीडआईटी) में संयुक्त राज्य अमेरिका के शामिल होने का स्वागत किया।

राष्ट्रपति बाइडेन ने संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच रक्षा संबंधों की दृढ़ता को दोहराया और एक प्रमुख रक्षा भागीदार के रूप में भारत के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की जो सूचना साझाकरण, रसद साझा करने और सैन्य-से-सैन्य संवाद, उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय भागीदारों सहित एक बहुपक्षीय ढांचे में जुड़ाव के ज़रिये परिलक्षित होता है। दोनों नेताओं ने उन्नत औद्योगिक सहयोग को गहरा करने का स्वागत किया। इस संदर्भ में, उन्होंने रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल के तहत एयर-लॉन्च किए गए मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) के सह-विकास के लिए हालिया परियोजना का उल्लेख किया और इस तरह के और अधिक संयुक्त प्रयासों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने सरकार और निजी हितधारकों से सह-विकास, सह-उत्पादन और आपसी रक्षा व्यापार के विस्तार के लिए रक्षा उद्योगों में नवाचार और उद्यमिता के मौजूदा पारिस्थितिकी तंत्र का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने उच्चस्तरीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को सुगम बनाने के लिए औद्योगिक सुरक्षा समझौता शिखर सम्मेलन की उद्घाटन बैठक के प्रति तत्परता दिखाई।

नेताओं ने इस बात को दोहराया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई में एक साथ खड़े हैं, और वे सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेंगे, जिसमें यूएनएससीआर 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा प्रतिबंधित समूह भी शामिल हैं, उन्होंने सीमा पार आतंकवाद की निंदा की, और 26/11 के मुंबई हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया। उन्होंने आतंकवाद के किसी भी रूप और किसी भी उपयोग की निंदा की तथा आतंकवादी समूहों को किसी भी तरह की सैन्य, वित्तीय या रसद सहायता से इनकार करने के महत्व पर जोर दिया, जिसका उपयोग आतंकवादी हमलों को शुरू करने या योजना बनाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आगामी यूएस-इंडिया काउंटर टेररिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप, डेजिग्नेशन डायलॉग और नया यूएस-इंडिया होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग को और मजबूत करेगा, जिसमें खुफिया जानकारी साझा करने और कानून प्रवर्तन सहयोग के क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने आतंकवाद विरोधी प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के अवसरों का भी स्वागत किया। उन्होंने यूएस-इंडिया काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप की सराहना की और एक नए द्विपक्षीय ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्धता जताई जो नशीली दवाओं की तस्करी, अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादन और रासायनिक आपूर्ति श्रृंखलाओं से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की सुविधा प्रदान करेगा।

दोनों नेताओं ने संकल्प लिया कि तालिबान को यूएनएससी के प्रस्ताव 2593 (2021) का पालन करना चाहिए, जो कहता है कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल फिर कभी किसी देश को धमकाने या हमला करने या आतंकवादियों को शरण देने या प्रशिक्षित करने, या आतंकवादी हमलों की योजना बनाने या वित्तपोषित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, और साथ ही अफगानिस्तान में आतंकवाद का मुकाबला करने के महत्व को रेखांकित किया। नेताओं ने तालिबान से इन और अन्य सभी प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आह्वान किया, जिसमें अफगानों और सभी विदेशी नागरिकों के अफगानिस्तान से सुरक्षित और व्यवस्थित प्रस्थान तथा महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यक समूहों सहित सभी अफगानों के मानवाधिकारों का सम्मान करना शामिल है। उन्होंने अफगानिस्तान को मानवीय सहायता प्रदान करने के प्रयासों के महत्व पर जोर दिया, और तालिबान से आह्वान किया कि वह संयुक्त राष्ट्र, इसकी विशेष एजेंसियों और कार्यान्वयन भागीदारों, मानवीय राहत गतिविधियों में लगे सभी प्रकार के समूहों एवं आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पूर्ण, सुरक्षित, प्रत्यक्ष और निर्बाध पहुंच की अनुमति दे। अफगान लोगों के लिए विकास और आर्थिक अवसर को बढ़ावा देने के लिए अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, उन्होंने सभी अफगानों के लिए एक समावेशी और शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा में निकट समन्वय जारी रखने और भागीदारों के साथ संयुक्त रूप से काम करने का दृढ़ संकल्प लिया।

नेताओं ने म्यांमार में हिंसा के उपयोग को समाप्त करने, सभी राजनीतिक बंदियों की रिहाई और लोकतंत्र की शीघ्र वापसी का आह्वान किया। उन्होंने आसियान की पांच सूत्री सहमति के तत्काल कार्यान्वयन का भी आह्वान किया।

नेताओं ने क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता, तथा अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करते हुए एक मुक्त, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के अपने साझा दृष्टिकोण को देखते हुए बहुपक्षीय मंचों और क्वाड के तहत सहयोग में बढ़ोतरी का स्वागत किया। राष्ट्रपति बाइडेन ने अगस्त 2021 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के दौरान भारत के मजबूत नेतृत्व की सराहना की। इस संदर्भ में, राष्ट्रपति बाइडेन ने एक सुधारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अमेरिका के समर्थन को दोहराया और अन्य देशों के लिए भी जो बहुपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण चैंपियन हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की आकांक्षा रखते हैं। उन्होंने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत के प्रवेश के लिए अमेरिका के समर्थन की भी पुष्टि की। उन्होंने वैश्विक विकास के लिए त्रिकोणीय सहयोग पर मार्गदर्शक सिद्धांतों के विवरण के विस्तार का स्वागत किया ताकि दुनिया भर में वैश्विक विकास चुनौतियों का समाधान करने के लिए भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की संयुक्त क्षमताओं का लाभ उठाया जा सके, विशेष रूप से इंडो-पैसिफिक और अफ्रीका में। इसके अलावा, उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए यू.एस.-इंडिया गांधी-किंग डेवलपमेंट फाउंडेशन के जल्द शुभारंभ की उम्मीद जताई।

उन्होंने 2021 के समाप्त होने से पहले भारत-यू.एस. व्यापार नीति फोरम के दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई, व्यापार संबंधी चिंताओं को हल करके द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने, बढे हुए संबंधों के लिए विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान करने, तथा व्यापार संबंधों के भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी, साझा दृष्टिकोण विकसित करने को लेकर तत्परता दिखाई। नेताओं ने निजी क्षेत्र की प्रतिभाओं का लाभ उठाते हुए 2022 की शुरुआत में यूएस-इंडिया सीईओ फोरम और वाणिज्यिक वार्ता आयोजित करने की आशा की। नेताओं ने एक निवेश प्रोत्साहन समझौते पर चल रही बातचीत का उल्लेख किया जो विकास परियोजनाओं में निवेश की सुविधा प्रदान करता है और शीघ्र निष्कर्ष के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे चर्चा की कि कैसे संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत उन स्थायी और पारदर्शी नियमों को स्थापित करने के लिए मिलकर काम करेंगे जो पूरे इंडो-पैसिफिक में अर्थव्यवस्थाओं को ऊपर उठाएंगे। उन्होंने आपदा रोधी अवसंरचना के गठबंधन और आगामी इंडो-पैसिफिक बिजनेस फोरम के माध्यम से बढ़े हुए सहयोग का स्वागत किया।

नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उनके देशों के बीच अत्यधिक कुशल पेशेवरों, छात्रों, निवेशकों और व्यापारिक यात्रियों की आवाजाही उनकी आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को बढ़ाती है। नेताओं ने दोनों देशों के बीच लचीली और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स, जैव प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत बनाने में दोनों देशों में निजी क्षेत्र की भागीदारी का स्वागत किया। नेताओं ने आर्थिक प्रगति और रणनीतिक प्राथमिकताओं को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के महत्व को पहचाना। उन्होंने प्रमुख क्षेत्रों में उच्च प्रौद्योगिकी वाणिज्य को गति देने के उद्देश्य से 2022 की शुरुआत में उच्च प्रौद्योगिकी सहयोग समूह (एचटीसीजी) को पुनर्जीवित करने के लिए तत्परता दिखाई।

नेताओं ने फैसला किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत को नए डोमेन तथा महत्वपूर्ण एवं उभरती हुई प्रौद्योगिकी के कई क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को जारी रखना और विस्तारित करना चाहिए, जैसे कि अंतरिक्ष, साइबर, स्वास्थ्य सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, एआई, 5 जी, 6 जी और भविष्य की पीढ़ी की दूरसंचार प्रौद्योगिकी, और ब्लॉकचैन में, जो नवाचार प्रक्रियाओं और अगली सदी के आर्थिक और सुरक्षा परिदृश्य को परिभाषित करेगा। नेताओं ने साइबर स्पेस में कमजोरियों और खतरों को दूर करने की मूलभूत आवश्यकता को पहचाना, जिसमें महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुविधाओं को बढ़ावा देना शामिल है, साथ ही उन्होंने रैंसमवेयर और अन्य साइबर अपराधों का मुकाबला करने के लिए सरकारों के बीच बढ़ती भागीदारी का स्वागत किया, जिसमें साइबर अपराधियों से निपटने के प्रयास भी शामिल हैं जो उनकी सीमाओं के भीतर से संचालित होते हैं। नेताओं ने स्थायी क्षमता निर्माण के महत्व को दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि साइबर खतरों का जवाब देने के लिए आपसी तकनीकी सहायता प्रयासों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जिसमें संवाद, संयुक्त बैठक, प्रशिक्षण और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना शामिल है। वे एक अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने के लिए तत्पर थे जो वर्ष के अंत तक बाहरी अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में डेटा और सेवाओं को साझा करने में मदद करेगा।

वैश्विक भागीदारों के रूप में, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत ने शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं लोगों से लोगों के जुड़ाव में अपने सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया। नेताओं ने इस वर्ष के अंत में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों की 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के माध्यम से होने वाले घनिष्ठ परामर्श का स्वागत किया।

नेताओं ने दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे और जीवंत संबंधों की प्रशंसा की, जो संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच विशेष गठजोड़ को रेखांकित करता है, और जिसने लगभग 75 वर्षों से उनकी साझेदारी को बनाए रखा है। उन्होंने फिर से दोहराया, और दूसरों को भी स्वतंत्रता, लोकतंत्र, सार्वभौमिक मानवाधिकार, सहिष्णुता और बहुलवाद, तथा सभी नागरिकों के लिए समान अवसरों के अपने साझा मूल्यों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, तथा सतत विकास और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में पुरावशेषों के प्रत्यावर्तन के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की सराहना की। नेतागण सांस्कृतिक वस्तुओं की तस्करी, चोरी, और अवैध व्यापार से निपटने के लिए अपने प्रयासों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध थे।

साझा मूल्यों और सिद्धांतों तथा बढ़ते रणनीतिक सम्मिलन को दर्शाते हुए, राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया, और इस बात के लिए उत्सुकता दिखाई कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत एक साथ क्या हासिल कर सकते हैं।

वाशिंगटन डी.सी.
सितम्बर 24, 2021

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